फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   नेपाली बस की टक्कर के बाद कार में लगी आग, सास-ससुर, दामाद समेत पांच जिंदा जले

नेपाली बस की टक्कर के बाद कार में लगी आग, सास-ससुर, दामाद समेत पांच जिंदा जले

Sun, 31 Mar 2019 12:17 AM IST
Prashant Singh Prashant Singh
Updated Sun, 31 Mar 2019 12:17 AM IST
विज्ञापन
नेपाली बस की टक्कर के बाद कार में लगी आग, सास-ससुर, दामाद समेत पांच जिंदा जले
पीलीभीत/ जहानाबाद। बरेली-टनकपुर हाईवे पर पीलीभीत में खमरिया पुल के पास शनिवार तड़के नेपाली की एक प्राइवेट बस की टक्कर लगने के बाद कार में आग लग गई। आग लगने से कार में सवार दो दंपति और उनके एक दामाद जिंदा जल गए। पांचों लोग बरेली के एक निजी अस्पताल में भर्ती रिश्तेदार को देखने के बाद न्यूरिया लौट रहे थे। नेपाल की प्राइवेट बस रूपेडिया से दिल्ली जा रही थी। बस पलटने से उसें सवार लोगों के भी चोटें आईं। इस हादसे की सूचना मिलने पर एसपी मनोज कुमार सोनकर समेत कई अफसरों ने मौका मुआयना किया। पुलिस के मुताबिक हादसा बस को हाईवे पर बने एक गड्ढे से बचाने के चक्कर में हुआ।
विज्ञापन

यह हादसा शनिवार तड़के करीब 3:30 बजे हुआ। न्यूरिया थाना क्षेत्र के मोहल्ला ठाकुरद्वारा निवासी मुन्ने मंसूरी (60) के साले शमशुल बरेली के एक निजी अस्पताल में भर्ती हैं। शमशुल सुनगढ़ी के भिकारीपुर निवासी हैं। उन्हें देखने के लिए शुक्रवार रात करीब आठ बजे मुन्ने, उनकी पत्नी मुन्नी बेगम (55), साढ़ू जहानाबाद इलाके के गौंछ गांव निवासी जमील अहमद (52), उनकी पत्नी नसरीन उर्फ गोजा बेगम (45), मुन्ने के दामाद ऊधनम सिंह नगर (उत्तराखंड) के किच्छा थाना क्षेत्र के गांव सैजना दरऊ निवासी आजम (25) पुत्र शमशुद्दीन कार में बरेली गए थे। बरेली से शुक्रवार रात करीब एक बजे मुन्ने मंसूरी समेत सभी पांचो लोग कार में न्यूरिया जाने के लिए निकले। कार आजम चला रहे थे। बरेली-टनकपुर हाईवे पर खमरिया पुल के पास पहुंचने पर उनकी कार में सामने से आई नेपाल की एक प्राइवेट बस ने टक्कर मार दी। बस रूपेडिया से सवारिया लेकर दिल्ली जा रही थी। टक्कर लगने के बाद कार और बस दोनों गाड़ियां पलट गईं। तभी कार में आग गई। हादसे की खबर मिलने पर कुछ ही देर में एसपी मनोज कुमार सोनकर, सीओ सदर योगेंद्र कुमार, इंस्पेक्टर जहानाबाद कमल सिंह मौके पर जा पहुंचे। इस बीच मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम ने कुछ ही देर में आग बुझा दी। मगर तब तक मुन्ने मंसूरी, उनकी पत्नी मुन्नी बेगम, साढ़ू जमील अहमद, उनकी पत्नी नसरीन उर्फ गोजा बेगम, दामाद आजम बुरी तरह जल चुके थे, जिससे उनकी मौत हो गई। पुलिस ने कार के शीशे तोड़कर पांचों शव बाहर निकाला।
विज्ञापन

मुन्ने मंसूरी की बड़ी बेटी आमना की दोनों किडनी खराब हैं। उसकी बरेली के एक निजी अस्पताल में हर तीसरे दिन डायलिसिस होती है। आमना को उसके पति अख्तर और बेटा अरबाज बरेली डायलिसिस कराने ले गए थे, जो शुक्रवार रात वहीं रुक गए। शनिवार सुबह पांच बजे घर लौटते समय उन्होंने रास्ते में खमरिया पुल के पास हादसा हुआ देखा था, लेकिन ध्यान नहीं दिया। घर पहुंचने पर आमना ने परिवार वालों से माता-पिता के बारे में पूछा। उनके घर न पहुंचने पर आमना और परिवार के बाकी लोग घबरा गए। इसके बाद परिजनों ने मौके पर जाकर मृतकों की शिनाख्त की।
विज्ञापन
विज्ञापन

बरेली-टनकपुर हाईवे पर घटनास्थल के पास एक गड्ढा है। संभवत: उसी से गाड़ी बचाने के चक्कर में दोनों वाहनों की भिड़ंत हुई होगी। मृतकों के परिजनों को हरसंभव मदद दी जाएगी। - मनोज कुमार सोनकर, एसपी
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed