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सरकारी सिस्टम फेल, निजी स्कूलों में कमीशन का खेल
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पीलीभीत। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के स्कूलों में कहने को तो राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) का पाठ्यक्रम लागू है मगर हकीकत इससे अलग है। स्कूलों में एक दो किताबें तो जरूर एनसीईआरटी की कोर्स में शामिल की जाती हैं लेकिन अधिकतर किताबें निजी प्रकाशकों की चलती हैं, जो 300 से 400 फीसदी तक महंगी हैं।
एनसीईआरटी की हाईस्कूल गणित की किताब 140 रुपये में मिल सकती है, वही किताब निजी प्रकाशक का ठप्पा लगने के बाद 550 रुपये तक खरीदनी पड़ रही है। कुछ अभिभावकों ने स्कूलों में जब शिकायत की तो उनकी समस्या को अनसुना कर दिया गया। शहर के कुछ कॉपी-किताब विक्रेताओं की मानें तो प्रकाशक 30 फीसदी तक कमीशन का ऑफर देते हैं और वही किताबें कोर्स में शामिल कर ली जाती हैं।
किताबों में भी हर साल बदलाव कर दिया जाता है और उसके नाम पर कीमतें बढ़ाई जाती हैं। अगर दसवीं गणित की किताब का अंतर देखा जाए तो सुनकर दंग रह जाएंगे। दसवीं गणित एनसीईआरटी की किताब 140 रुपये में मिलती है।
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यही किताब एक निजी प्रकाशक की दस फीसदी छूट के बाद भी 550 रुपये में मिली। जबकि सीबीएसई के स्पष्ट निर्देश हैं कि कक्षा 9 से 12 तक एनसीईआरटी की किताबों से पढ़ाया जाए। छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं में भी इसका लाभ मिलता है मगर स्कूल इसका पालन नहीं कर रहे।
स्कूलों ने तय कर रखी हैं दुकानें - ज्यादातर स्कूलों ने कॉपी-किताबों की दुकानें तय कर रखी हैं। कुछ विक्रेताओं के यहां तो स्कूलों की सूची तक चस्पा है कि इन स्कूलों की किताबें सिर्फ यहीं मिलेंगी। अभिभावकों का कहना है कि अगर कोर्स किसी दूसरी दुकान से खरीद लें तो स्कूल वाले वापस करा देते हैं। अभिभावक जब एनसीईआरटी की किताबें मांगता है तो किताब न होने का बहाना बना दिया जाता है।
किताबों की कीमतों में अंतर
विषय - एनसीईआरटी- निजी प्रकाशक
10वीं गणित - 140 - 550- 650
10वीं विज्ञान- 165- - 450 - 550
10वीं इतिहास- 125- - 350- 450
10वीं भूगोल- 65 - 250- 400
10वीं कंप्यूटर साइंस- --- 500- 600
12वीं गणित 1- 115- 450-650
12वीं गणित 2- 130 - 450- 650
12वीं जीव विज्ञान- 170 - 500- 650
12वीं केमिस्ट्री- 170 - 500- 650
नोट- निजी प्रकाशनों में अलग-अलग प्रकाशनों की कीमत अलग-अलग है। न्यूनतम और अधिकतम कीमत दी गई है
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एनसीईआरटी की हाईस्कूल गणित की किताब 140 रुपये में मिल सकती है, वही किताब निजी प्रकाशक का ठप्पा लगने के बाद 550 रुपये तक खरीदनी पड़ रही है। कुछ अभिभावकों ने स्कूलों में जब शिकायत की तो उनकी समस्या को अनसुना कर दिया गया। शहर के कुछ कॉपी-किताब विक्रेताओं की मानें तो प्रकाशक 30 फीसदी तक कमीशन का ऑफर देते हैं और वही किताबें कोर्स में शामिल कर ली जाती हैं।
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किताबों में भी हर साल बदलाव कर दिया जाता है और उसके नाम पर कीमतें बढ़ाई जाती हैं। अगर दसवीं गणित की किताब का अंतर देखा जाए तो सुनकर दंग रह जाएंगे। दसवीं गणित एनसीईआरटी की किताब 140 रुपये में मिलती है।
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यही किताब एक निजी प्रकाशक की दस फीसदी छूट के बाद भी 550 रुपये में मिली। जबकि सीबीएसई के स्पष्ट निर्देश हैं कि कक्षा 9 से 12 तक एनसीईआरटी की किताबों से पढ़ाया जाए। छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं में भी इसका लाभ मिलता है मगर स्कूल इसका पालन नहीं कर रहे।
स्कूलों ने तय कर रखी हैं दुकानें - ज्यादातर स्कूलों ने कॉपी-किताबों की दुकानें तय कर रखी हैं। कुछ विक्रेताओं के यहां तो स्कूलों की सूची तक चस्पा है कि इन स्कूलों की किताबें सिर्फ यहीं मिलेंगी। अभिभावकों का कहना है कि अगर कोर्स किसी दूसरी दुकान से खरीद लें तो स्कूल वाले वापस करा देते हैं। अभिभावक जब एनसीईआरटी की किताबें मांगता है तो किताब न होने का बहाना बना दिया जाता है।
किताबों की कीमतों में अंतर
विषय - एनसीईआरटी- निजी प्रकाशक
10वीं गणित - 140 - 550- 650
10वीं विज्ञान- 165- - 450 - 550
10वीं इतिहास- 125- - 350- 450
10वीं भूगोल- 65 - 250- 400
10वीं कंप्यूटर साइंस- --- 500- 600
12वीं गणित 1- 115- 450-650
12वीं गणित 2- 130 - 450- 650
12वीं जीव विज्ञान- 170 - 500- 650
12वीं केमिस्ट्री- 170 - 500- 650
नोट- निजी प्रकाशनों में अलग-अलग प्रकाशनों की कीमत अलग-अलग है। न्यूनतम और अधिकतम कीमत दी गई है