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मिल का गेट बंद कर रोक दिए चीनी लदे ट्रक
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पूरनपुर। बकाया गन्ना मूल्य का ब्याज समेत भुगतान न होने आदि मांगों को लेकर चीनी मिल में चल रहे धरना प्रदर्शन में शुक्रवार देर शाम प्रदर्शनकारियों ने चीनी मिल का मुख्य गेट बंद कर दिया। किसानों ने चीनी से भरे ट्रकों को बाहर जाने से रोक दिया। एसडीएम ने किसानों से वार्ता कर देर रात गेट को खुलवा दिया। डीसीओ के धरनास्थल पर न पहुंचने से किसानों में नाराजगी दिखी। बकाया ब्याज का रिकॉर्ड न मिलने पर रविवार को असम हाईवे पर जाम लगाकर प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है।
किसान छह जुलाई से चीनी मिल गेट पर धरना देकर प्रदर्शन कर रहे हैं। शुक्रवार को किसान मजदूर मोर्चा के राष्ट्रीय संयोजक वीएम सिंह ने धरना स्थल पर पहुंचकर सभा को संबोधित किया था। किसानों ने बकाया गन्ना मूल्य पर ब्याज की जानकारी मांगी थी, मगर वह उन्हें नहीं दी गई। इससे गुस्साकर शुक्रवार देर शाम को चीनी मिल गेट पर तालाबंदी कर दी। इससे रात को चीनी से भरे बाहर जाने वाले ट्रकों को रोक दिया। एसडीएम राजेंद्र प्रसाद ने मौके पर पहुंचकर किसानों से वार्ता की। किसानों ने चीनी मिल प्रशासन पर बकाया ब्याज की डिटेल न देने का आरोप लगाया। एसडीएम के आश्वासन पर सभी शांत हुए और गेट खोल दिया। किसान मंजीत सिंह ने बताया कि अभिलेख अधूरे दिए गए हैं। इसके अलावा शनिवार शाम को वार्ता के लिए धरना स्थल डीसीओ को भेजने की मांग की गई थी। मगर शनिवार शाम तक डीसीओ धरना स्थल नहीं आए। डीसीओ रविवार सुबह तक धरना स्थल नहीं पहुंचेे, पूरे अभिलेख नहीं दिए तो असम हाईवे पर जाम लगाकर प्रदर्शन किया जाएगा।
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किसान छह जुलाई से चीनी मिल गेट पर धरना देकर प्रदर्शन कर रहे हैं। शुक्रवार को किसान मजदूर मोर्चा के राष्ट्रीय संयोजक वीएम सिंह ने धरना स्थल पर पहुंचकर सभा को संबोधित किया था। किसानों ने बकाया गन्ना मूल्य पर ब्याज की जानकारी मांगी थी, मगर वह उन्हें नहीं दी गई। इससे गुस्साकर शुक्रवार देर शाम को चीनी मिल गेट पर तालाबंदी कर दी। इससे रात को चीनी से भरे बाहर जाने वाले ट्रकों को रोक दिया। एसडीएम राजेंद्र प्रसाद ने मौके पर पहुंचकर किसानों से वार्ता की। किसानों ने चीनी मिल प्रशासन पर बकाया ब्याज की डिटेल न देने का आरोप लगाया। एसडीएम के आश्वासन पर सभी शांत हुए और गेट खोल दिया। किसान मंजीत सिंह ने बताया कि अभिलेख अधूरे दिए गए हैं। इसके अलावा शनिवार शाम को वार्ता के लिए धरना स्थल डीसीओ को भेजने की मांग की गई थी। मगर शनिवार शाम तक डीसीओ धरना स्थल नहीं आए। डीसीओ रविवार सुबह तक धरना स्थल नहीं पहुंचेे, पूरे अभिलेख नहीं दिए तो असम हाईवे पर जाम लगाकर प्रदर्शन किया जाएगा।
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