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रोडवेज बसों से सफर करने के लिए दूसरे दिन भी भटकते रहे यात्री
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नौगवा चौराहे पर रोडवेज बस में चढ़ने की मची होड़।
- फोटो : PILIBHIT
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पीलीभीत। भैया दूज के दूसरे दिन भी रोडवेज बसों में अव्यवस्थाएं हावी रहीं। परिवहन निगम की ओर से बसों के फेरे बढ़ाने के दावे तो किए गए, मगर इसके बाद भी यात्रियों को घंटों बसों का इंतजार करना पड़ा। दूसरे दिन भी बसों में यात्रा को लेकर मारामारी रही। वहीं नौगवा चौराहे पर यात्रियों को घंटों बसों का इंतजार करना पड़ा।
जिले में रोडवेज बसों से यात्रा के दौरान सुविधाओं के तो दावे बहुत किए जाते है, मगर एनवक्त पर धराशायी होते हुए दिखाई देते है। भैया दूज पर्व को लेकर यात्रियों को सुविधा देने के लिए बसों के फेरे तो बढ़ा दिए गए, मगर बसों को नहीं बढ़ाया गया। इससे दिनभर यात्रा करने को लेकर मारामारी होती रही। यात्रियों की बढ़ती संख्या को लेकर परिवहन निगम ने बसों के फेरे बढ़ा दिए थे। मगर यात्रियों को उनके गंतव्य तक रवाना करने पर परिवहन निगम फिसड्डी साबित हुआ। जो इंतजाम किए गए वह भी भीड़ के आगे नाकाफी साबित हए। भैया दूज पर परिवहन निगम की व्यवस्था ध्वस्त होती नजर आ रही थी।
दूसरे दिन भी इन मार्गों पर रही यात्रियों की भीड़
रोडवेज बस स्टैंड पर यात्रियों की भीड़ दूसरे दिन भी रहीं। इनमें सबसे ज्यादा टनकपुर, बरेली, शाहजहांपुर, पूरनपुर रूट पर यात्री दिनभर बसों के लिए भटकते रहे। खास बात तो यह है कि परिवहन निगम के क्षेत्रीय कार्यालय से सभी 94 बसों को संचालन होता है। इनमें सर्वाधिक 50 बसों का संचालन दिल्ली रूट पर है। इसके अलावा अन्य रूट पर नाम मात्र की बसों का संचालन होता है। इससे डग्गामार वाहन चालकों की भरमार है।
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रोडवेज का 62 और डग्गामार वसूल रहे 90 रुपये
बरेली तक रोडवेज का किराया 62 रुपये सामान्य बस का है। जबकि इस रूट पर ईको गाड़ियों की भरमार है। इन दिनों ईको गाड़ी संचालक बरेली तक का किराया 90 रूपये तक वसूल रहे है। यात्रियों को भी मजबूरन होकर अधिक पैसे देने पड़ते है। अन्य रूटों पर भी यहीं आलम है।
इनकम में रेलवे से आगे रहा रोडवेज
भैया दूज पर्व पर इस बार रेलवे की 161020 की इनकम हुई है। जबकि रोडवेज ने 1355820 रुपये कमाएं है। अगर रोडवेज के पास बसों को पर्याप्त इंतजाम होते, तो इनकम और बढ़ाई जा सकती थी। इसके अलावा बसों में सुविधाएं न होने के कारण यात्रियों को भी यात्रा के दौरान दिक्कत हुई।
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जिले में रोडवेज बसों से यात्रा के दौरान सुविधाओं के तो दावे बहुत किए जाते है, मगर एनवक्त पर धराशायी होते हुए दिखाई देते है। भैया दूज पर्व को लेकर यात्रियों को सुविधा देने के लिए बसों के फेरे तो बढ़ा दिए गए, मगर बसों को नहीं बढ़ाया गया। इससे दिनभर यात्रा करने को लेकर मारामारी होती रही। यात्रियों की बढ़ती संख्या को लेकर परिवहन निगम ने बसों के फेरे बढ़ा दिए थे। मगर यात्रियों को उनके गंतव्य तक रवाना करने पर परिवहन निगम फिसड्डी साबित हुआ। जो इंतजाम किए गए वह भी भीड़ के आगे नाकाफी साबित हए। भैया दूज पर परिवहन निगम की व्यवस्था ध्वस्त होती नजर आ रही थी।
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दूसरे दिन भी इन मार्गों पर रही यात्रियों की भीड़
रोडवेज बस स्टैंड पर यात्रियों की भीड़ दूसरे दिन भी रहीं। इनमें सबसे ज्यादा टनकपुर, बरेली, शाहजहांपुर, पूरनपुर रूट पर यात्री दिनभर बसों के लिए भटकते रहे। खास बात तो यह है कि परिवहन निगम के क्षेत्रीय कार्यालय से सभी 94 बसों को संचालन होता है। इनमें सर्वाधिक 50 बसों का संचालन दिल्ली रूट पर है। इसके अलावा अन्य रूट पर नाम मात्र की बसों का संचालन होता है। इससे डग्गामार वाहन चालकों की भरमार है।
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रोडवेज का 62 और डग्गामार वसूल रहे 90 रुपये
बरेली तक रोडवेज का किराया 62 रुपये सामान्य बस का है। जबकि इस रूट पर ईको गाड़ियों की भरमार है। इन दिनों ईको गाड़ी संचालक बरेली तक का किराया 90 रूपये तक वसूल रहे है। यात्रियों को भी मजबूरन होकर अधिक पैसे देने पड़ते है। अन्य रूटों पर भी यहीं आलम है।
इनकम में रेलवे से आगे रहा रोडवेज
भैया दूज पर्व पर इस बार रेलवे की 161020 की इनकम हुई है। जबकि रोडवेज ने 1355820 रुपये कमाएं है। अगर रोडवेज के पास बसों को पर्याप्त इंतजाम होते, तो इनकम और बढ़ाई जा सकती थी। इसके अलावा बसों में सुविधाएं न होने के कारण यात्रियों को भी यात्रा के दौरान दिक्कत हुई।