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कार्रवाई को कसा शिकंजा तो अफसरों को गुमराह करने लगा निलंबित एचईओ

Tue, 17 Sep 2019 02:20 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 17 Sep 2019 02:20 AM IST
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Health
पीलीभीत। अनुशानहीनता के आरोप में निलंबित चल रहे एचईओ (हेल्थ एजूकेशन ऑफिसर) धीरेंद्र सिंह पर शिकंजा कसने के साथ सख्त कार्रवाई किए जाने की स्वास्थ्य विभाग ने रणनीति बनाई तो वह संगीन आरोपों में खुद को घिरा देख अफसरों को गुमराह करने की कोशिश करने लगा है। इधर, सरकारी आवास से कब्जा नहीं छोड़ने और निलंबन अवधि में संबंद्ध किए एडी हेल्थ मुरादाबाद कार्यालय में उपस्थिति दर्ज नहीं कराने समेत कई गंभीर मामलों में धीरेंद्र सिंह पर शिकंजा कसने की तैयारी कर ली गई है।
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अक्सर सुर्खियों में छाए रहने वाले स्वास्थ्य विभाग में एचईओ के पद पर तैनात धीरेंद्र सिंह की मुश्किलेें अब और बढेंगी। धीरेंद्र सिंह का 2015 में रामपुर तबादला करने के बाद उनको रिलीव भी कर दिया गया था। रामपुर में उपस्थिति दर्ज कराने के बावजूद धीरेंद्र सिंह ने यहां जिला अस्पताल स्थित सरकारी आवास नहीं छोड़ा और करीब आठ साल पूर्व मिली गाड़ी पर भी कब्जा जमाए रहे। इसको लेकर जब शासन स्तर तक शिकायतें हुई तो धीरेंद्र सिंह को अफसरों की ओर से इसको लेकर सख्त निर्देश दिए गए, लेकिन इसका भी पालन नहीं किया। इसे अनुशासनहीनता मानते हुए 30 मार्च 2016 को धीरेंद्र सिंह को निलंबित कर एडी मुरादाबाद कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया। धीरेंद्र सिंह ने मनमानी व अपने रसूख का इस्तेमाल कर वह भी ज्वाइन नहीं किया। इसका संज्ञान लेकर एडी मुरादाबाद डॉ. ज्ञान सिंह ने धीरेंद्र सिंह का वेतन रोकने के साथ ही पीलीभीत का सरकारी आवास खाली कराने और सरकारी गाड़ी वापस लेने के अफसरों को आदेश कर दिए। पूर्व में विशेष सचिव मानवेंद्र सिंह ने भी परिवार कल्याण के महानिदेशक को पत्र लिखकर आवास और सरकारी वाहन आवंटित करने वाले अधिकारी का जवाब तलब कर पर कार्रवाई की बात कही थी। धीरेंद्र सिंह ने ट्रांसफर रुकवाने को कोर्ट की शरण भी ली थी, लेकिन उसे राहत नहीं मिली। इधर, पिछले दिनों निलंबित एचईओ पर शिकंजा कसने के लिए अफसरों ने मन बनाया तो वह कार्रवाई से बचने को गुमराह करने की कोशिश करने लगा।
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जिला महिला अस्पताल के आवास पर अवैध रूप से काबिज धीरेंद्र को बेदखल करने के लिए कई बार शासन को लिख चुकी हूं। डीएम साहब को भी इस बारे में अवगत करा दिया है। धीरेंद्र को नोटिस भी दिया जा चुका है, लेकिन वह आवास खाली नहीं कर रहा है। अब उसके खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा।
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- डॉ. अनीता चौरसिया, सीएमएस, महिला अस्पताल

यह मामला अभी तक मेरे संज्ञान में नहीं लाया गया है। लंबे समय से निलंबित चल रहे एचईओ किस आधार पर आवास और सरकारी वाहन पर कब्जा जमाए है, इसकी जानकारी कराई जाएगी। अगर कोई गड़बड़ी निकलती है, तो कार्रवाई तय है।
- वैभव श्रीवास्तव, डीएम
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