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नेपाल के हाथियों ने फिर दी दस्तक...वॉच टावर और दो झोपड़ियों को बनाया निशाना
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माधोटांडा। सर्दियां कम होते ही नेपाल की शुक्लाफांटा सेंक्चुरी से निकले दो जंगली हाथियों ने एक बार फिर टाइगर रिजर्व के लग्गा भग्गा और उससे सटे आबादी के क्षेत्र में दस्तक दे दी है। इन उत्पाती हाथियों ने वन विभाग के एक वॉचटावर और दो किसानों को झोंपड़ियों को तहस-नहस कर डाला। पिछले साल भी चार से पांच हाथियों ने तराई इलाके में आतंक मचाया था। लग्गा-भग्गा में अभी ही हाथी आए हैं, लेकिन कई हाथियों के भी पहुंचने के संकेत हैं।
जनपद में शारदा नदी के पार टाइगर रिजर्व सहित इंडो-नेपाल बार्डर से सटी नेपाल की शुक्लाफांटा सेंक्चुरी है। इस सेंक्चुरी से गैंडों का तो आना जाना लगा ही रहता था, मगर पिछले तीन साल से जंगली हाथी भी टाइगर रिजर्व क्षेत्र में आने लगे हैं। इधर नेपाल की शुक्लाफांटा सेंक्चुरी से निकले दो जंगली हाथियों ने टाइगर रिजर्व के लग्गा-भग्गा क्षेत्र में एक बार फिर से दस्तक दी है। ग्रामीणों के मुताबिक इन जंगली हाथियों ने वनकर्मियों के लिए बनाया गया एक वॉचटावर तोड़ डाला। रात में ही जंगली हाथियों ने लग्गा-भग्गा की सीमा से सटे ढकिया तालुके महाराजपुर में दस्तक दे दी। ग्रामीणों ने बताया कि शनिवार रात करीब 12 बजे गांव ढकिया ताल्लुके महाराजपुर निवासी अलाउद्दीन के पड़ोस में रहने वाले एक व्यक्ति की झोपड़ी हाथियों ने तहस-नहस कर डाली। हालांकि उस दौरान झोपड़ी स्वामी वहां मौजूद नहीं था। अलाउद्दीन के परिवार के मुताबिक जब हाथी झोंपड़ी तोड़ रहे थे तो उन्होंने शोर करना शुरू कर दिया। हाथियों के डर से परिवार के सभी सदस्य खेतों में जाकर दुबक गए। इसके बाद हाथियों ने अलाउद्दीन के घर को भी निशाना बना डाला। झोंपड़ी तोड़ने के बाद हाथियों ने घर में रखा सारा सामान तहस नहस कर डाला। इस बीच ग्रामीणों ने शोर करना शुरू कर दिया तो हाथी थारू पट्टी होते हुए लग्गा-भग्गा की ओर चले गए। ग्रामीणों ने बताया कि हाथियों ने खेत में खड़ी गेहूं की सफल को भी नुकसान पहुंचाया।
पिछले साल भी हाथियों ने मचाया था उत्पात
पिछले साल भी दो जंगली हाथियों ने तराई में जमकर उत्पात मचाया था। कई किसानों की फसल नष्ट कर दी थी। फसलें नष्ट होता देख मजबूरन किसानों को अपनी धान की फसल समय से पहले काटनी पड़ी थी। कुछ दिन बाद हाथी आगे बढ़ गए थे। दोनों जंगली हाथी शारदा डैम के रास्ते जंगल होते हुए बरेली और रामपुर की सीमा तक पहुंच गए थे। वहां हाथियों ने दो-तीन लोगों पर हमलाकर उन्हें मार डाला था। बाद में इन्हीं हाथियों को ट्रैंक्यूलाइज कर पीलीभीत टाइगर रिजर्व में छोड़ दिया गया था। इसके बाद टाइगर रिजर्व प्रशासन ने पश्चिमी बंगाल से हाथियों को खदेड़ने वाली टीम को बुलाकर नेपाल की शुक्लाफांटा सेंक्चुरी की ओर खदेड़ दिया था।
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नेपाल की शुक्लाफांटा सेंक्चुरी से दो जंगली हाथियों की लग्गा-भग्गा क्षेत्र में आने की सूचना वन कर्मियों ने दी है। वन कमियों की टीम भेजी है। ग्रामीणों को सतर्क करने को कहा गया है। - डीके गोयल, वन क्षेत्राधिकारी, बराही रेंज, टाइगर रिजर्व
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जनपद में शारदा नदी के पार टाइगर रिजर्व सहित इंडो-नेपाल बार्डर से सटी नेपाल की शुक्लाफांटा सेंक्चुरी है। इस सेंक्चुरी से गैंडों का तो आना जाना लगा ही रहता था, मगर पिछले तीन साल से जंगली हाथी भी टाइगर रिजर्व क्षेत्र में आने लगे हैं। इधर नेपाल की शुक्लाफांटा सेंक्चुरी से निकले दो जंगली हाथियों ने टाइगर रिजर्व के लग्गा-भग्गा क्षेत्र में एक बार फिर से दस्तक दी है। ग्रामीणों के मुताबिक इन जंगली हाथियों ने वनकर्मियों के लिए बनाया गया एक वॉचटावर तोड़ डाला। रात में ही जंगली हाथियों ने लग्गा-भग्गा की सीमा से सटे ढकिया तालुके महाराजपुर में दस्तक दे दी। ग्रामीणों ने बताया कि शनिवार रात करीब 12 बजे गांव ढकिया ताल्लुके महाराजपुर निवासी अलाउद्दीन के पड़ोस में रहने वाले एक व्यक्ति की झोपड़ी हाथियों ने तहस-नहस कर डाली। हालांकि उस दौरान झोपड़ी स्वामी वहां मौजूद नहीं था। अलाउद्दीन के परिवार के मुताबिक जब हाथी झोंपड़ी तोड़ रहे थे तो उन्होंने शोर करना शुरू कर दिया। हाथियों के डर से परिवार के सभी सदस्य खेतों में जाकर दुबक गए। इसके बाद हाथियों ने अलाउद्दीन के घर को भी निशाना बना डाला। झोंपड़ी तोड़ने के बाद हाथियों ने घर में रखा सारा सामान तहस नहस कर डाला। इस बीच ग्रामीणों ने शोर करना शुरू कर दिया तो हाथी थारू पट्टी होते हुए लग्गा-भग्गा की ओर चले गए। ग्रामीणों ने बताया कि हाथियों ने खेत में खड़ी गेहूं की सफल को भी नुकसान पहुंचाया।
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पिछले साल भी हाथियों ने मचाया था उत्पात
पिछले साल भी दो जंगली हाथियों ने तराई में जमकर उत्पात मचाया था। कई किसानों की फसल नष्ट कर दी थी। फसलें नष्ट होता देख मजबूरन किसानों को अपनी धान की फसल समय से पहले काटनी पड़ी थी। कुछ दिन बाद हाथी आगे बढ़ गए थे। दोनों जंगली हाथी शारदा डैम के रास्ते जंगल होते हुए बरेली और रामपुर की सीमा तक पहुंच गए थे। वहां हाथियों ने दो-तीन लोगों पर हमलाकर उन्हें मार डाला था। बाद में इन्हीं हाथियों को ट्रैंक्यूलाइज कर पीलीभीत टाइगर रिजर्व में छोड़ दिया गया था। इसके बाद टाइगर रिजर्व प्रशासन ने पश्चिमी बंगाल से हाथियों को खदेड़ने वाली टीम को बुलाकर नेपाल की शुक्लाफांटा सेंक्चुरी की ओर खदेड़ दिया था।
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नेपाल की शुक्लाफांटा सेंक्चुरी से दो जंगली हाथियों की लग्गा-भग्गा क्षेत्र में आने की सूचना वन कर्मियों ने दी है। वन कमियों की टीम भेजी है। ग्रामीणों को सतर्क करने को कहा गया है। - डीके गोयल, वन क्षेत्राधिकारी, बराही रेंज, टाइगर रिजर्व