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सहालग में कोरोना लील गया 60 करोड़ का कपड़ा कारोबार

Sat, 02 May 2020 11:36 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 02 May 2020 11:36 PM IST
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corona effect
पीलीभीत। कोरोना की देशव्यापी जंग में लॉकडाउन के कारण यूं तो हर तरह के नुकसान हुए हैं। मगर, कपड़ा बाजार को सहालग की सीजन में भारी झटका लगा है। थोक से लेकर फुटकर कपड़ा कारोबार 40 दिन से बंद पड़ा है। कपड़ा व्यापारियों को 40 दिन के लॉकडाउन में अब तक 60 करोड़ से ज्यादा की चपत लग चुकी है। 14 दिन का लॉकडाउन अभी बाकी है। इससे कारोबारियों की चिंता बढ़ गई है।
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होली के बाद सहालग सीजन में सराफा, बर्तन, किराना के अलावा कपड़े का भी बड़े पैमाने पर कारोबार होता है। रेडीमेड और अन्य तरह के कपड़ा कारोबार पर एक तो पहले से ही मंदी छायी थी। मगर, कोरोना ने बाजार पूरी तरह बरबाद कर दिया। अभी 14 दिन का लॉकडाउन बाकी है। ऐसे में व्यापारी चिंता में हैं कि जब लॉकडाउन खुलेगा, तब तक बरसात सिर पर खड़ी होगी। ऐसे में तीन से चार महीने कारोबार फिर ठप रहेगा। वे दुकान का खर्च कैैसे चलाएंगे। अपने कर्मचारियों को वेतन, बिजली का बिल समेत अन्य खर्चे कहां से देंगे। शहर में कपड़ा, साड़ी शोरूम की 250 से अधिक दुकानें हैं। इनके अलावा दो शॉपिंग मॉल और 10 बड़े शोरूम हैं। शादी-विवाह के समय में इन पर बड़ी संख्या में ग्राहकों की कपड़ा खरीदने के लिए भीड़ उमड़ती है। अप्रैल से 25 जून तक सहालग का सीजन रहता है। इस समय कपड़ा कारोबार अपने पूरे चरम पर होता है। कपड़ा व्यापारियों के अनुसार सहालग में हर साल कपड़े की 60 करोड़ से अधिक की बिक्री होती है। मगर, इस बार कोरोना के चलते हुए लॉकडाउन ने व्यापार पूरी तरह से बरबाद कर दिया है। कपड़ा कारोबारी गर्मी का सीजन शुरू होने से पहले ही फरवरी या मार्च में ही माल का स्टॉक कर लेते हैं। फिर सीजन आने पर उसे बेचते हैं। इस बार कपड़े का स्टॉक तो जमा है, लेकिन वह बिक नहीं पाया। व्यापारियों का करोड़ों रुपये ब्लाक हो गया। सहालग का सीजन ऐसे ही निकल रहा है। लॉकडाउन पार्ट थ्री में कपड़ा व्यापारियों केे कुछ रियायत मिलने की उम्मीद थी। मगर, ऐसा लग नहीं रहा। बरसात आते ही करोड़ों का कपड़ा बिक नहीं पाएगा। आगे से फैशन बदलेगा तो यह मॉल बिकना मुश्किल हो कसता है क्योंकि ग्राहक पुराने फैशन का कपड़ा अगले सीजन में न के बराबर खरीदते हैं।
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क्या कहते हैं व्यापारी
कोरोना के लॉकडाउन में लाखों का कारोबार चौपट हो चुका है। आने वाले लॉकडाउन के 14 दिन में भी भारी नुकसान होना तय है। इस नुकसान की भरपाई निकट भविष्य में कर पाना मुश्किल होगा। - आशीष अरोरा, रेडीमेड कपड़ा कारोबारी
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कपड़ा बाजार को कोरोना ने बहुत तगड़ा झटका दिया है। सहालग सीजन में इस नुकसान का आकलन करना आसान नहीं है। हम सब सहालग के सीजन में अपना कारोबार भूलकर घरों में कैद हैं। - विजय अरोरा, कपड़ा कारोबारी
सहालग में साड़ी का कारोबार चरम पर होता था। कोरोना ने सब कुछ चौपट कर रखा है। दुकानों का किराया और बिजली का बिल बढ़ता जा रहा है। कुछ समझ नहीं आ रहा कि आगे क्या होगा। - नवनीत, साड़ी कारोबारी

लॉकडाउन ऐसे मौके पर हुआ कि जब सहालग का सीजन शुरू हो चुका था। इससे नुकसान तो बहुत भारी हो रहा है, लेकिन कोरोना से बचाव भी जरूरी है। दुकानें बंद करने के अलावा दूसरा चारा नहीं है हमारे पास। - धनश्याम टहलानी, रेडीमेड कपड़ा व्यापारी
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