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आपदाग्रस्त किसानों के लिए शुरू की भूख हड़ताल
ब्यूरो, अमर उजाला पीलीभीत
Updated Thu, 23 Apr 2015 11:24 PM IST
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टनकपुर रोड स्थित नेहरू ऊर्जा उद्यान में बृहस्पतिवार से शुरू हुई 24 घंटे की भूख हड़ताल में किसान महासभा के राज्य स्थायी समिति के सदस्य व भाकपा माले नेता अलाउद्दीन शास्त्री, जिला पंचायत सदस्य रमा गैरोला समेत दस किसान बैठे। इस दौरान अलाउद्दीन शास्त्री ने कहा कि सपा व भाजपा की सरकारें मिलकर किसानों की हत्या कर रही हैं। पूरे क्षेत्र में कागजों की खानापूरी करने के लिए सर्वे की जा रहा है।
सदमे से हो रही किसानों की मौतों को सरकार नकार किसानों के जले पर नमक छिड़क रही है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिला पंचायत सदस्य रमा गैरोला ने कहा कि प्रदेश में सदमें से हुई किसानों की मौतों व आत्महत्याओं का आंकड़ा हजार पार कर चुका है। प्रदेश में करीब 50 फीसदी खेती बटाई पर हो रही है। इस आपदा में सबसे ज्यादा कर्जदार और बटाईदार ही आत्महत्या व मौत का शिकार हो रहे हैं, लेकिन अभी तक केंद्र व प्रदेश सरकार ने किसानों के कर्जमाफी, निशुल्क खाद, बीज, पानी, दवा देने की घोषणा नहीं की है।
भूख हड़ताल पर बैठे किसानों ने किसानों के बैंक व महाजनी कर्ज माफ करने, बर्बाद फसलों को 50 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर मुआवजा देने, स्वामीनाथन कमेटी की रिपोर्ट लागू करने, भूमि अधिग्रहण अध्यादेश वापस लेने, मुआवजे में पेशगी व बटाईदारों को शामिल करने आदि की मांग की गई है।
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आइसा जिला संयोजक धर्मेंद्र कुमार वर्मा, क्रांतिकारी लोक अधिकार संगठन के कृष्णदयाल व पूरनलाल ने अनशन स्थल पर पहुंचकर भूखहड़ताल का समर्थन किया। भूखहड़ताल पर बैठने वालों में छुन्नू खां, अजमतुल्ला, गनेश, मनीराम, मुश्ताक, इलियास, खेमकरन, वसीउल्लाह, रामकांती शामिल रहे। इस मौके पर देवाशीष, मोहम्मद उमर, अच्छन खां ने भी विचार व्यक्त किए।
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सदमे से हो रही किसानों की मौतों को सरकार नकार किसानों के जले पर नमक छिड़क रही है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिला पंचायत सदस्य रमा गैरोला ने कहा कि प्रदेश में सदमें से हुई किसानों की मौतों व आत्महत्याओं का आंकड़ा हजार पार कर चुका है। प्रदेश में करीब 50 फीसदी खेती बटाई पर हो रही है। इस आपदा में सबसे ज्यादा कर्जदार और बटाईदार ही आत्महत्या व मौत का शिकार हो रहे हैं, लेकिन अभी तक केंद्र व प्रदेश सरकार ने किसानों के कर्जमाफी, निशुल्क खाद, बीज, पानी, दवा देने की घोषणा नहीं की है।
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भूख हड़ताल पर बैठे किसानों ने किसानों के बैंक व महाजनी कर्ज माफ करने, बर्बाद फसलों को 50 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर मुआवजा देने, स्वामीनाथन कमेटी की रिपोर्ट लागू करने, भूमि अधिग्रहण अध्यादेश वापस लेने, मुआवजे में पेशगी व बटाईदारों को शामिल करने आदि की मांग की गई है।
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आइसा जिला संयोजक धर्मेंद्र कुमार वर्मा, क्रांतिकारी लोक अधिकार संगठन के कृष्णदयाल व पूरनलाल ने अनशन स्थल पर पहुंचकर भूखहड़ताल का समर्थन किया। भूखहड़ताल पर बैठने वालों में छुन्नू खां, अजमतुल्ला, गनेश, मनीराम, मुश्ताक, इलियास, खेमकरन, वसीउल्लाह, रामकांती शामिल रहे। इस मौके पर देवाशीष, मोहम्मद उमर, अच्छन खां ने भी विचार व्यक्त किए।