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गोदाम फुल, कहां ले जाएं चावल

Mon, 25 Jan 2016 12:18 AM IST
पीलीभीत
पीलीभीत Updated Mon, 25 Jan 2016 12:18 AM IST
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जिले के गोदामों में पूर्व भंडारित अनाज न उठाने से चावल उतार में दिक्कत आ गई है। इस सीजन का मात्र 70 प्रतिशत चावल ही भंडारित हो पाया है। गोदाम फुल होने से शेष 30 प्रतिशत चावल राइस मिलों पर ही रखा हुआ है।
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जिले में धान खरीद में कुछ दिन तेजी के बाद गिरावट आ गई थी, इससे जिले में 2.80 लाख मीट्रिक टन लक्ष्य के सापेक्ष मात्र 2.05 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा गया, जो लक्ष्य का लगभग 71 प्रतिशत है। खरीदे गए इस सरकारी धान से 1.37 लाख मीट्रिक टन चावल तैयार हुआ। जिले में तैयार चावल के उतार के लिए जिले के ही गोदामों में भंडारित करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन गोदाम में जगह न होने के कारण दिक्कत आ रही है। दरअसल, जिले के बिठौरा, ललौरीखेड़ा, शहर और पूरनपुर के रम्पुरा कपूरपुर व जसवंती गोदाम हैं। इन गोदामों में पिछले सत्र के चावल के अलावा रबी सीजन का गेहूूं भंडारित है। जिले के गोदामों में भंडारित अनाज की सप्लाई इस बार बाहर के जिलों में नहीं हो सकी।
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जिले के अंदर ही सप्लाई होने के कारण गोदाम खाली नहीं हो पा रहे हैं, जिसका असर चावल उतार पर पड़ रहा है। खाद्य एवं विपणन विभाग के आंकड़ों पर नजर डालें तो इस बार सरकारी धान खरीद से 1.37 लाख मीट्रिक टन चावल तैयार हुआ है, जिसमें मात्र 96 हजार मीट्रिक टन का भंडारण ही हो पाया है। शेष 41 हजार मीट्रिक टन चावल राइस मिलों पर है। यदि चावल भंडारण की जल्द व्यवस्था न की गई तो खुले में रहने के कारण चावल खराब हो सकता है।
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