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देवीपुरा गोशाला पहुंचे डीएम, कहा- हरहाल में सुधारी जाए दुर्दशा
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पीलीभीत। डीएम पुलकित खरे ने देवीपुरा गोशाला का निरीक्षण कर वहां की अव्यवस्थाओं को देखा। डीएम ने मनरेगा, ब्लॉक और तहसील के अधिकारियों को गोशाला की कमियां दूर कराने के निर्देश दिए। डीएम ने गोशाला कर्मियों से स्पष्ट कहा कि जब वह दोबारा गोशाला आएं तो धरातल पर काम दिखना चाहिए। अगली बार खामियां मिलीं तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यालय से पांच किमी की दूरी पर स्थित देवीपुरा गोशाला में सात अगस्त को 15 पशुओं की मौत हो गई थी। कई दिन तक कीचड़ में शव पड़े रहे। इस स्थिति को अमर उजाला ने खबर के माध्यम से सबके सामने रखा। अगले दिन 10 पशुओं का पोस्टमार्टम कराया गया। इस सबके पीछे गोशाला में हावी अव्यवस्थाएं सामने आईं थीं। कई और गोशालाओं की बदहाली की तस्वीर भी अमर उजाला ने प्रकाशित की थी। इस पर डीएम पुलकित खरे दो बैठकें करके स्थिति सुधारने के निर्देश दे चुके हैं। सोमवार को वह देवीपुरा गोशाला खुद पहुंच गए। वहां कमियां सामने आईं तो उन्हें दूर करने को जिम्मेदारी अफसरों को दी।
गोशाला के पीछे जमीन पर गंदगी पड़ी मिली। डीएम ने कहा कि परिसर की साफ सफाई कराकर वहां हरा चारा उगाया जाए। ऐसी स्थिति बने कि दो माह के अंदर हरा चारा गोशाला परिसर में ही मिलने लगे। बाहर से चारा खरीदने की जरूरत न पड़े। बारिश में कीचड़ फैलने की समस्या को देखते हुए गोशाला परिसर का समतलीकरण और खड़ंजा बिछवाने को भी कहा। कहा कि मनरेगा के तहत काम कराया जाए। नगरपालिका के कर्मचारियों को हटाकर गांव के इच्छुक लोगों को पर्याप्त संख्या में काम देने की बात भी जिलाधिकारी ने कही। उपायुक्त (मनरेगा) को पूर्व में खोदी गई खाई के किनारे तार फेंसिंग कराने के निर्देश दिए। गोवंश के लिए मंगाए गए हरे चारे और भूसे के बिल बाउचर का रजिस्टर से मिलान किया गया।
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दवाओं की कमी की शिकायत सामने आई तो डीएम ने इसका समाधान कराने का भरोसा दिलाया। गोशाला सचिव को फटकार लगाते हुए डीएम ने कहा कि गांव-गांव प्रचार करें ताकि पशुपालक पशु लेने आएं। डीएम ने कहा कि गोशाला का भवन पहले से तैयार है। कमियां दूर करके इसे आदर्श गोशाला बनाया जा सकता है। निरीक्षण में एसडीएम सदर अविनाश मौर्य, अतिरिक्त मजिस्ट्रेट अंजली गंगवार, डूडा के परियोजना निदेशक अनिल कुमार भी मौजूद रहे।
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मुख्यालय से पांच किमी की दूरी पर स्थित देवीपुरा गोशाला में सात अगस्त को 15 पशुओं की मौत हो गई थी। कई दिन तक कीचड़ में शव पड़े रहे। इस स्थिति को अमर उजाला ने खबर के माध्यम से सबके सामने रखा। अगले दिन 10 पशुओं का पोस्टमार्टम कराया गया। इस सबके पीछे गोशाला में हावी अव्यवस्थाएं सामने आईं थीं। कई और गोशालाओं की बदहाली की तस्वीर भी अमर उजाला ने प्रकाशित की थी। इस पर डीएम पुलकित खरे दो बैठकें करके स्थिति सुधारने के निर्देश दे चुके हैं। सोमवार को वह देवीपुरा गोशाला खुद पहुंच गए। वहां कमियां सामने आईं तो उन्हें दूर करने को जिम्मेदारी अफसरों को दी।
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गोशाला के पीछे जमीन पर गंदगी पड़ी मिली। डीएम ने कहा कि परिसर की साफ सफाई कराकर वहां हरा चारा उगाया जाए। ऐसी स्थिति बने कि दो माह के अंदर हरा चारा गोशाला परिसर में ही मिलने लगे। बाहर से चारा खरीदने की जरूरत न पड़े। बारिश में कीचड़ फैलने की समस्या को देखते हुए गोशाला परिसर का समतलीकरण और खड़ंजा बिछवाने को भी कहा। कहा कि मनरेगा के तहत काम कराया जाए। नगरपालिका के कर्मचारियों को हटाकर गांव के इच्छुक लोगों को पर्याप्त संख्या में काम देने की बात भी जिलाधिकारी ने कही। उपायुक्त (मनरेगा) को पूर्व में खोदी गई खाई के किनारे तार फेंसिंग कराने के निर्देश दिए। गोवंश के लिए मंगाए गए हरे चारे और भूसे के बिल बाउचर का रजिस्टर से मिलान किया गया।
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दवाओं की कमी की शिकायत सामने आई तो डीएम ने इसका समाधान कराने का भरोसा दिलाया। गोशाला सचिव को फटकार लगाते हुए डीएम ने कहा कि गांव-गांव प्रचार करें ताकि पशुपालक पशु लेने आएं। डीएम ने कहा कि गोशाला का भवन पहले से तैयार है। कमियां दूर करके इसे आदर्श गोशाला बनाया जा सकता है। निरीक्षण में एसडीएम सदर अविनाश मौर्य, अतिरिक्त मजिस्ट्रेट अंजली गंगवार, डूडा के परियोजना निदेशक अनिल कुमार भी मौजूद रहे।