{"_id":"5e5ac1768ebc3ef3963ae068","slug":"cow-slaughter-noise-pilibhit-news-bly397896677","type":"story","status":"publish","title_hn":"मुर्गे-बकरों के अवशेष बोरी में डाल गया कोई...मचा गोहत्या का शोर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मुर्गे-बकरों के अवशेष बोरी में डाल गया कोई...मचा गोहत्या का शोर
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बिलसंडा। पिकअप वाहन सवार चार व्यक्तियों की ओर से बोरी में बंद कर सड़क किनारे डाले गए मुर्गे-बकरों के अवशेष से खून बहता देख गोहत्या का शोर मच गया। ग्रामीणों की भीड़ जमा हुई और पुलिस से शिकायत कर दी गई। बाद में चेक करने पर मुर्गों के अवशेष ही निकलने पर मामला शांत हो सका। पुलिस ने भी राहत की सांस ली।
निगोही रोड पर शनिवार सुबह भदेनकंजा गांव की ओर से आ रही एक पिकअप लाखनपुरा गांव के पास रुकी। इससे चार लोग उतरे और बोरी फेंककर चले गए। बोरी से खून निकल रहा था। किसी जानवर के अवशेष होने का अंदेशा हुआ। ऐसे में कुछ ही देर में ग्रामीणों की भीड़ लग गई और गोहत्या का शोर मच गया। इसकी सूचना पुलिस को दी गई। इंस्पेक्टर हरीशंकर वर्मा पुलिस बल के साथ पहुंच गए। बोरी से निकलता खून देख पहले तो पुलिस कर्मियों की भी धड़कन तेज हो गई। हालांकि जब चेक किया गया तो उसमें मुर्गों के अवशेष निकले। सीओ बीसलपुर धर्म सिंह मार्छाल ने बताया कि गोहत्या की सूचना पर पुलिस भेजी गई थी। बोरी में गोवंशीय पशु के नहीं, बल्कि मुर्गे और बकरों के अवशेष थे। संभवत: कहीं दावत के बाद इन्हें लाकर यहां फेंक दिया गया। अवशेष फेंकने वालों का कोई पता नहीं लग सका है।
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निगोही रोड पर शनिवार सुबह भदेनकंजा गांव की ओर से आ रही एक पिकअप लाखनपुरा गांव के पास रुकी। इससे चार लोग उतरे और बोरी फेंककर चले गए। बोरी से खून निकल रहा था। किसी जानवर के अवशेष होने का अंदेशा हुआ। ऐसे में कुछ ही देर में ग्रामीणों की भीड़ लग गई और गोहत्या का शोर मच गया। इसकी सूचना पुलिस को दी गई। इंस्पेक्टर हरीशंकर वर्मा पुलिस बल के साथ पहुंच गए। बोरी से निकलता खून देख पहले तो पुलिस कर्मियों की भी धड़कन तेज हो गई। हालांकि जब चेक किया गया तो उसमें मुर्गों के अवशेष निकले। सीओ बीसलपुर धर्म सिंह मार्छाल ने बताया कि गोहत्या की सूचना पर पुलिस भेजी गई थी। बोरी में गोवंशीय पशु के नहीं, बल्कि मुर्गे और बकरों के अवशेष थे। संभवत: कहीं दावत के बाद इन्हें लाकर यहां फेंक दिया गया। अवशेष फेंकने वालों का कोई पता नहीं लग सका है।
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