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सील गोदाम से बेच रहे थे डोडा, पिता-पुत्र गिरफ्तार

Fri, 27 Apr 2018 01:44 PM IST
Updated Fri, 27 Apr 2018 01:44 PM IST
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सील गोदाम से बेच रहे थे डोडा, पिता-पुत्र गिरफ्तार
सील गोदाम से बेच रहे थे डोडा, पिता-पुत्र गिरफ्तार
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सीओ सिटी ने स्वॉट, सर्विलांस टीम संग मारा छापा
एसपी ने दिए रिपोर्ट दर्ज कर सख्त कार्रवाई के निर्देश
26 पीबीटीपी 19
अमर उजाला ब्यूरो
मझोला/पीलीभीत। करीब एक साल पहले लाइसेंस निरस्त होने के बाद सील किए गए गोदाम से मादक पदार्थ डोडा पाउडर की बिक्री कर रहे पिता-पुत्र को बृहस्पतिवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे छापामारी के दौरान रंगेहाथ पुलिस ने धर दबोचा। पुलिस ने मौके से चालीस किग्रा डोडा पाउडर, 75 हजार रुपये बरामद किए। डोडा तस्करी में इस्तेमाल की जाने वाली दो कारों को भी टीम ने कब्जे में लिया है। आरोपी के गोदाम पर रात को पुलिस की ड्यूटी रहेगी।
मझोला कस्बे के निवासी रामानंद अग्रवाल का डोडा का लाइसेंस करीब एक साल पहले निरस्त कर दिया गया था। इसके बावजूद वह लगातार सील गोदाम की ग्रिल तोड़कर उसी रास्ते से डोडा पाउडर की लगातार बिक्री करने में जुटा रहा। इसकी शिकायत मिलने पर एसपी कलानिधि नैथानी ने सीओ सिटी धर्म सिंह मार्छाल के नेतृत्व में टीम का गठन किया। जिसके बाद बृहस्पतिवार दोपहर साढ़े तीन बजे सीओ सिटी ने स्वॉट टीम प्रभारी नरेंद्र यादव, सर्विलांस प्रभारी रेहान खां, हरीश शर्मा, न्यूूरिया एसएचओ रविंद्र कुमार वर्मा आदि के साथ मझोला कस्बा स्थित रामानंद अग्रवाल के सील गोदाम और मकान में छापामारी की। एक घंटे चली कार्रवाई के बाद आखिरकार टीम को सफलता मिल गई। सील किए गए गोदाम की ग्रिल निकालकर वह वहीं से डोडा पाउडर की सप्लाई करता मिला। यह भी सामने आया कि कई लोगों को काम पर लगाकर वह उत्तराखंड तक सप्लाई करता है। मौके से टीम ने 40 किग्रा डोडा पाउडर बरामद किया है। इस दौरान आरोपी रामानंद अग्रवाल और उसके बेटे संजीव की गिरफ्तारी की गई है।
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पूर्व में चकमा देकर बचा था आरोपी
करीब सात माह पूूर्व आरोपी रामानंद के डोडे की तस्करी करने की सूचना मिलने पर पुलिस ने उसकी कार को पकड़ा था। उस समय भी छापामारी सीओ धर्म सिंह मार्छाल ने ही की थी, लेकिन उस दौरान जांच में आरोपी की कार से कई बोरी मूंगफली के छिक्कल मिल सके थे। जिस पर उसको छोड़ दिया गया था। चर्चा यह भी रही कि सीओ की कार्रवाई की किसी पुलिसकर्मी ने पहले से भनक दे दी थी, जिस कारण टीम असफल रही।
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आबकारी की कार्यशैली पर सवालिया निशान
आरोपी रामानंद का गोदाम करीब एक साल पहले लाइसेंस निरस्त होने के बाद सील कर दिया गया था। यह कार्रवाई आबकारी विभाग की ओर से की गई थी। एक साल का समय बीतने के बाद भी आबकारी विभाग ने सील गोदाम में मिले माल को नष्ट नहीं किया। उक्त माल को भी आरोपी लगातार बेच रहा था। जिससे कहीं न कहीं आबकारी विभाग की कार्यशैली पर भी सवालिया निशान लगा है।

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पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ मादक पदार्थ की बिक्री करने के साथ ही सील गोदाम से माल चोरी करने की भी रिपोर्ट दर्ज कराई जा रही है। मामले में जांच के लिए आबकारी विभाग को भी बुलाया गया है। आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
कलानिधि नैथानी, एसपी
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