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15 ग्राम विकास अधिकारियों को प्रतिकूल प्रविष्टि, वेतन वृद्धि भी रोकी
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पीलीभीत। घोटालेबाजों पर शिकंजा कसने के लिए प्रशासन ने कार्रवाई की। डीएम के निर्देेश पर डीडीओ ने कूड़ेदान घोटाले में फंसे 15 ग्राम विकास अधिकारियों को प्रतिकूल प्रविष्टि दी। साथ ही सभी के वेतन वृद्धि रोकने के आदेश किए हैं। दो अन्य ग्राम विकास अधिकारियों पर भी कार्रवाई होनी थी, मगर एक का निधन हो चुका, जबकि दूसरा सेवानिवृत्त होने के चलते बचा।
जनपद में बीते दिनों ग्राम पंचायतों में कूड़ेदान लगवाए गए थे। स्वच्छता को लेकर की गई इस पहल में भी घोटाला कर दिया गया था। दो से तीन गुना कीमत कूड़ेदानों की खातों से निकलवा ली गई थी। धरातल पर कुछ समय बाद तो कूड़ेदान दिखना भी बंद हो गए थे। शुरुआत में घोटाले का शोर मचने पर अफसर मामला दबाते चले गए। मगर जब हल्ला और शिकायतबाजी बढ़ी तो जांच कराई गई थी। इस मामले में कई कर्मचारियों पर रिकवरी के भी आदेश किए गए थे। किसी ने आठ हजार रुपये का कूड़ेदान रखवाया, तो कोई पांच से छह हजार एक कड़ेदान पर खपा गया था। जनपद भर में लाखों रुपये की गड़बड़ी हुई थी। जांच के बाद घोटालेबाजों पर रिकवरी के आदेश किए गए थे। ये प्रक्रिया अभी चल रही है। अब डीएम पुलकित खरे के संज्ञान में मामला आने पर शिकंजा कसा गया। रिकवरी के साथ ही 15 ग्राम विकास अधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई करते हुए सख्ती की गई। डीएम के निर्देश पर डीडीओ योगेंद्र पाठक ने ग्राम विकास अधिकारी करन सिंह, अनिल कुमार, अजय कुमार, नागेंद्र, राजेश गौतम, रामप्रकाश, पंकज शर्मा, विजय कुमार, लाल बहादुर, प्रवीण कुमार, राम किशोर, विवेक वर्मा, पुष्कर सिंह, रमावीर, धर्मेंद्र कुमार को प्रतिकूल प्रविष्टि दी। वेतन वृद्धि पर भी रोक लगाई गई है। दो अन्य ग्राम विकास अधिकारियों पर भी कार्रवाई होनी थी। मगर एक का निधन हो चुका है, जबकि दूसरा सेवानिवृत्त है। ऐसे में दोनों पर ये कार्रवाई नहीं हो सकती।
कई पंचायत सचिवों पर भी लटकी कार्रवाई की तलवार
इस मामले में कुछ पंचायत सचिवों पर भी कार्रवाई की तलवार लटकी हुई है। उन पर भी कूड़ेदान घोटालों में गड़बड़ी करने का आरोप है। इन सभी पर भी ये कार्रवाई होनी है। डीएम के आदेश पर कार्रवाई को गति मिलने से विकास भवन में खलबली मची रही।
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कूड़ेदान की खरीद में गड़बड़ी के मामले में पूर्व में ही रिकवरी के आदेश किए जा चुके हैं। अब 15 ग्राम विकास अधिकारियों को प्रतिकूल प्रविष्टि और वेतन वृद्धि पर रोक लगाई गई है। - योगेंद्र कुमार, डीडीओ
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जनपद में बीते दिनों ग्राम पंचायतों में कूड़ेदान लगवाए गए थे। स्वच्छता को लेकर की गई इस पहल में भी घोटाला कर दिया गया था। दो से तीन गुना कीमत कूड़ेदानों की खातों से निकलवा ली गई थी। धरातल पर कुछ समय बाद तो कूड़ेदान दिखना भी बंद हो गए थे। शुरुआत में घोटाले का शोर मचने पर अफसर मामला दबाते चले गए। मगर जब हल्ला और शिकायतबाजी बढ़ी तो जांच कराई गई थी। इस मामले में कई कर्मचारियों पर रिकवरी के भी आदेश किए गए थे। किसी ने आठ हजार रुपये का कूड़ेदान रखवाया, तो कोई पांच से छह हजार एक कड़ेदान पर खपा गया था। जनपद भर में लाखों रुपये की गड़बड़ी हुई थी। जांच के बाद घोटालेबाजों पर रिकवरी के आदेश किए गए थे। ये प्रक्रिया अभी चल रही है। अब डीएम पुलकित खरे के संज्ञान में मामला आने पर शिकंजा कसा गया। रिकवरी के साथ ही 15 ग्राम विकास अधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई करते हुए सख्ती की गई। डीएम के निर्देश पर डीडीओ योगेंद्र पाठक ने ग्राम विकास अधिकारी करन सिंह, अनिल कुमार, अजय कुमार, नागेंद्र, राजेश गौतम, रामप्रकाश, पंकज शर्मा, विजय कुमार, लाल बहादुर, प्रवीण कुमार, राम किशोर, विवेक वर्मा, पुष्कर सिंह, रमावीर, धर्मेंद्र कुमार को प्रतिकूल प्रविष्टि दी। वेतन वृद्धि पर भी रोक लगाई गई है। दो अन्य ग्राम विकास अधिकारियों पर भी कार्रवाई होनी थी। मगर एक का निधन हो चुका है, जबकि दूसरा सेवानिवृत्त है। ऐसे में दोनों पर ये कार्रवाई नहीं हो सकती।
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कई पंचायत सचिवों पर भी लटकी कार्रवाई की तलवार
इस मामले में कुछ पंचायत सचिवों पर भी कार्रवाई की तलवार लटकी हुई है। उन पर भी कूड़ेदान घोटालों में गड़बड़ी करने का आरोप है। इन सभी पर भी ये कार्रवाई होनी है। डीएम के आदेश पर कार्रवाई को गति मिलने से विकास भवन में खलबली मची रही।
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कूड़ेदान की खरीद में गड़बड़ी के मामले में पूर्व में ही रिकवरी के आदेश किए जा चुके हैं। अब 15 ग्राम विकास अधिकारियों को प्रतिकूल प्रविष्टि और वेतन वृद्धि पर रोक लगाई गई है। - योगेंद्र कुमार, डीडीओ