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नगरियाखुर्द कलां, नलडेंगा और राहुलनगर में घुसा बाढ़ का पानी

Sun, 11 Jul 2021 11:23 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 11 Jul 2021 11:23 PM IST
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flood
पीलीभीत। पहाड़ों पर हुई तेज बारिश के चलते रविवार को बनवसा बैराज से 1.52 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने से को शारदा नदी उफना गई। नदी से सटे इलाके राहुलनगर, नलडेंगा और नगरियाखुर्द कलां में बाढ़ का पानी घुसता देख ग्रामीण बुरी तरह घबरा गए। कटान की आशंका से कुछ लोग अपने घरों का सामान समेटते नजर आए।
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शारदा नदी की बाढ़ से लगभग हर साल ही आबादी क्षेत्र के साथ कृषि भूमि का भी कटान होता है। इस बार भी शारदा नदी की बाढ़ ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया गया। पिछले माह 19 जून को भी शारदा नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद गभिया सहराई के नलडेंगा और रमनगरा बुझिया क्षेत्र को अपने निशाने पर ले लिया था। करीब तीन दिन तक बढ़े जलस्तर के दौरान नदी ने करीब 10 एकड़ कृषि भूमि का कटान करने के साथ कुछ घरों को अपने आगोश में ले लिया था। हालांकि उसके बाद जलस्तर कम होने से कटान भी थम गया था। इधर, रविवार को बनबसा बैराज से 1.52 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इससे कलीनगर तहसील क्षेत्र में शारदा नदी एकाएक बढ़े जलस्तर से उफना गई। रविवार को नदी ने पुन: नलडेंगा क्षेत्र को अपने निशाने पर ले लिया। यहां निमाई मजूमदार, सपन राय, प्रभास मजूमदार, निताई, चेतन मजूमदार, गौरंग मजूमदार, सुभाष, कार्तिक आदि के घरों में बाढ़ का पानी पहुंचने से परिवार वाले बुरी तरह घबरा गए। कटान की आशंका के चलते इन परिवारों ने अपने घरेलू सामान को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाना शुरू कर दिया है। बताते हैं कि नगरिया खुर्द कलां क्षेत्र में शारदा नदी के किनारे रहने वाले परिवारों को भी कटान का डर सताने लगा है। यहां भी बाढ़ का पानी कार्तिक सरकार, रमेश सरकार, सुभाष बारोई, चैंतय वारोई, विद्या वारोई आदि के घरों पास पहुंच चुका है। कटान की आशंका को देखते हुए इन ग्रामीणों ने भी अपने घरों का सामान समेटकर मार्जनल बांध पर पहुंचाना शुरू कर दिया है। इधर, नदी ने ठोकर संख्या-21 को भी अपने निशाने पर लेना शुरू कर दिया है। सूचना मिलते ही शारदा सागर खंड के सहायक अभियंता राजकुमार टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने कटान को रोकने के लिए रेत भरे बोरों को संवेदनशील स्थानों पर डलवाना शुरू कर दिया है। हालांकि ग्रामीण इन कामों से नाखुश दिखे। उनका कहना है कि यहां स्थाई बचाव कार्य कराए जाने चाहिए। इससे तो खतरा लगातार बना रहेगा।
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बाढ़ बचाव के नाम पर सिर्फ खानापूरी की जाती है। इसका खामियाजा यहां के लोग भुगतते हैं। बाढ़ बचाव कार्य को देखने के लिए अफसर और नेता दोनों आते हैं, फिर भी गोलमाल होता है। - सुखचंद सरकार, नगरियाखुर्द कलां
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हर साल उजड़ना और बसना हमारी किस्मत बन चुकी है। सरकार को यह देखना चाहिए कि आखिर हम कहां करोड़ों खर्च कर रहे हैं। अगर खर्च कर रहे तो क्या उससे लोगों को कोई राहत मिली। - सुबल बारोई, नगरियाखुर्द कला
बनवसा बैराज से डेढ़ लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा गया है। हालांकि दोपहर बाद इसमें कमी देखी गई। संवेदनशील स्थानों पर बचाव कार्य शुरू करा दिए गए हैं। ताकि बाढ़ से निपटा जा सके - राज कुमार, सहायक अभियंता, शारदा सागर खंड
ऊंचे स्थानों पर सुरक्षित सामान रखने में जुटे ग्रामीण
पूरनपुर। शारदा नदी के ऊफनाने से गांव राहुलनगर में आबादी में पानी घुसने लगा। इससे शारदा किनारे बसे लोगों को बाढ़ का डर सताने लगा। लोग घरेलू सामान समेट कर ऊंचे स्थानों पर सुरक्षित रखने में जुट गए।
पिछले माह जून में नदी के उफनाने से गांव राहुलनगर, खिरकिया बरगदिया कॉलानी में जलभराव हो गया था। चार दिन तक जलभराव रहने से लोगों को भारी असुविधा हुई थी। इसके बाद नदी का जलस्तर कम होने पर नदी ने अपनी धार बदल ली थी और नदी गांव राहुलनगर से करीब पांच सौ मीटर दूर चली गई थी। रविवार को बनवसा बैराज से नदी में पास हुए पानी से नदी फिर उफना गई। रविवार दोपहर को गांव राहुलनगर की आबादी में पानी भरने लगा। गांव के लोग बाढ़ की आशंका पर घरेलू सामान समेटकर ऊंचे स्थानों पर रखने लगे। नदी के उफनाने से नदी किनारे के लोगों में बाढ़ की आशंका सताने लगी। एसडीएम राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि रविवार दोपहर बाद नदी का जलस्तर कम होना शुरू हो गया है। बाढ़ के अभी हालात नहीं है। हल्का लेखपालों को मौके पर भेजा गया है।
सूची के बाद भी बसाने की नहीं शुरू हो सकी प्रक्रिया
पूरनपुर। शारदा नदी किनारे बसे गांव राहुलनगर में पिछले कई सालों से जलभराव होने और बाढ़ की आशंका पर गांव के लोगों को अन्य स्थान पर बसाने की योजना बनाई जा रही है। प्रधान बासुदेव कुण्डू ने बताया कि गांव के लोगों को अन्य स्थान पर बसाने को लेखपाल से सर्वे शुरू कराया गया था। सर्वे पूरा हो गया। गांव के 338 परिवारों की सूची अफसरों तक पहुंच गई है।

सूची में नाम के बाद नहीं मिल रहे आवास
पूरनपुर। प्रधान बासुदेव कुण्डू ने बताया कि ग्राम पंचायत के गांव राहुलनगर में कई लोग प्रधानमंत्री आवास के पात्र है। उनके नाम भी सूची में है। मगर बाढ़ में अब तक कई आवास नदी में समा चुके है। बाढ़ को लेकर और गांव के लोगों को दूसरी जगह बसाने की शुरू हुई कोशिश के चलते पात्रों को आवास योजना का लाभ नहीं मिल पा रही है।
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