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जनपद के 346 गांव की पहचान बना कच्ची शराब का कारोबार
Updated Thu, 24 Aug 2017 05:47 PM IST
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पीलीभीत। नेपाल और उत्तराखंड की सीमा से सटा तराई का जिला वैसे तो तस्करों के लिए मुफीद है। इस बीच तराई के इलाके में कच्ची शराब का कारोबार भी तेजी से पनप रहा है। जनपद के 346 गांव की पहचान ही कच्ची शराब के कारोबार से है। घनी बस्ती से लेकर जंगल व नहर के किनारे शराब माफिया सक्रिय हैं। पुलिस की साठगांठ के चलते इनकी रोकथाम के नाम पर शराब खरीदने वालों को दस से बीस लीटर के साथ पकड़कर गुडवर्क दिखा अफसरों की वाहवाही लूटी जा रही है। वैसे तो इनकी साठगांठ का अंदाजा इस बात से आसानी से लगाया जा सकता है कि दिन हो या रात कच्ची शराब की भट्टियां धधकती रहती हैं। अधिकारियों की ओर से कभी कभार अभियान चलाए जाने पर इन स्थानों पर दबिश नहीं दी जाती। चुनाव के समय में शराब के इस अवैध कारोबार पर शिकंजा कसने के हर बार दावे किए जाते हैं, लेकिन इस दौरान भी कार्रवाई औपचारिकता से बढ़कर नहीं होती। 2017 विधानसभा चुनाव के दौरान आबकारी और पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई कर 798 छापा मारकर 205 मुकदमे दर्ज किए थे। करीब साढ़े तीन हजार लीटर शराब बरामद की गई। 149 लोगों की मौके से गिरफ्तारी की गई। यह आंकड़ा दिखाकर मातहतों ने उच्चाधिकारियों को अपना गुडवर्क बता दिया। जबकि खुद आबकारी विभाग से जुड़े लोग बताते हैं कि पूरनपुर सर्किल में कई क्षेत्र ऐसे हैं जहां पर हजारों लीटर शराब किसी भी वक्त पकड़ी जा सकती है। इसके बाद चलाए गए पुलिस के कई अभियानों में एक व्यक्ति के पास से कभी बीस तो कभी पचास लीटर, इससे अधिक की बरामदगी नहीं की जा सकी है।
पूरनपुर सर्किल में है सर्वाधिक कारोबार
जिले के चारों सर्किलों में कच्ची शराब का कारोबार खुलेआम हो रहा है, लेकिन बात अगर पूरनपुर सर्किल की करें तो वहां पर प्रतिदिन सैकड़ों लीटर कच्ची शराब बनाई जाती है। कच्ची शराब बनाने में चिह्नित गांवों की संख्या भी पूरनपुर सर्किल में सर्वाधिक 136 गांव है। सिटी सर्किल में 56, जहानाबाद सर्किल में 65 और बीसलपुर सर्किल में 82 गांव चिह्नित हैं।
किस थाने में कितने गांव में हो रहा काम
थाना क्षेत्र गांव संख्या
सुनगढ़ी 13
कोतवाली 08
गजरौला 35
जहानाबाद 26
अमरिया 13
न्यूरिया 26
बीसलपुर 18
बरखेड़ा 13
दियोरियाकलां 14
बिलसंडा 31
पूरनपुर 55
माधोटांडा 54
हजारा 13
सेहरामऊ 14
पुलिस का खौफ नहीं कारोबारियों को
कच्ची शराब के कारोबारियों की दबंगई भी कम नहीं है। शिकायत करने वालों से लेकर पुलिस पर हमला करने से भी नहीं चूकते। हजारा, सेहरामऊ, बरखेड़ा और न्यूरिया क्षेत्र में कई बार ऐसे मामले सामने आए, जहां पर पुलिस से अभद्रता की गई। एक दिन पहले हजारा मेें दरोगा से अभद्रता की वारदात सामने आई। वहीं तीन साल पहले बरखेड़ा में तत्कालीन एसओ समेत कई पुलिसकर्मियों को कारोबारियों ने गांव में घेरकर पीटा गया था।
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पूरनपुर सर्किल में है सर्वाधिक कारोबार
जिले के चारों सर्किलों में कच्ची शराब का कारोबार खुलेआम हो रहा है, लेकिन बात अगर पूरनपुर सर्किल की करें तो वहां पर प्रतिदिन सैकड़ों लीटर कच्ची शराब बनाई जाती है। कच्ची शराब बनाने में चिह्नित गांवों की संख्या भी पूरनपुर सर्किल में सर्वाधिक 136 गांव है। सिटी सर्किल में 56, जहानाबाद सर्किल में 65 और बीसलपुर सर्किल में 82 गांव चिह्नित हैं।
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किस थाने में कितने गांव में हो रहा काम
थाना क्षेत्र गांव संख्या
सुनगढ़ी 13
कोतवाली 08
गजरौला 35
जहानाबाद 26
अमरिया 13
न्यूरिया 26
बीसलपुर 18
बरखेड़ा 13
दियोरियाकलां 14
बिलसंडा 31
पूरनपुर 55
माधोटांडा 54
हजारा 13
सेहरामऊ 14
पुलिस का खौफ नहीं कारोबारियों को
कच्ची शराब के कारोबारियों की दबंगई भी कम नहीं है। शिकायत करने वालों से लेकर पुलिस पर हमला करने से भी नहीं चूकते। हजारा, सेहरामऊ, बरखेड़ा और न्यूरिया क्षेत्र में कई बार ऐसे मामले सामने आए, जहां पर पुलिस से अभद्रता की गई। एक दिन पहले हजारा मेें दरोगा से अभद्रता की वारदात सामने आई। वहीं तीन साल पहले बरखेड़ा में तत्कालीन एसओ समेत कई पुलिसकर्मियों को कारोबारियों ने गांव में घेरकर पीटा गया था।
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