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पड़ोसियों के लिए बयान, तो और गहरा गया परिवार पर शक
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पीलीभीत। सगी बहनों की हत्या के मामले में एक तरफ पुलिस अधिकारी परिवार वालों पर शक जाहिर करते ऑनर किलिंग की ओर इशारा कर जल्द खुलासे का दावा कर रहे हैं। वहीं परिवार की ओर से लगातार पुलिस पर मारपीट करने के आरोप लगाए जा रहे हैं। इन सबके बीच पुलिस ने तमाम साक्ष्य एकत्र होने का दावा भी किया है, जिनके जरिये परिवार के ही घटना में शामिल होने की बात कही गई है। इसमें पड़ोसियों से हुई बातचीत में सामने आए तथ्यों के बाद बल मिला है।
बीसलपुर के एक गांव में जिस ईंट भट्ठे पर दोनों बहनें परिवार के साथ कोठरी में रहती थीं। उसके आसपास कुल 14 अन्य परिवार भी रहते हैं। इन सभी से पुलिस ने मंगलवार को कई चरणों में बारीकी से पूछताछ की थी। परिवार वाले शव मिलने के बाद घटना की सूचना न देने को लेकर पहले ही संदेह के दायरे में आ चुके थे। घर से रस्सी और हंसिया बरामद होते ही जांच का रुख मुड़ गया था। वहीं, बताते हैं कि पड़ोसियों से मिली जानकारी ने पुलिस का शक और गहरा दिया। पुलिस के अनुसार पड़ोसियों ने बताया कि परिवार की गतिविधि घटना की रात संदिग्ध थी। बेटियों के लापता होने और शव मिलने की बात भी परिजन की ओर से आसपास के लोगों को नहीं बताई गई थी। परिवार वाले रात को कोठरी के बाहर आपस में ही बातचीत करते हुए घूमते दिखाई दिए थे। पहली बेटी का शव मिलने के बाद भी पड़ोसियों को कुछ नहीं बताया था। सुबह जब शव लटका मिला तो पूरे मामले का शोर मचा। पुलिस का कहना है कि बेटियों के लापता होने पर अमूमन आम परिवार हल्ला मचा देता है। आसपास के लोगों को भी जानकारी दी जाती है। उनसे लापता बच्चों के बारे में पूछा जाता है। शव मिलने के बाद तो कोई चुप रहता ही नहीं। मगर, मामले में सब कुछ उलटा हुआ है। अब लगाए जा रहे आरोपों को पुलिस बचाव के लिए हंगामा करने से भी जोड़ती रही। कई अन्य रिश्तेदारों की भूमिका भी संदिग्ध बताई। परिवार के घटना करने के पीछे प्रेम प्रसंग को लेकर सामने आ रही एक कहानी को अहम वजह माना जा रहा है। परिवार के तीन सदस्यों की अहम भूमिका पुलिस की जांच में निकल रही है।
इस पूरे घटनाक्रम में कई तथ्य जुटाए जा चुके हैं। जिनसे स्पष्ट हो रहा है कि घटना में परिवार के लोगों की ही संलिप्तता है। साक्ष्य के लिए टीमें लगी हुई है। परिवार के सदस्यों की निगरानी भी करा रहे हैं। पड़ोसियों के बयान भी संदेह बढ़ गए हैं। मामला ऑनर किलिंग से जुड़कर ही निकल रहा है, जल्द खुलासा किया जाएगा। - जयप्रकाश, एसपी
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बीसलपुर के एक गांव में जिस ईंट भट्ठे पर दोनों बहनें परिवार के साथ कोठरी में रहती थीं। उसके आसपास कुल 14 अन्य परिवार भी रहते हैं। इन सभी से पुलिस ने मंगलवार को कई चरणों में बारीकी से पूछताछ की थी। परिवार वाले शव मिलने के बाद घटना की सूचना न देने को लेकर पहले ही संदेह के दायरे में आ चुके थे। घर से रस्सी और हंसिया बरामद होते ही जांच का रुख मुड़ गया था। वहीं, बताते हैं कि पड़ोसियों से मिली जानकारी ने पुलिस का शक और गहरा दिया। पुलिस के अनुसार पड़ोसियों ने बताया कि परिवार की गतिविधि घटना की रात संदिग्ध थी। बेटियों के लापता होने और शव मिलने की बात भी परिजन की ओर से आसपास के लोगों को नहीं बताई गई थी। परिवार वाले रात को कोठरी के बाहर आपस में ही बातचीत करते हुए घूमते दिखाई दिए थे। पहली बेटी का शव मिलने के बाद भी पड़ोसियों को कुछ नहीं बताया था। सुबह जब शव लटका मिला तो पूरे मामले का शोर मचा। पुलिस का कहना है कि बेटियों के लापता होने पर अमूमन आम परिवार हल्ला मचा देता है। आसपास के लोगों को भी जानकारी दी जाती है। उनसे लापता बच्चों के बारे में पूछा जाता है। शव मिलने के बाद तो कोई चुप रहता ही नहीं। मगर, मामले में सब कुछ उलटा हुआ है। अब लगाए जा रहे आरोपों को पुलिस बचाव के लिए हंगामा करने से भी जोड़ती रही। कई अन्य रिश्तेदारों की भूमिका भी संदिग्ध बताई। परिवार के घटना करने के पीछे प्रेम प्रसंग को लेकर सामने आ रही एक कहानी को अहम वजह माना जा रहा है। परिवार के तीन सदस्यों की अहम भूमिका पुलिस की जांच में निकल रही है।
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इस पूरे घटनाक्रम में कई तथ्य जुटाए जा चुके हैं। जिनसे स्पष्ट हो रहा है कि घटना में परिवार के लोगों की ही संलिप्तता है। साक्ष्य के लिए टीमें लगी हुई है। परिवार के सदस्यों की निगरानी भी करा रहे हैं। पड़ोसियों के बयान भी संदेह बढ़ गए हैं। मामला ऑनर किलिंग से जुड़कर ही निकल रहा है, जल्द खुलासा किया जाएगा। - जयप्रकाश, एसपी
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