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  कम होने का नाम नहीं ले रहा नोटबंदी का संकट

Thu, 24 Nov 2016 11:07 PM IST
ब्यूरो /पीलीभीत
ब्यूरो /पीलीभीत Updated Thu, 24 Nov 2016 11:07 PM IST
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Do not seem to take less of a crisis Notbandi
  कम होने का नाम नहीं ले रहा नोटबंदी का संकट - फोटो : पीलीभ्‍ाीत/उत्‍ततर प्रदेश्‍ा
बड़े नोटों की बंदी से उपजा संकट कम होने का नाम नहीं ले रहा है। बैंकों के बाहर नोट बदलने एवं भुगतान लेने वालों की कतारें लग रही हैं वहीं एटीएम के सामने भी सुबह से ही लोग में लना शुरू हो जाते हैं। हालांकि कुछ बैंकों में पर्याप्त करेंसी होने से लोगों को भुगतान मिलने लगा है। जिससे स्थिति में जल्द सुधार के आसार नजर आने लगे हैं।
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नोट बंदी के बाद से ही जनता बैंकों से छोटे नोट हासिल करने को परेशान घूम रहे हैं। सीमित मात्रा में मिल रही धनराशि जल्द खत्म हो जाने के कारण लोग पुन: लाइन में लगने को मजबूर हैं। दरअसल जरूरत और मांग के अनुरूप बैंकों से छोटे नोट उपलब्ध न होने कारण दिक्कत कम नहीं हो रही है। बृहस्पतिवार को सुबह कुछ एटीएम बंद रहे तो कुछ दोपहर बाद नकदी के अभाव में बंद हो गए। स्टेट बैंक की मुख्य शाखा में  अन्य दिनों की अपेक्षा भीड़ में कुछ कमी देखी गई जबकि पंजाब नेशनल बैंक व बीओबी में लंबी कतारें थीं। स्टेडियम रोड स्थित आईडीबीआई बैंक में भी करेंसी उपलब्ध होने से लोगों ने राहत महसूस की। ग्राहकों ने नकद भुगतान के साथ एटीएम से भी रुपये निकाले।
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जनधन खातों की होगी जांच
नोट बंदी के बाद जनधन के कई खातों का संचालन एकाएक शुरू हो गया। खाता खुलने के बाद अब इनमें धनराशि जमा की जा रही है। अब रिजर्व बैंक के निर्देश पर इन खातों की डिटेल तैयार की जा रही है। एकाएक इन खातों में धनराशि कहां से आई इसकी जांच होगी।
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अब तक जमा हो चुका 500 करोड़
नोट बंदी के बाद से अब तक जिले की सभी बैंक शाखाओं में कुल मिलाकर लगभग 500 करोड़ रुपया जमा होने का अनुमान है। एलडीएम मनोहर सिंह जनपांगी के अनुसार बैंकों में जमा हो रही धनराशि का सही मासिक रिपोर्ट तैयार होने के बाद ही हो सकेगा। अनुमानत: 500 करोड़ रुपया अब तक जमा हुआ है।
बैंक गेट न खोलने की शिकायत
ऐमी के किसानों ने गांव की बैंक ऑफ बड़ौदा के स्टाफ पर गेट न खोलने का आरोप लगाकर डीएम से शिकायत की है। गांव के जसविंदर सिंह ने बताया कि ग्रामीणों को कैश न होने का बहाना बताकर बैंक में घुसने नहीं दिया जाता जबकि कमीशन देने वालों को बैंक में बुलाकर लेनदेन कराया जा रहा है।

डाकघरों में न कैश और न कनेक्टविटी
पूरनपुर। नोट बदलने के आखिरी दिन ग्राहकों को भटकना पड़ा। उप डाकघर व शाखा गनेशगंज डाकघर में कैश न होने की जानकारी देकर न तो रुपये जमा हुए और न ही पुराने नोट बदले गए। पहुंचने वाले ग्राहकों को मंगलवार को भुगतान आदि की जानकारी देकर टरका दिया गया। उप डाकघर में कनेक्टविटी न होने से रुपये जमा भी नहीं किए गए। पोस्टमास्टर नरेश कुमार ने बताया कि उप डाकघर और शाखा डाककर में स्टेट बैंक से कैश न मिलने पर भुगतान और पुराने नोट नहीं बदले गए। स्टेट बैंक से मंगलवार को रुपये देने का आश्वासन दिया गया है। उन्होंने बताया कि कनेक्टविटी न होने से उप डाकघर में रुपये भी जमा नहीं हो सके। हालांकि शाखा डाकघर में जमा करने का सिस्टम ऑन लाइन न होने पर वहां ग्राहकों के रुपये जमा कराए गए है। नगर की सिंडीकेट बैंक में कैश न होने से लेनदेन कुछ भी नहीं हुआ। एचडीएफसी बैंक शाखा में अपरान्ह 11 बजे के बाद भुगतान नहीं हुआ। हालांकि नगदी जमा की गई। पंजाब एंड सिंध बैंक में रुपये जमा हुए। अपरान्ह 11 बजे तक भुगतान भी हुआ। बैंक ऑफ  बड़ौदा में एक बजे तक लेनदेन हुआ। इसके बाद कैश न होने की जानकारी देकर धनराशि जमा की गई। यूनियन बैंक में ग्राहकों की खासी भीड़ उमड़ी। ग्राहकों ने धीमी गति से लेनदेेन का आरोप लगाते हुए कई बार हंगाम किया। मौके पर पहुंचे सीओ जगतराम जोशी ने आक्रोशित लोगों को शांत किया। 
 
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