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मोहलत देकर भूल गया राजस्व प्रशासन
ब्यूरो/अमर उजाला, पीलीभीत
Updated Mon, 21 Mar 2016 11:37 PM IST
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इंडो-नेपाल बार्डर के समीप अतिक्रमणकारियों द्वारा नेपाल की वमनी नदी का रुख मोड़ने के लिए की गई खुदाई को महीना भर बीतने के बाद भी नहीं पाटा जा सका है। उस दौरान अतिक्रमणकारियों ने राजस्व विभाग और पुलिस से गलत तरीके से खोदी गई जमीन को पाटने के लिए तीन दिन की मोहलत मांगी थी।
शारदा नदी के पार कुछ अतिक्रमणकारियों ने जमीन पर अवैध कब्जा करने की नीयत से वमनी नदी का रुख मोड़ने के लिए जेसीबी से खुदाई कराई थी। मामले की जानकारी अधिकारियों को हुई तो उन्होंने राजस्व विभाग को मौके पर जाकर जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए थे। राजस्व टीम ने मौके पर जाकर मामले को सही पाया था और एक ट्रैक्टर को कब्जे में लेने के साथ ही दो लोगों को हिरासत में लिया था। दूसरे दिन ग्राम प्रधानों की रमनगरा में हुई पंचायत में अतिक्रमणकारियों ने खोदी गई जमीन को तीन दिन में पाटने की मोहलत मांगी थी, लेकिन आज तक इसे नहीं पाटा गया। इधर, रमनगरा क्षेत्र में जहां अतिक्रमणकारियों ने पहले से ही अवैध कब्जा कर गेहूं की फसलें बो रखी थीं, वन विभाग की सीमांकन की घोषणा के बाद उनमें हड़कंप मच गया था, लेकिन अब वन विभाग ने एक समझौते के तहत सैकड़ों एकड़ भूमि पर अतिक्रमणकारियों की खड़ी गेहूं की फसल काटने को क्लीन चिट दे दी है। इधर, पट्टेदार माणिकदास, सुबल दास समेत ग्राम प्रधान प्रशांत साना ने बताया कि अतिक्रमणकारियों ने अभी तक पंचायत के बावजूद वमनी नदी की खुदाई का पटान नहीं किया है। पट्टेदारों की जमीन भी वन भूमि के साथ जोत रहे हैं। इस संबंध में राजस्व निरीक्षक ब्रजेंद्र राना ने बताया कि पंचायत में अतिक्रमणकारियों ने तीन दिन में खोदी गई भूमि को पाटने की मोहलत मांगी थी। पता चला कि इसमें शामिल दो लोगों के यहां कोई दुखद घटना हुई है। बात हुई है, दो चार दिन में पटान शुरू हो जाएगा।
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शारदा नदी के पार कुछ अतिक्रमणकारियों ने जमीन पर अवैध कब्जा करने की नीयत से वमनी नदी का रुख मोड़ने के लिए जेसीबी से खुदाई कराई थी। मामले की जानकारी अधिकारियों को हुई तो उन्होंने राजस्व विभाग को मौके पर जाकर जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए थे। राजस्व टीम ने मौके पर जाकर मामले को सही पाया था और एक ट्रैक्टर को कब्जे में लेने के साथ ही दो लोगों को हिरासत में लिया था। दूसरे दिन ग्राम प्रधानों की रमनगरा में हुई पंचायत में अतिक्रमणकारियों ने खोदी गई जमीन को तीन दिन में पाटने की मोहलत मांगी थी, लेकिन आज तक इसे नहीं पाटा गया। इधर, रमनगरा क्षेत्र में जहां अतिक्रमणकारियों ने पहले से ही अवैध कब्जा कर गेहूं की फसलें बो रखी थीं, वन विभाग की सीमांकन की घोषणा के बाद उनमें हड़कंप मच गया था, लेकिन अब वन विभाग ने एक समझौते के तहत सैकड़ों एकड़ भूमि पर अतिक्रमणकारियों की खड़ी गेहूं की फसल काटने को क्लीन चिट दे दी है। इधर, पट्टेदार माणिकदास, सुबल दास समेत ग्राम प्रधान प्रशांत साना ने बताया कि अतिक्रमणकारियों ने अभी तक पंचायत के बावजूद वमनी नदी की खुदाई का पटान नहीं किया है। पट्टेदारों की जमीन भी वन भूमि के साथ जोत रहे हैं। इस संबंध में राजस्व निरीक्षक ब्रजेंद्र राना ने बताया कि पंचायत में अतिक्रमणकारियों ने तीन दिन में खोदी गई भूमि को पाटने की मोहलत मांगी थी। पता चला कि इसमें शामिल दो लोगों के यहां कोई दुखद घटना हुई है। बात हुई है, दो चार दिन में पटान शुरू हो जाएगा।
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