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जल्द बहुरेंगे चूका बीच के दिन, शासन से मिली मंजूरी
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पीलीभीत। इको टूरिज्म स्पॉट चूका बीच के दिन जल्द बहुरने वाले हैं। टूटी ट्री-हट की मरम्मत समेत कई विकास कार्यों के लिए शासन में करीब 20 लाख रुपये का बजट मंजूर किया है। विकास कार्य करने की जिम्मेदारी पर्यटन विभाग को दी गई है। टाइगर रिजर्व प्रशासन ने नए सत्र में पर्यटकों को लुभाने की तैयारी शुरू कर दी गई है।
टाइगर रिजर्व की महोफ रेंज में स्थित जिले का इकलौता पिकनिक स्पॉट चूका बीच प्राकृतिक खूबसूरती की मिसाल है। चूका बीच में बने हट और शारदा डैम की लहरें पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र रहती हैं। यहां बैंबो हट, वॉटर हट के अलावा खूबसूरत ट्री-हट भी बनी है। चूका बीच पहुंचने वाले अधिकांश पर्यटक ट्री-हट में रुकना पसंद करते हैं। पिछले साल आंधी में ट्री-हट ध्वस्त हो गई थी। ट्री-हट का ऊपरी हिस्सा क्षतिग्रस्त होकर नीचे गिर गया था। इसकी मरम्मत के लिए अफसरों ने शासन से पत्राचार किया था। इधर, शासन ने पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पूर्व में चूका बीच के लिए 20 लाख से अधिक का बजट मंजूर लिया है। पर्यटन विभाग जल्द ही चूका बीच विकसित करने के लिए कार्य शुरू कर देगा। हालांकि कार्य वन्यजीवों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एनटीसीए की गाइड लाइन के अनुसार ही कराए जाएंगे।
वन निगम के अफसर नहीं दिखते गंभीर
चूका बीच की जिम्मेदारी वन निगम के अधीन है, लेकिन हकीकत यह है कि वन निगम के अफसर चूका बीच से दूरी बनाए रहते हैं। सत्र के दौरान यदाकदा ही अफसर चूका बीच दौरा करते है। मात्र दो कर्मचारियों को ही जिम्मेदारी सौंप दी जाती है। यही वजह है कि चूका बीच को विकसित करने के लिए कई बार बाहर से टीमें आईं, लेकिन नतीजा कुछ नहीं निकला। इधर, शासन स्तर से बजट मिलने के बाद चूका बीच के दिन बहुरने की उम्मीद है।
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ऐसे हुआ था ट्री हट का निर्माण
जिले में तैनात रहे डीएम कौशलराज शर्मा की विशेष दिलचस्पी के बाद चूका बीच में ट्री-हट बनाई गई थी। डीएम ने खुद शासन से पत्राचार कर इसके लिए बजट की व्यवस्था कराई थी। ट्री-हट बनने के बाद उसकी खूबसूरती पर्यटकों को आकर्षित करने में काफी मददगार साबित हुई।
शासन स्तर से चूका बीच को विकसित करने के लिए बजट मंजूर हुआ है। जल्द ही विकास कार्य शुरू किए जाएंगे। क्षतिग्रस्त ट्री-हट को भी दुरुस्त किया जाएगा। नए सत्र की शुरुआत से पहले ही कार्य पूरा करने की रणनीति बनाई जा रही है।
- नवीन खंडेलवाल, डीएफओ, पीलीभीत टाइगर रिजर्व
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टाइगर रिजर्व की महोफ रेंज में स्थित जिले का इकलौता पिकनिक स्पॉट चूका बीच प्राकृतिक खूबसूरती की मिसाल है। चूका बीच में बने हट और शारदा डैम की लहरें पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र रहती हैं। यहां बैंबो हट, वॉटर हट के अलावा खूबसूरत ट्री-हट भी बनी है। चूका बीच पहुंचने वाले अधिकांश पर्यटक ट्री-हट में रुकना पसंद करते हैं। पिछले साल आंधी में ट्री-हट ध्वस्त हो गई थी। ट्री-हट का ऊपरी हिस्सा क्षतिग्रस्त होकर नीचे गिर गया था। इसकी मरम्मत के लिए अफसरों ने शासन से पत्राचार किया था। इधर, शासन ने पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पूर्व में चूका बीच के लिए 20 लाख से अधिक का बजट मंजूर लिया है। पर्यटन विभाग जल्द ही चूका बीच विकसित करने के लिए कार्य शुरू कर देगा। हालांकि कार्य वन्यजीवों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एनटीसीए की गाइड लाइन के अनुसार ही कराए जाएंगे।
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वन निगम के अफसर नहीं दिखते गंभीर
चूका बीच की जिम्मेदारी वन निगम के अधीन है, लेकिन हकीकत यह है कि वन निगम के अफसर चूका बीच से दूरी बनाए रहते हैं। सत्र के दौरान यदाकदा ही अफसर चूका बीच दौरा करते है। मात्र दो कर्मचारियों को ही जिम्मेदारी सौंप दी जाती है। यही वजह है कि चूका बीच को विकसित करने के लिए कई बार बाहर से टीमें आईं, लेकिन नतीजा कुछ नहीं निकला। इधर, शासन स्तर से बजट मिलने के बाद चूका बीच के दिन बहुरने की उम्मीद है।
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ऐसे हुआ था ट्री हट का निर्माण
जिले में तैनात रहे डीएम कौशलराज शर्मा की विशेष दिलचस्पी के बाद चूका बीच में ट्री-हट बनाई गई थी। डीएम ने खुद शासन से पत्राचार कर इसके लिए बजट की व्यवस्था कराई थी। ट्री-हट बनने के बाद उसकी खूबसूरती पर्यटकों को आकर्षित करने में काफी मददगार साबित हुई।
शासन स्तर से चूका बीच को विकसित करने के लिए बजट मंजूर हुआ है। जल्द ही विकास कार्य शुरू किए जाएंगे। क्षतिग्रस्त ट्री-हट को भी दुरुस्त किया जाएगा। नए सत्र की शुरुआत से पहले ही कार्य पूरा करने की रणनीति बनाई जा रही है।
- नवीन खंडेलवाल, डीएफओ, पीलीभीत टाइगर रिजर्व