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पीलीभीत में मिला डेंगू का पहला केस, दो साल के मासूम में हुई पुष्टि
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पंडरी गांव में डेंगू का केस मिलने के बाद दवा का छिड़कांव करती मलेरिया की टीम
- फोटो : PILIBHIT
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पीलीभीत। जिले में डेंगू का पहला केस सोमवार को मिला है। न्यूरिया के पंडरी गांव के रहने वाले दो साल के मासूम में डेंगू की पुष्टि हुई। सूचना मिलने के बाद मलेरिया विभाग की टीम ने गांव में पहुंचकर लार्वा की तलाश की, तो 12 मकानों में डेंगू का लार्वा मिला। इस पर टीम ने उसे नष्ट कराया और परिवार के 11 लोगों की जांच की, हालांकि सभी की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है।
न्यूरिया थाना क्षेत्र के गांव पंडरी निवासी एक दो साल के मासूम को तीन सितंबर को बुखार आया था। इस पर परिवार वालों ने डॉक्टर को दिखाकर दवा ले ली, लेकिन कोई आराम नहीं मिला। चार सितंबर को परिवार वाले उसे शहर के निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां डॉक्टर ने उसकी डेंगू की प्रारंभिक जांच एसएस-1 कराई। जोकि जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इस पर बच्चे का सैंपल लेकर जांच को लखनऊ भेजा गया। जहां से उसकी एलाइजा की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई।
मलेरिया सहायक अधिकारी राजीव मौर्या अपनी टीम को लेकर गांव पहुंचे। पहले तो परिवार के 11 लोगों को एनएस-1 जांच की। जोकि सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई। इस पर टीम ने पीड़ित समेत आसपास के घरों में लार्वा की तलाश की, तो उन्हें 12 घरों में अस्थायी गड्ढे में जमा पानी में डेंगू का लार्वा मिला। इस पर टीम ने वहां सफाई करने के बाद लार्वा खत्म करने के लिए लार्विसाइड दवा का छिड़काव कराया। साथ 23 लोगों की मलेरिया की जांच भी की गई।
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मलेरिया सहायक अधिकारी राजीव मौर्या ने बताया कि मासूम में डेंगू की पुष्टि हुई है। उसका इलाज चल रहा है। साथ ही गांव में दवा का छिड़काव करने के साथ ही आशाओं को दवा उपलब्ध कराई जा रही है। ताकि वह जागरूकता कर घर-घर दवा का वितरण कर सके।
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न्यूरिया थाना क्षेत्र के गांव पंडरी निवासी एक दो साल के मासूम को तीन सितंबर को बुखार आया था। इस पर परिवार वालों ने डॉक्टर को दिखाकर दवा ले ली, लेकिन कोई आराम नहीं मिला। चार सितंबर को परिवार वाले उसे शहर के निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां डॉक्टर ने उसकी डेंगू की प्रारंभिक जांच एसएस-1 कराई। जोकि जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इस पर बच्चे का सैंपल लेकर जांच को लखनऊ भेजा गया। जहां से उसकी एलाइजा की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई।
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मलेरिया सहायक अधिकारी राजीव मौर्या अपनी टीम को लेकर गांव पहुंचे। पहले तो परिवार के 11 लोगों को एनएस-1 जांच की। जोकि सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई। इस पर टीम ने पीड़ित समेत आसपास के घरों में लार्वा की तलाश की, तो उन्हें 12 घरों में अस्थायी गड्ढे में जमा पानी में डेंगू का लार्वा मिला। इस पर टीम ने वहां सफाई करने के बाद लार्वा खत्म करने के लिए लार्विसाइड दवा का छिड़काव कराया। साथ 23 लोगों की मलेरिया की जांच भी की गई।
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मलेरिया सहायक अधिकारी राजीव मौर्या ने बताया कि मासूम में डेंगू की पुष्टि हुई है। उसका इलाज चल रहा है। साथ ही गांव में दवा का छिड़काव करने के साथ ही आशाओं को दवा उपलब्ध कराई जा रही है। ताकि वह जागरूकता कर घर-घर दवा का वितरण कर सके।