पीलीभीत में बाढ़: शहर के कई मोहल्ले बने टापू, बीसलपुर मार्ग पर पहुंचा देवहा का पानी; पूरनपुर में शारदा का कहर
पीलीभीत जिले के कई गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। देवहा नदी का पानी बुधवार को बीसलपुर मार्ग पर बहने लगा, जिससे लोगों को आवागमन में दिक्कत हुई। शहर के निचले इलाके पहले से ही पानी से घिरे हुए हैं।
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पीलीभीत जिले में भले ही बारिश थम गई हो, लेकिन लोगों की मुश्किलें कम नहीं हुई हैं। शहर हो या गांव हर ओर बारिश और बाढ़ का पानी भरा है। रास्ते जलमग्न और खेतों में फसलें बर्बाद होने लगी हैं। लोग घरों और छतों पर फंसे हैं। देवहा नदी उफनाने से शहर और उससे सटे निचले इलाकों के हालात बिगड़ गए। टनकपुर हाईवे से लेकर निचले इलाके की कई कॉलोनी और अन्य इलाकों में दो से तीन फुट पानी भर गया। बुधवार को देवहा नदी का पानी पीलीभीत-बीसलपुर मार्ग पर पहुंच गया। जिससे लोगों को आवागमन में मुश्किलों का सामना करना पड़ा है। उधर, पूरनपुर क्षेत्र में शारदा नदी का कहर जारी है।
टापू बने बेनीचौधरी और नावकूड़ के कई घर
देवहा और खकरा नदी का जलस्तर बढ़ने से सबसे अधिक असर शहर के मोहल्ला बेनीचौधरी व शहर से सटे नावकूड़, चंदोई गांव में देखा गया। बेनीचौधरी में देवहा नदी के किनारे बसे करीब 20 घर टापू बन गए। कुछ परिवारों को पुलिस-प्रशासन की टीम ने रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। वहीं कुछ लोगों ने घर की छतों पर शरण ली। नावकूड़ इलाके में भी करीब 50 घर पानी भरने से टापू बन गए। लोगों ने जरूरी सामान के साथ छतों की शरण ली।
शारदा और सहायक नदी जगबूड़ा कई गांवों में कहर बरपा रही है। पूरनपुर, कलीनगर, अमरिया, बरखेड़ा, बिलसंडा, मझोला आदि सभी इलाके प्रभावित हैं। बिगड़ते हालात को देख एसपी अभिषेक यादव, एडीएम ऋतु पूनिया और अन्य अफसर सड़कों पर उतरे और टीमों को अलर्ट किया। मोहल्ला बेनी चौधरी में फंसे लोगों को प्रशासन ने रेस्क्यू कर सुरक्षित निकाला।
तेजी से हो रहा कटान
शारदा नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ कटान की रफ्तार भी तेज हो गई है। कटान इतना तेज है कि कलीनगर तहसील क्षेत्र में बुधवार को स्पर संख्या 27 का आगे का हिस्सा ढह गया। इस हिस्से को जाली में पत्थर बिछाकर मजबूती दी गई थी, लेकिन तेज बहाव ने इसे भी तोड़ दिया। वहीं स्पर संख्या 26, 27 और 28 के बीच लगातार कटान जारी है।
ऑफिसर्स कॉलोनी में जलभराव होने से व्यवस्था बिगड़ गई। अधिकारियों के घरों में पानी पहुंच गया। दो-तीन फुट तक पानी घुसने से जरूरी सामान को सुरक्षित रखने के साथ ही अधिकारियों ने होटलों की शरण ली। दिन भर पानी का दबाव बना रहा।