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जियो ट्यूब से मार्जनल बांध बनाने का काम शुरू
ब्यूरो माधोटांडा।
Updated Fri, 25 Mar 2016 11:22 PM IST
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बांध
- फोटो : अमर उजाला
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सालों से हो रही तबाही पर लग सकेगा अंकुश
नौजल्हा नंबर दो के दो किमी लंबे क्षेत्र में बनाया जाएगा बांध
नौजल्हा नंबर दो में शारदा नदी के दाएं किनारे पर जियो ट्यूब से मार्जनल बांध का निर्माण शुरू किया गया है। मार्जनल बांध के बनने से इलाके में सालों से शारदा नदी सहित दो नदियों द्वारा होने वाली बड़ी तबाही पर काफी हद तक अंकुश लग सकेगा।
इंडो-नेपाल सीमा से सटे इलाके में जब नेपाल से शारदा एवं सनेड़ी नदी भारतीय क्षेत्र में प्रवेश करती है तो नोमेंस लैंड से ही भारतीय क्षेत्र के नौजल्हा नंबर दो इलाके में पिछले 30 वर्षों से भू कटान कर तबाही मचाती है। यहां नदी ने कृषि भूमि और आबादी क्षेत्र के अलावा सिंचाई विभाग द्वारा करोड़ों की लागत से बनाई गई बाढ़ नियंत्रण योजनाओं के अधिकांश भाग को अपने गर्भ में समा लिया था, जिसके बाद सिंचाई विभाग की बाढ़ खंड डिवीजन द्वारा इलाके में कटान रोकने के लिए जियो ट्यूब से नदी के दाएं किनारे की ओर मार्जनल बांध बनाने का प्रोजेक्ट भेजा गया था।
दो किमी लंबे क्षेत्र में बनेगा मार्जनल बांध
नौजल्हा नंबर दो में नेपाल सीमा से सटे इलाके में जिस स्थान तक नदी के कटान करने का अधिक खतरा रहता है, ऐसे लगभग दो किमी लंबे क्षेत्र में जियो ट्यूब से मार्जनल बांध बनाने की शुरूआत की गई है। यहां मशीन के माध्यम से खुदाई कर पानी के साथ रेत को जियो ट्यूब में भरकर उसे निर्धारित स्थान पर स्थापित किया जा रहा है।
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नेपाल से तेज रफ्तार में आते हैं पानी और पत्थर
नेपाल से भारतीय क्षेत्र में प्रवेश करने पर पानी की रफ्तार काफी तेज होती है। बाढ़ के समय पत्थर और पेड़ भी बड़ी तादाद में बहकर आते हैं। ऐसे में नोमेंस लैंड से लगभग एक किमी की लंबाई में नीचे रेत के साथ पत्थर भी जमा हैं। ऐसे में जियो ट्यूब को लेकर हो रहे कार्यों में दिक्कतें आ सकती हैं।
नौजल्हा नंबर दो शारदा के दाएं किनारे पर भू कटान और बाढ़ की तबाही रोकने के लिए जियो ट्यूब से मार्जनल बांध बनाने का कार्य शुरू किया गया है। अपस्ट्रीम में कुछ इलाके में पत्थर के चलते दिक्कतें आई हैं। उसे दूर करा दिया जाएगा।
- मिन्हाज अहमद, अधिशासी अभियंता, बाढ़ खंड
नौजल्हा नंबर दो के दो किमी लंबे क्षेत्र में बनाया जाएगा बांध
नौजल्हा नंबर दो में शारदा नदी के दाएं किनारे पर जियो ट्यूब से मार्जनल बांध का निर्माण शुरू किया गया है। मार्जनल बांध के बनने से इलाके में सालों से शारदा नदी सहित दो नदियों द्वारा होने वाली बड़ी तबाही पर काफी हद तक अंकुश लग सकेगा।
इंडो-नेपाल सीमा से सटे इलाके में जब नेपाल से शारदा एवं सनेड़ी नदी भारतीय क्षेत्र में प्रवेश करती है तो नोमेंस लैंड से ही भारतीय क्षेत्र के नौजल्हा नंबर दो इलाके में पिछले 30 वर्षों से भू कटान कर तबाही मचाती है। यहां नदी ने कृषि भूमि और आबादी क्षेत्र के अलावा सिंचाई विभाग द्वारा करोड़ों की लागत से बनाई गई बाढ़ नियंत्रण योजनाओं के अधिकांश भाग को अपने गर्भ में समा लिया था, जिसके बाद सिंचाई विभाग की बाढ़ खंड डिवीजन द्वारा इलाके में कटान रोकने के लिए जियो ट्यूब से नदी के दाएं किनारे की ओर मार्जनल बांध बनाने का प्रोजेक्ट भेजा गया था।
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दो किमी लंबे क्षेत्र में बनेगा मार्जनल बांध
नौजल्हा नंबर दो में नेपाल सीमा से सटे इलाके में जिस स्थान तक नदी के कटान करने का अधिक खतरा रहता है, ऐसे लगभग दो किमी लंबे क्षेत्र में जियो ट्यूब से मार्जनल बांध बनाने की शुरूआत की गई है। यहां मशीन के माध्यम से खुदाई कर पानी के साथ रेत को जियो ट्यूब में भरकर उसे निर्धारित स्थान पर स्थापित किया जा रहा है।
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नेपाल से तेज रफ्तार में आते हैं पानी और पत्थर
नेपाल से भारतीय क्षेत्र में प्रवेश करने पर पानी की रफ्तार काफी तेज होती है। बाढ़ के समय पत्थर और पेड़ भी बड़ी तादाद में बहकर आते हैं। ऐसे में नोमेंस लैंड से लगभग एक किमी की लंबाई में नीचे रेत के साथ पत्थर भी जमा हैं। ऐसे में जियो ट्यूब को लेकर हो रहे कार्यों में दिक्कतें आ सकती हैं।
नौजल्हा नंबर दो शारदा के दाएं किनारे पर भू कटान और बाढ़ की तबाही रोकने के लिए जियो ट्यूब से मार्जनल बांध बनाने का कार्य शुरू किया गया है। अपस्ट्रीम में कुछ इलाके में पत्थर के चलते दिक्कतें आई हैं। उसे दूर करा दिया जाएगा।
- मिन्हाज अहमद, अधिशासी अभियंता, बाढ़ खंड