UP Nikay Chunav 2023: पतियों ने की थी चुनाव की तैयारी... अब आरक्षण ने पत्नियों को दे दिया मौका
नए आरक्षण से नगर पंचायत, नगर पालिका में अध्यक्ष पद के कई दावेदारों की तैयारियों पर ब्रेक लग गया है। आरक्षण बदलने से अब कई नेता अपनी पत्नियों को चुनाव लड़ने के लिए मना रहे हैं।
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दिसंबर में नगर पालिका और नगर पंचायत के अध्यक्ष पदों के लिए जारी आरक्षण के आधार पीलीभीत में कई नेताओं ने चुनाव की तैयारी की थी। अब नए आरक्षण ने उनकी तैयारियों पर पानी फेर दिया है। पीलीभीत, बीसलपुर नगर पालिकाओं और नौगवा पकड़िया नगर पंचायत में महिला सीट होने पर अब दावेदार पत्नियों को आगे ला रहे हैं। चुनाव लड़ने के लिए पत्नियों को मनाया जा रहा है।
नए आरक्षण से नगर पंचायत, नगर पालिका में अध्यक्ष पद के कई दावेदारों की तैयारियों पर ब्रेक लग गया है। तीन महीने पहले आरक्षण जारी किया गया तो दावेदारों ने तैयारी शुरू कर दी। सत्ताधारी पार्टी से टिकट लेने के लिए लखनऊ तक की दौड़-भाग की। रुठों को मनाया। इस बीच ओबीसी का मामला कोर्ट में पहुंचा तो निकाय चुनाव पर रोक लगा दी गई।
अब नए सिरे से अध्यक्ष पद का आरक्षण हुआ है, तो पूर्व में दावेदारी कर रहे पुरुषों ने सीट के बदलते ही अपनी पत्नियों को दावेदारों की लाइन में खड़ा कर दिया है। आरक्षण जारी होते ही इन लोगों ने रातों-रात प्रत्याशी के रूप में अपनी पत्नियों के फोटो फ्लेक्सी पर दर्ज करवा दिए हैं। पत्नियों को सामने रखकर चुनाव की रणनीति बनाई जानी शुरू कर दी है।
बीसलपुर में अध्यक्ष पद महिला के लिए आरक्षित
बीसलपुर नगरपालिका अध्यक्ष का पद महिला के लिए आरक्षित हो जाने के बाद संभावित प्रत्याशियों ने अब अपने घर की महिलाओं को चुनाव लड़ाने का मन बना लिया है।नौगवां पकड़िया नगर पंचायत में राज करेगी महिला
इस बार पहली बार बनी शहर से सटी नगर पंचायत नौगवा पकड़िया में अध्यक्ष का पद महिलाओं के लिए आरक्षित किया गया है। इससे पूर्व यहां का आरक्षण बदला हुआ था। अब नए आरक्षण के बाद पुरुषों ने अपनी पत्नियों व परिवार के अन्य लोगों की दावेदारी पेश की है। नवसृजित नगर पंचायत में इस कार्यकाल में अध्यक्ष के पद पर महिला राज करेगी।एक नगर पालिका और नगर पंचायत में नहीं बदला आरक्षण
नए आरक्षण में इस बार भी पूरनपुर नगर पालिका की सीट में कोई बदलाव नहीं किया गया है। यहां पर वर्ष 2012 में सीट अनारक्षित थी, 2017 में भी अनारक्षित रही थी और अब 2023 में भी सीट अनारक्षित ही है। इसी तरह से नगर पंचायत गुलरिया भिंडारा में भी सीट में कोई बदलाव नहीं हुआ है। वर्ष 2012 से यही सीट अनारक्षित है।
पूर्व में जारी आरक्षण में शहर से इन महिलाओं की थी दावेदारी
दिसंबर में आए आरक्षण के बाद शहर सीट के लिए भाजपा से तीन और सपा से दो महिलाओं ने अपनी दावेदारी करते हुए आवेदन किया था। इसको लेकर कोई निर्णय हो पाता तब तक रोक लग गई थी। भाजपा जिलाध्यक्ष संजीव प्रताप सिंह ने बताया कि आपत्ति का समय खत्म होने के बाद आठ अप्रैल से आवेदन लिए जाएंगे।
कुछ वार्डों के आरक्षण में हुआ बदलाव
एक दिन पहले नगर पालिका और नगर पंचायत के आरक्षण में बदलाव की सूची जारी हुई थी। शुक्रवार को वार्ड के आरक्षण को लेकर भी सूची को जारी कर दी गई। इससे यहां भी कुछ दावेदारों के समीकरण बदल गए हैं। ऐसी दशा में पहले से तैयारी कर चुके लोगों ने अब सगे संबंधियों पर दाव लगाने की तैयारी शुरू कर दी है।
नगर निकाय चुनाव के अध्यक्ष पद के आरक्षण के बाद जारी वार्डों के आरक्षण में कोई खास बदलाव नहीं हुआ है। शहर, बीसलपुर और पूरनपुर के कुछ वार्ड के आरक्षण में बदलाव ही हो सका है। वार्ड के आरक्षण में दिसंबर माह में जारी सूची में शहर के वार्ड नंबर 19 में पिछड़ा वर्ग की सीट थी। इस बार महिला पिछड़ा वर्ग हो गई है।
बीसलपुर का वार्ड 8 आरक्षित सीट थी जो अब अनारक्षित हो गई है। वार्ड नंबर 18 आरक्षित थी जो अब अनारक्षित हो गई है। पूरनपुर का वार्ड 9 में पहले पिछड़ा वर्ग की सीट थी, अब अनारक्षित हो गई है।