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जिनसे हो गई सांठगांठ उनकी सजवा दीं दुकानें ..बाकी अतिक्रमणकारी
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पीलीभीत। शहर की कोई सड़क अतिक्रमण अछूती नहीं है, लेकिन भीड़भाड़ वाली सड़कों पर ही अतिक्रमण सर्वाधिक फैला हुआ है। शहर के रेलवे स्टेशन रोड, गांधी स्टेडियम, जेपी रोड, लोहा मार्केट का हाल अमर उजाला पहले ही उजागर कर चुका है। अब एलएच चीनी मिल से नगरपालिका कार्यालय होते हुए रेलवे स्टेशन जाने वाले मार्ग को ही ले लीजिए तो वह भी अतिक्रमण की वजह से बदहाल है।
इस सड़क पर जिनकी नगरपालिका के कर्मचारियों सांठगांठ हो गई, उनकी सड़क पर दुकान सजवा दी जाती है। बाकी को अतिक्रमण बताकर हटा दिया जाता है। पक्षपातपूर्ण इस कार्रवाई से न तो शहर स्मार्ट बन सकेगा और न ही कभी अतिक्रमण से मुक्ति मिलेगी। नगरपालिका की उदासीनता के चलते सड़कों पर चलना भी दूभर हो चुका है।
गौहनिया चौराहा से चीनी मिल के रास्ते रेलवे स्टेशन को जोड़ने वाली सड़क की तो अब पहचान ही अतिक्रमण वाली सड़क से होने लगी है। इस सड़क पर कहीं रेता बजरी का ढेर तो कहीं अस्पताल के बाहर दोपहिया और चार पहिया वाहनों की कतार। सड़क के दोनों ओर सिर्फ अतिक्रमण ही फैैला हुआ है। इधर नगरपालिका ने तो अपने कार्यालय के बाहर ही सड़क के दोनों ओर सब्जी मंडी सजवा रखी है। इसे लेकर नगरपालिका के अफसर कोई कार्रवाई नहीं करते हैं। नाम न छपने की बात पर एक अतिक्रमणकारी ने बताया कि यहां बैठने के लिए नगरपालिका के कर्मचारी उनसे शमन शुल्क वसूलते हैं। तभी उन्हें यहां सब्जी की दुकान लगने देते हैं। 15 दिन पहले एक दिव्यांग ने सिटी मजिस्ट्रेट और पुलिस से शिकायत की थी।
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शिकायत में दिव्यांग ने सड़क पर सब्जी की दुकान लगने के नाम पर नगरपालिका के कर्मचारी ने उसे रुपये मांगे थे। रुपये न देने पर उसकी दुकान वहां से हटा दी। बाकी दुकानदार कर्मचारी को रुपये देते हैं। इसलिए उनकी दुकान वहां से नहीं हटवाई जाती है। नगरपालिका की इस कार्यशैली के चलते सड़कों पर अवैध कब्जों की भरमार हो गई। इसी कारण पहले कुछ ही सड़कों पर तक सीमित जो जाम था अब पूरे शहर में लगने लगा है। इसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ता है। लेकिन नगरपालिका और ट्रैफिक पुलिस की ओर से इस पर कोई गौर नहीं किया जाता है। मंगलवार को अमर उजाला ने गौहनिया चौराहा से स्टेशन रोड वाली सड़क का जायजा लिया तो सब कुछ बदहाल मिला। गौहनिया चौराहा से स्टेशन रोड की लाइव रिपोर्ट...
सड़क के दोनों ओर रहता है वाहनों का जमाबड़ा
गौहनिया चौराहा से डाकघर तक सड़क के दोनों ओर वाहनों की कतार लगी रहती है। इन वाहनों में अधिकांश वाहन अस्पताल के बाहर लगे रहते हैं। ट्रैफिक पुलिस भी इन्हें देखकर अनदेखा कर देती है। कभी सड़क के बीच में ही कामर्शियल वाहन भी आकर खड़े हो जाते हैं। इस वजह से जाम की समस्या होती है।
सड़क किनारे लगे रेता बजरी के ढेर बन रहे हादसे का सबब
शुगर फैक्ट्री रोड पर हमेशा कोई न कोई समस्या बनी रहती है। गन्ने के सीजन में सड़कों पर गन्ने के वाहनों की कतार लगी रहती है। वरना आम दिनों में सड़क किनारे रेता बजरी के ढेर लगे रहते हैं। सड़क के दोनों ओर रेता बजरी डालकर कब्जा कर रखा है। रेता व बजरी के ढेर से सड़क के फुटपाथ गायब हो चुके हैं। इससे हादसे होने का खतरा बन रहता है।
नगरपालिका कार्यालय के बाहर ही अतिक्रमणकारियों ने कब्जा
नगरपालिका कार्यालय के बाहर सब्जी और फल वालों ने फुटपाथ पर कब्जा कर रखा है। इस अतिक्रमण के लिए नगरपालिका के कुछ कर्मचारी अतिक्रमणकारियों से धन वसूली करते हैं। अगर कोई रुपये नहीं देता है तो उसे अतिक्रमण का नाम देकर वहां से हटा दिया जाता है। सड़क पर दुकानें लगने से शाम को रोजाना जाम की समस्या पैदा होती है।
पार्क के चारों ओर ही कर दिया ठेले फड़ वालों ने कब्जा
रेलवे स्टेशन चौराहा पर बने नेहरू पार्क में नगरपालिका ने कुछ माह पहले सौंदर्यीकरण कराया था। ताकि लोग यहां आराम से बैठ सके, लेकिन अतिक्रमणकारियों ने पार्क को भी नहीं छोड़ा। पार्क के एक तरफ फल वाले दूसरी तरफ चाट पकौड़ी वाले तो तीसरी और चौथी तरफ सब्जी और तमाम तरीके के ठेेले वालों ने कब्जा कर रखा है। इस अतिक्रमण की वजह से अगर एक कार भी वहां से गुजर जाए तो जाम लग जाता है।
अतिक्रमण को लेकर कुछ दिन पहले अभियान चलाया गया था। उसके बाद कोरोना संक्रमण के चलते अतिक्रमण अभियान नहीं चल सका। टीम बनाकर जल्द ही शहर को अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा। नगरपालिका कार्यालय के बाहर अतिक्रमण वालों को अब बैठने नहीं दिया जाएगा। -निशा मिश्रा, ईओ नगरपालिका
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इस सड़क पर जिनकी नगरपालिका के कर्मचारियों सांठगांठ हो गई, उनकी सड़क पर दुकान सजवा दी जाती है। बाकी को अतिक्रमण बताकर हटा दिया जाता है। पक्षपातपूर्ण इस कार्रवाई से न तो शहर स्मार्ट बन सकेगा और न ही कभी अतिक्रमण से मुक्ति मिलेगी। नगरपालिका की उदासीनता के चलते सड़कों पर चलना भी दूभर हो चुका है।
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गौहनिया चौराहा से चीनी मिल के रास्ते रेलवे स्टेशन को जोड़ने वाली सड़क की तो अब पहचान ही अतिक्रमण वाली सड़क से होने लगी है। इस सड़क पर कहीं रेता बजरी का ढेर तो कहीं अस्पताल के बाहर दोपहिया और चार पहिया वाहनों की कतार। सड़क के दोनों ओर सिर्फ अतिक्रमण ही फैैला हुआ है। इधर नगरपालिका ने तो अपने कार्यालय के बाहर ही सड़क के दोनों ओर सब्जी मंडी सजवा रखी है। इसे लेकर नगरपालिका के अफसर कोई कार्रवाई नहीं करते हैं। नाम न छपने की बात पर एक अतिक्रमणकारी ने बताया कि यहां बैठने के लिए नगरपालिका के कर्मचारी उनसे शमन शुल्क वसूलते हैं। तभी उन्हें यहां सब्जी की दुकान लगने देते हैं। 15 दिन पहले एक दिव्यांग ने सिटी मजिस्ट्रेट और पुलिस से शिकायत की थी।
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शिकायत में दिव्यांग ने सड़क पर सब्जी की दुकान लगने के नाम पर नगरपालिका के कर्मचारी ने उसे रुपये मांगे थे। रुपये न देने पर उसकी दुकान वहां से हटा दी। बाकी दुकानदार कर्मचारी को रुपये देते हैं। इसलिए उनकी दुकान वहां से नहीं हटवाई जाती है। नगरपालिका की इस कार्यशैली के चलते सड़कों पर अवैध कब्जों की भरमार हो गई। इसी कारण पहले कुछ ही सड़कों पर तक सीमित जो जाम था अब पूरे शहर में लगने लगा है। इसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ता है। लेकिन नगरपालिका और ट्रैफिक पुलिस की ओर से इस पर कोई गौर नहीं किया जाता है। मंगलवार को अमर उजाला ने गौहनिया चौराहा से स्टेशन रोड वाली सड़क का जायजा लिया तो सब कुछ बदहाल मिला। गौहनिया चौराहा से स्टेशन रोड की लाइव रिपोर्ट...
सड़क के दोनों ओर रहता है वाहनों का जमाबड़ा
गौहनिया चौराहा से डाकघर तक सड़क के दोनों ओर वाहनों की कतार लगी रहती है। इन वाहनों में अधिकांश वाहन अस्पताल के बाहर लगे रहते हैं। ट्रैफिक पुलिस भी इन्हें देखकर अनदेखा कर देती है। कभी सड़क के बीच में ही कामर्शियल वाहन भी आकर खड़े हो जाते हैं। इस वजह से जाम की समस्या होती है।
सड़क किनारे लगे रेता बजरी के ढेर बन रहे हादसे का सबब
शुगर फैक्ट्री रोड पर हमेशा कोई न कोई समस्या बनी रहती है। गन्ने के सीजन में सड़कों पर गन्ने के वाहनों की कतार लगी रहती है। वरना आम दिनों में सड़क किनारे रेता बजरी के ढेर लगे रहते हैं। सड़क के दोनों ओर रेता बजरी डालकर कब्जा कर रखा है। रेता व बजरी के ढेर से सड़क के फुटपाथ गायब हो चुके हैं। इससे हादसे होने का खतरा बन रहता है।
नगरपालिका कार्यालय के बाहर ही अतिक्रमणकारियों ने कब्जा
नगरपालिका कार्यालय के बाहर सब्जी और फल वालों ने फुटपाथ पर कब्जा कर रखा है। इस अतिक्रमण के लिए नगरपालिका के कुछ कर्मचारी अतिक्रमणकारियों से धन वसूली करते हैं। अगर कोई रुपये नहीं देता है तो उसे अतिक्रमण का नाम देकर वहां से हटा दिया जाता है। सड़क पर दुकानें लगने से शाम को रोजाना जाम की समस्या पैदा होती है।
पार्क के चारों ओर ही कर दिया ठेले फड़ वालों ने कब्जा
रेलवे स्टेशन चौराहा पर बने नेहरू पार्क में नगरपालिका ने कुछ माह पहले सौंदर्यीकरण कराया था। ताकि लोग यहां आराम से बैठ सके, लेकिन अतिक्रमणकारियों ने पार्क को भी नहीं छोड़ा। पार्क के एक तरफ फल वाले दूसरी तरफ चाट पकौड़ी वाले तो तीसरी और चौथी तरफ सब्जी और तमाम तरीके के ठेेले वालों ने कब्जा कर रखा है। इस अतिक्रमण की वजह से अगर एक कार भी वहां से गुजर जाए तो जाम लग जाता है।
अतिक्रमण को लेकर कुछ दिन पहले अभियान चलाया गया था। उसके बाद कोरोना संक्रमण के चलते अतिक्रमण अभियान नहीं चल सका। टीम बनाकर जल्द ही शहर को अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा। नगरपालिका कार्यालय के बाहर अतिक्रमण वालों को अब बैठने नहीं दिया जाएगा। -निशा मिश्रा, ईओ नगरपालिका