{"_id":"6204070470990347be058d42","slug":"despite-having-small-children-husband-and-wife-imposed-duty-in-elections-pilibhit-news-bly4750007131","type":"story","status":"publish","title_hn":"छोटे बच्चे होने के बावजूद पति पत्नी की लगा दी चुनाव में ड्यूटी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छोटे बच्चे होने के बावजूद पति पत्नी की लगा दी चुनाव में ड्यूटी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पीलीभीत। सरकारी नौकरी करने वाले पति-पत्नी की चुनाव ड्यूटी लगा दी गई। अब छोटे बच्चे होने और अन्य का हवाला देकर ड्यूटी कटवाने के लिए विभागों के चक्कर काट रहे हैं। सिर्फ बीएसए कार्यालय में ही 200 से ज्यादा आवेदन पहुंचे हैं। सीडीओ ऑफिस में पांच सौ से ज्यादा लोगों ने ड्यूटी कटवाने की अर्जी लगाई है। वहीं सीडीओ ने स्पष्ट कह दिया है कि चुनाव कराना प्राथमिकता है।
दरअसल, इस बार निर्देश थे कि पति-पत्नी दोनों सरकारी नौकरी में हैं तो चुनाव ड्यूटी से एक को राहत दी जाएगी। शिक्षक संगठन भी इस बाबत बीएसए से मिल चुका था। बीएसए कार्यालय में ही दो सौ से ज्यादा आवेदन आए हैं। शिक्षक संगठन के जिलामंत्री मोहम्मद अकरम का कहना है कि इस बाबत बीएसए को अवगत कराया गया, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला है। वहीं बीएसए चंद्रकेश सिंह का कहना है कि ड्यूटी को लेकर सारे अधिकार सीडीओ के पास हैं। जिन शिक्षकों के आवेदन आए हैं उनको सीडीओ के यहां भेज दिए गए हैं। सीडीओ कार्यालय में पांच सौ से ज्यादा आवेदन ड्यूटी कटवाने के लिए पहुंचे हैं। इनमें अधिकतर ऐसे हैं जिनके घर छोटे बच्चे हैं। अगर पति पत्नी दोनों को ड्यूटी करनी पड़ी तो बच्चों की देखभाल कौन करेगा। ऐसे शिक्षक कार्रवाई के डर से कुछ भी बोलने को तैयार नहीं। नाम न छापने की शर्त पर एक महिला शिक्षक ने बताया कि एक साल से छोटा बच्चा है। घर में कोई और देखभाल करने वाला नहीं। ड्यूटी नहीं कटी तो रात में बच्चे को साथ ले जाना पड़ेगा। मरोरी ब्लॉक के एक शिक्षक का कहना कि बीएसए कार्यालय गए तो डीएम का हवाला देकर कह दिया गया कि वहीं जाकर अर्जी दें। वह सीडीओ के यहां अर्जी तो दे आए, लेकिन ड्यूटी कटने को लेकर कोई कार्रवाई नहीं की गई। इन दिनों सीडीओ कार्यालय पर ड्यूटी कटवाने वालों की भीड़ जुटी रहती है। कर्मचारी सिफारिशें लगा रहे हैं।
सीडीओ प्रशांत कुमार का कहना है कि चुनाव कराना पहली प्राथमिकता है। हमारा पूरा फोकस चुनाव कराना है। ड्यूटी कटवाने को लेकर आवेदन तो आए हैं, लेकिन उनपर ऐसे विचार नहीं किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
दरअसल, इस बार निर्देश थे कि पति-पत्नी दोनों सरकारी नौकरी में हैं तो चुनाव ड्यूटी से एक को राहत दी जाएगी। शिक्षक संगठन भी इस बाबत बीएसए से मिल चुका था। बीएसए कार्यालय में ही दो सौ से ज्यादा आवेदन आए हैं। शिक्षक संगठन के जिलामंत्री मोहम्मद अकरम का कहना है कि इस बाबत बीएसए को अवगत कराया गया, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला है। वहीं बीएसए चंद्रकेश सिंह का कहना है कि ड्यूटी को लेकर सारे अधिकार सीडीओ के पास हैं। जिन शिक्षकों के आवेदन आए हैं उनको सीडीओ के यहां भेज दिए गए हैं। सीडीओ कार्यालय में पांच सौ से ज्यादा आवेदन ड्यूटी कटवाने के लिए पहुंचे हैं। इनमें अधिकतर ऐसे हैं जिनके घर छोटे बच्चे हैं। अगर पति पत्नी दोनों को ड्यूटी करनी पड़ी तो बच्चों की देखभाल कौन करेगा। ऐसे शिक्षक कार्रवाई के डर से कुछ भी बोलने को तैयार नहीं। नाम न छापने की शर्त पर एक महिला शिक्षक ने बताया कि एक साल से छोटा बच्चा है। घर में कोई और देखभाल करने वाला नहीं। ड्यूटी नहीं कटी तो रात में बच्चे को साथ ले जाना पड़ेगा। मरोरी ब्लॉक के एक शिक्षक का कहना कि बीएसए कार्यालय गए तो डीएम का हवाला देकर कह दिया गया कि वहीं जाकर अर्जी दें। वह सीडीओ के यहां अर्जी तो दे आए, लेकिन ड्यूटी कटने को लेकर कोई कार्रवाई नहीं की गई। इन दिनों सीडीओ कार्यालय पर ड्यूटी कटवाने वालों की भीड़ जुटी रहती है। कर्मचारी सिफारिशें लगा रहे हैं।
विज्ञापन
सीडीओ प्रशांत कुमार का कहना है कि चुनाव कराना पहली प्राथमिकता है। हमारा पूरा फोकस चुनाव कराना है। ड्यूटी कटवाने को लेकर आवेदन तो आए हैं, लेकिन उनपर ऐसे विचार नहीं किया जाएगा।
विज्ञापन