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होली को लेकर बरकरार रहा असमंजस
ब्यूरो /पीलीभीत।
Updated Wed, 23 Mar 2016 10:10 PM IST
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होली
- फोटो : अमर उजाला
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जिले के कुछ स्थानों पर मंगलवार रात हो गया होलिका दहन
जिले में बंगाली बाहुल्य क्षेत्र समेत कई स्थानों में खेली गई होली
होली पर्व की तिथि को लेकर जिले में असमंजस की स्थिति बनी रही। जिसके चलते शहर समेत जिले के बंगाली बाहुल्य व ग्रामीण अंचलों में मंगलवार रात होलिका दहन किया गया। होरियारों ने जमकर होली खेली और एक दूसरे से गले मिलकर पर्व की बधाई दी।
होली को लेकर रंगों की खुमारी वैसे तो कई दिन पहले ही छाने लगती है, लेकिन इस बार होली को लेकर असमंजस की स्थिति बनी रही। अगर पंचांग की बात करें तो उसमें होली खेलने की तारीख 24 मार्च है और यहीं तारीख सरकारी कैलेंडर में भी है। इधर असमंजस की स्थिति के बीच जिले में कई स्थानों पर मंगलवार रात ही विधि विधान से होलिका पूजन किया गया। शहर के मोहल्ला साहूकारा के तीन स्थानों पर व मोहल्ला ताखान के दो स्थानों पर मंगलवार रात में होलिका दहन किया गया। इन स्थानों पर धुलेंड़ी आज हो गई। लोगों ने जमकर होली खेली और दूसरे से गले मिलकर पर्व की बधाई दी। जिले के अन्य स्थानों पर बुधवार रात में होलिका दहन किया जाएगा।
पूरनपुर। तहसील क्षेत्र के गांव जोगराजपुर, सेहरामऊ, सबलपुर, दिलावरपुर गांव में मंगलवार पूजा अर्चना के साथ होलिका दहन किया गया। होरियारों ने टोलियों ने जमकर हुड़दंग काटा। शाम को लोगों ने घर-घर जाकर पर्व की बधाई दी।
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माधोटांडा के तराई क्षेत्र के बंगाली बाहुल्य पुरैना ताल्लुके महाराजपुर, रमनगरा, धुरिया पलिया, गभिया सहराई, नौजल्हा, कंजिया सिंहपुर समेत सभी बंगाली कॉलोनियों में मंगलवार देर शाम विधि विधान से होलिका दहन किया गया। बुधवार सुबह होते ही इन कॉलोनियों में रंगों की बौछार शुरू हो गई। इसके अलावा बंगाली परपंरा के मुताबिक टोलियां प्रत्येक कॉलोनी में बंगला भाषा में कीर्तन करती हुई घर-घर पहुंची। वहीं लोगों ने भी अबीर गुलाल लगाकर मुंह मीठा कराया। दोपहर बाद लोगों ने नए वस्त्र पहनकर एक दूसरे को गले मिलकर होली की शुभकामनाएं दी। उधर कस्बा सहित अन्य क्षेत्र में होली का त्योहार बृहस्पतिवार को मनाया।
जिले में बंगाली बाहुल्य क्षेत्र समेत कई स्थानों में खेली गई होली
होली पर्व की तिथि को लेकर जिले में असमंजस की स्थिति बनी रही। जिसके चलते शहर समेत जिले के बंगाली बाहुल्य व ग्रामीण अंचलों में मंगलवार रात होलिका दहन किया गया। होरियारों ने जमकर होली खेली और एक दूसरे से गले मिलकर पर्व की बधाई दी।
होली को लेकर रंगों की खुमारी वैसे तो कई दिन पहले ही छाने लगती है, लेकिन इस बार होली को लेकर असमंजस की स्थिति बनी रही। अगर पंचांग की बात करें तो उसमें होली खेलने की तारीख 24 मार्च है और यहीं तारीख सरकारी कैलेंडर में भी है। इधर असमंजस की स्थिति के बीच जिले में कई स्थानों पर मंगलवार रात ही विधि विधान से होलिका पूजन किया गया। शहर के मोहल्ला साहूकारा के तीन स्थानों पर व मोहल्ला ताखान के दो स्थानों पर मंगलवार रात में होलिका दहन किया गया। इन स्थानों पर धुलेंड़ी आज हो गई। लोगों ने जमकर होली खेली और दूसरे से गले मिलकर पर्व की बधाई दी। जिले के अन्य स्थानों पर बुधवार रात में होलिका दहन किया जाएगा।
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पूरनपुर। तहसील क्षेत्र के गांव जोगराजपुर, सेहरामऊ, सबलपुर, दिलावरपुर गांव में मंगलवार पूजा अर्चना के साथ होलिका दहन किया गया। होरियारों ने टोलियों ने जमकर हुड़दंग काटा। शाम को लोगों ने घर-घर जाकर पर्व की बधाई दी।
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माधोटांडा के तराई क्षेत्र के बंगाली बाहुल्य पुरैना ताल्लुके महाराजपुर, रमनगरा, धुरिया पलिया, गभिया सहराई, नौजल्हा, कंजिया सिंहपुर समेत सभी बंगाली कॉलोनियों में मंगलवार देर शाम विधि विधान से होलिका दहन किया गया। बुधवार सुबह होते ही इन कॉलोनियों में रंगों की बौछार शुरू हो गई। इसके अलावा बंगाली परपंरा के मुताबिक टोलियां प्रत्येक कॉलोनी में बंगला भाषा में कीर्तन करती हुई घर-घर पहुंची। वहीं लोगों ने भी अबीर गुलाल लगाकर मुंह मीठा कराया। दोपहर बाद लोगों ने नए वस्त्र पहनकर एक दूसरे को गले मिलकर होली की शुभकामनाएं दी। उधर कस्बा सहित अन्य क्षेत्र में होली का त्योहार बृहस्पतिवार को मनाया।