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Pilibhit News: मजिस्ट्रीयल जांच में दोबारा भी बयान व साक्ष्य देने नहीं आए
Wed, 29 Jan 2025 01:15 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Wed, 29 Jan 2025 01:15 AM IST
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पूरनपुर। मुठभेड़ में मारे गए खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स के आतंकियों की मजिस्ट्रीयल जांच में दोबारा भी कोई बयान या साक्ष्य देने नहीं पहुंचा। आतंकियों के परिजन भी अब तक पक्ष रखने नहीं आए हैं।
अब आतंकियों का मेडिकल, पोस्टमाॅर्टम करने वाले चिकित्सकों, मुठभेड़ में शामिल टीम, पंचनामा के गवाहों के बयान होंगे। इसके लिए सिटी मजिस्ट्रेट ने एसपी और अन्य अफसरों को पत्र भेजे हैं।
पंजाब के गुरदासपुर की कालानौर थाने की बख्शीवाला पुलिस चौकी पर 18 दिसंबर को ग्रेनेड फेंकने के तीनों आतंकियों को 23 दिसंबर की सुबह पूरनपुर क्षेत्र में मुठभेड़ में मार गिराया गया था। आतंकियों को पूरनपुर के हरजी होटल में गजरौला जप्ती के जसपाल सिंह सनी ने ठहराया था।
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इसके लिए इंग्लैंड से आतंकवादी कुलबीर सिंह सिद्धू ने फोन किया था। डीएम के आदेश पर घटना की मजिस्ट्रीयल जांच की जा रही है।
जांच पीलीभीत के नगर मजिस्ट्रेट विजय वर्धन तोमर को सौंपी गई। सिटी मजिस्ट्रेट ने 28 दिसंबर से तीन जनवरी तक न्यायालय/ कार्यालय में पहुंचकर लोगों को घटना के संबंध में बयान, साक्ष्य देने के लिए बुुलाया था, उस दौरान कोई भी बयान देने नहीं आया।
सिटी मजिस्ट्रेट ने मुठभेड़ में मारे गए आतंकवादियों के परिजन को बयान देने को बुलाने के लिए एसपी को पत्र भेजा था, अब तक परिजन भी नहीं आए हैं।
मजिस्ट्रीयल जांच को लेकर दोबारा 18 जनवरी से 24 जनवरी तक बयान व साक्ष्य देने का लोगों को मौका दिया गया। सिटी मजिस्ट्रेट विजय वर्धन तोमर ने बताया कि दोबारा भी कोई साक्ष्य या बयान देने नहीं आया।
आतंकियों के परिजन भी अपना पक्ष रखने नहीं आए। बताया कि अब आतंकियों का मेडिकल, पोस्टमॉर्टम करने वाले चिकित्सकों, पंचनामा के गवाहों, मुठभेड़ में शामिल पुलिस टीम को बयान देने के लिए बुलाया गया है। इसके लिए एसपी और अन्य अफसरों को पत्र भेजा गया है।
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अब आतंकियों का मेडिकल, पोस्टमाॅर्टम करने वाले चिकित्सकों, मुठभेड़ में शामिल टीम, पंचनामा के गवाहों के बयान होंगे। इसके लिए सिटी मजिस्ट्रेट ने एसपी और अन्य अफसरों को पत्र भेजे हैं।
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पंजाब के गुरदासपुर की कालानौर थाने की बख्शीवाला पुलिस चौकी पर 18 दिसंबर को ग्रेनेड फेंकने के तीनों आतंकियों को 23 दिसंबर की सुबह पूरनपुर क्षेत्र में मुठभेड़ में मार गिराया गया था। आतंकियों को पूरनपुर के हरजी होटल में गजरौला जप्ती के जसपाल सिंह सनी ने ठहराया था।
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इसके लिए इंग्लैंड से आतंकवादी कुलबीर सिंह सिद्धू ने फोन किया था। डीएम के आदेश पर घटना की मजिस्ट्रीयल जांच की जा रही है।
जांच पीलीभीत के नगर मजिस्ट्रेट विजय वर्धन तोमर को सौंपी गई। सिटी मजिस्ट्रेट ने 28 दिसंबर से तीन जनवरी तक न्यायालय/ कार्यालय में पहुंचकर लोगों को घटना के संबंध में बयान, साक्ष्य देने के लिए बुुलाया था, उस दौरान कोई भी बयान देने नहीं आया।
सिटी मजिस्ट्रेट ने मुठभेड़ में मारे गए आतंकवादियों के परिजन को बयान देने को बुलाने के लिए एसपी को पत्र भेजा था, अब तक परिजन भी नहीं आए हैं।
मजिस्ट्रीयल जांच को लेकर दोबारा 18 जनवरी से 24 जनवरी तक बयान व साक्ष्य देने का लोगों को मौका दिया गया। सिटी मजिस्ट्रेट विजय वर्धन तोमर ने बताया कि दोबारा भी कोई साक्ष्य या बयान देने नहीं आया।
आतंकियों के परिजन भी अपना पक्ष रखने नहीं आए। बताया कि अब आतंकियों का मेडिकल, पोस्टमॉर्टम करने वाले चिकित्सकों, पंचनामा के गवाहों, मुठभेड़ में शामिल पुलिस टीम को बयान देने के लिए बुलाया गया है। इसके लिए एसपी और अन्य अफसरों को पत्र भेजा गया है।