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चोरी और लूट करने वाले तीन शातिर बदमाश दबोचे
Updated Tue, 03 Apr 2018 07:24 PM IST
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चोरी और लूट करने वाले तीन शातिर बदमाश दबोचे
नकदी, जेवरात समेत साढ़े चार लाख का सामान बरामद
एसपी ने किया खुलासा, टीम को पांच हजार इनाम
03 पीबीटीपी 14
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। शहर में बंद मकानों को निशाने पर लेकर चोरी और सड़कों पर स्नैचिंग की वारदात को अंजाम देने वाले तीन शातिर अपराधी सुनगढ़ी पुलिस के हत्थे चढ़े। मंगलवार सुबह तड़के सवा बजे रेलवे मनोरंजन गृह के पास से तीनों को पुलिस ने धर दबोचा। इनके पास से फाइनेंसर के घर हुई चोरी व स्नैचिंग की घटनाओं का करीब साढ़े चार लाख कीमत का सामान बरामद किया गया। दोपहर दो बजे पुलिस लाइन में एसपी ने खुलासा करते हुए टीम के गुडवर्क को सराहा और पांच हजार इनाम की घोषणा की है।
कृष्ण लोक कॉलोनी निवासी फाइनेंसर रजनीश शर्मा के बंद मकान से चोर शुक्रवार रात करीब सात लाख का सामान समेट ले गए थे। एसपी कलानिधि नैथानी ने घटना के खुलासे के लिए सीओ सिटी धर्म सिंह मार्छाल की अगुवाई में टीम का गठन किया था। जिसके बाद से स्वॉट व सर्विलांस टीम की मदद से पुलिस सुरागरसी में जुट गई। मंगलवार सुबह सवा बजे पुलिस को जानकारी मिली कि रेलवे कॉलोनी के मनोरंजन गृह के पास कुछ अपराधी चोरी की योजना बना रहे हैं। इस पर एसएचओ मोहम्मद कासिम, एसएसआई सुधीर कुमार सिंह, एसआई संजीव तोमर, एचसीपी गिरीश चंद्र, कांस्टेबल सहदेव, नितिन कुमार समेत टीम ने मौके पर दबिश दी। यहां से नौगवां पकडिय़ा निवासी यादराम उर्फ यादा, महेंद्र झटका, गजरौला निवासी बबलू को धर दबोचा। जबकि एक आरोपी महेंद्र लंगड़ा भागने में सफल रहा। आरोपियों के पास से एक बाइक, 303 बोर तमंचा, दो कारतूूस, लोहे की रॉड बरामद हुई। थाने लाकर तीनों से पूछताछ की गई। जिसके बाद उन्होंने शहर में चोरी व लूट की घटनाएं अंजाम देने की बात कबूली। इसके बाद इनकी निशानदेही पर टीम ने फाइनेंसर के घर हुई चोरी के दस हजार रुपये व करीब चार लाख कीमत के जेवरात बरामद किए। इसके अलावा एक अन्य चोरी के 20 हजार रुपये व तीन अन्य लूट की घटनाओं का सामान बरामद किया। आरोपियों ने बताया कि वह रेकी कर चोरी करते थे। इसके अलावा बाइक से पर्स, चेन लूटा करते थे।
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गुडवर्क के साथ खुल गई हिस्ट्रीशीटर निगरानी की कलई
यादराम गिरोह बनाकर करता रहा अपराध, ये कैसी निगरानी!
पीलीभीत। चोरी और लूट की घटनाओं को लेकर मंगलवार को किए खुलासे में हुई बरामदगी को देख इसको बीते दिनों हुए बंद मकानों की चोरी के खुलासों की अपेक्षा काफी बेहतर कहा जा सकता है। लेकिन खाकी के गुडवर्क के बीच हिस्ट्रीशीटरों की हर एक गतिविधि पर नजर रखने को कराई जाने वाली निगरानी पर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। एक एचएस अपने ही थाना क्षेत्र में दिन में लूट और रात में चोरी की घटनाओं को बेखौफ होकर करता रहा, लेकिन निगरानी करने वाली पुलिस अंजान रही।
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गिरोह का सरगना नौगवां पकड़िया निवासी यादराम शातिर अपराधी होने के साथ ही सुनगढ़ी थाने का हिस्ट्रीशीटर (एचएस) है। उस पर डकैती, लूट, चोरी, आर्म्स एक्ट, धोखाधड़ी, रंगदारी समेत संगीन धाराओं में 15 मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस अभिलेखों पर जाएं तो उसके एचएस होने के कारण लगातार निगरानी भी कराई जा रही थी। इसके बावजूद यादराम शहर में बल्कि उस थाना क्षेत्र में घटनाएं करता रहा, जहां की पुलिस उसकी निगरानी में लगी हुई थी। जबकि ये निगरानी कई अहम बिंदुओं पर की जा रही थी। जैसे उसकी दिनचर्या क्या है? उसकी आजीविका के क्या साधन है? किससे मिलता है, कहां जाता व रहता है? अपराध को लेकर कितना सक्रिय है..आदि। यही नहीं तीन माह पहले बल्लभ नगर कॉलोनी में हुई चोरी के मामले में भी सुनगढ़ी पुलिस ने उसको हिरासत में लिया था, लेकिन कुछ भी कबूल नहीं करा सकी थी। आज भी उस घटना में पुलिस को उसकी संलिप्तता का अंदेशा है। फिर भी पुलिस को उसके सक्रिय होने का आभास नहीं हो सका। ऐसे में सवाल है कि हिस्ट्रीशीटर निगरानी के नाम पर जिले की पुलिस महज औपचारिकता निभा अभिलेख दुरुस्त तो नहीं कर रही।
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पुलिस के हत्थे चढ़ा गैंग कई प्रदेशों में सक्रिय रहा है। आरोपी यादराम इसका सरगना है। ये गिरोह बनाकर राजस्थान, गुजरात में भी पेट्रोल पंप लूट जैसी बड़ी वारदातों को अंजाम दे चुके हैं। फरार साथी की धीपकड़ को टीम लगाई गई है। आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई की जाएगी।
कलानिधि नैथानी, एसपी
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नकदी, जेवरात समेत साढ़े चार लाख का सामान बरामद
एसपी ने किया खुलासा, टीम को पांच हजार इनाम
03 पीबीटीपी 14
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। शहर में बंद मकानों को निशाने पर लेकर चोरी और सड़कों पर स्नैचिंग की वारदात को अंजाम देने वाले तीन शातिर अपराधी सुनगढ़ी पुलिस के हत्थे चढ़े। मंगलवार सुबह तड़के सवा बजे रेलवे मनोरंजन गृह के पास से तीनों को पुलिस ने धर दबोचा। इनके पास से फाइनेंसर के घर हुई चोरी व स्नैचिंग की घटनाओं का करीब साढ़े चार लाख कीमत का सामान बरामद किया गया। दोपहर दो बजे पुलिस लाइन में एसपी ने खुलासा करते हुए टीम के गुडवर्क को सराहा और पांच हजार इनाम की घोषणा की है।
कृष्ण लोक कॉलोनी निवासी फाइनेंसर रजनीश शर्मा के बंद मकान से चोर शुक्रवार रात करीब सात लाख का सामान समेट ले गए थे। एसपी कलानिधि नैथानी ने घटना के खुलासे के लिए सीओ सिटी धर्म सिंह मार्छाल की अगुवाई में टीम का गठन किया था। जिसके बाद से स्वॉट व सर्विलांस टीम की मदद से पुलिस सुरागरसी में जुट गई। मंगलवार सुबह सवा बजे पुलिस को जानकारी मिली कि रेलवे कॉलोनी के मनोरंजन गृह के पास कुछ अपराधी चोरी की योजना बना रहे हैं। इस पर एसएचओ मोहम्मद कासिम, एसएसआई सुधीर कुमार सिंह, एसआई संजीव तोमर, एचसीपी गिरीश चंद्र, कांस्टेबल सहदेव, नितिन कुमार समेत टीम ने मौके पर दबिश दी। यहां से नौगवां पकडिय़ा निवासी यादराम उर्फ यादा, महेंद्र झटका, गजरौला निवासी बबलू को धर दबोचा। जबकि एक आरोपी महेंद्र लंगड़ा भागने में सफल रहा। आरोपियों के पास से एक बाइक, 303 बोर तमंचा, दो कारतूूस, लोहे की रॉड बरामद हुई। थाने लाकर तीनों से पूछताछ की गई। जिसके बाद उन्होंने शहर में चोरी व लूट की घटनाएं अंजाम देने की बात कबूली। इसके बाद इनकी निशानदेही पर टीम ने फाइनेंसर के घर हुई चोरी के दस हजार रुपये व करीब चार लाख कीमत के जेवरात बरामद किए। इसके अलावा एक अन्य चोरी के 20 हजार रुपये व तीन अन्य लूट की घटनाओं का सामान बरामद किया। आरोपियों ने बताया कि वह रेकी कर चोरी करते थे। इसके अलावा बाइक से पर्स, चेन लूटा करते थे।
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गुडवर्क के साथ खुल गई हिस्ट्रीशीटर निगरानी की कलई
यादराम गिरोह बनाकर करता रहा अपराध, ये कैसी निगरानी!
पीलीभीत। चोरी और लूट की घटनाओं को लेकर मंगलवार को किए खुलासे में हुई बरामदगी को देख इसको बीते दिनों हुए बंद मकानों की चोरी के खुलासों की अपेक्षा काफी बेहतर कहा जा सकता है। लेकिन खाकी के गुडवर्क के बीच हिस्ट्रीशीटरों की हर एक गतिविधि पर नजर रखने को कराई जाने वाली निगरानी पर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। एक एचएस अपने ही थाना क्षेत्र में दिन में लूट और रात में चोरी की घटनाओं को बेखौफ होकर करता रहा, लेकिन निगरानी करने वाली पुलिस अंजान रही।
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गिरोह का सरगना नौगवां पकड़िया निवासी यादराम शातिर अपराधी होने के साथ ही सुनगढ़ी थाने का हिस्ट्रीशीटर (एचएस) है। उस पर डकैती, लूट, चोरी, आर्म्स एक्ट, धोखाधड़ी, रंगदारी समेत संगीन धाराओं में 15 मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस अभिलेखों पर जाएं तो उसके एचएस होने के कारण लगातार निगरानी भी कराई जा रही थी। इसके बावजूद यादराम शहर में बल्कि उस थाना क्षेत्र में घटनाएं करता रहा, जहां की पुलिस उसकी निगरानी में लगी हुई थी। जबकि ये निगरानी कई अहम बिंदुओं पर की जा रही थी। जैसे उसकी दिनचर्या क्या है? उसकी आजीविका के क्या साधन है? किससे मिलता है, कहां जाता व रहता है? अपराध को लेकर कितना सक्रिय है..आदि। यही नहीं तीन माह पहले बल्लभ नगर कॉलोनी में हुई चोरी के मामले में भी सुनगढ़ी पुलिस ने उसको हिरासत में लिया था, लेकिन कुछ भी कबूल नहीं करा सकी थी। आज भी उस घटना में पुलिस को उसकी संलिप्तता का अंदेशा है। फिर भी पुलिस को उसके सक्रिय होने का आभास नहीं हो सका। ऐसे में सवाल है कि हिस्ट्रीशीटर निगरानी के नाम पर जिले की पुलिस महज औपचारिकता निभा अभिलेख दुरुस्त तो नहीं कर रही।
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पुलिस के हत्थे चढ़ा गैंग कई प्रदेशों में सक्रिय रहा है। आरोपी यादराम इसका सरगना है। ये गिरोह बनाकर राजस्थान, गुजरात में भी पेट्रोल पंप लूट जैसी बड़ी वारदातों को अंजाम दे चुके हैं। फरार साथी की धीपकड़ को टीम लगाई गई है। आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई की जाएगी।
कलानिधि नैथानी, एसपी