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सावधान ! यहां तो बीमारियां बांट रही नगर पालिका
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पीलीभीत। शहरवासियों को बेहतर मूलभूत सुविधाएं देने की जिम्मेदार नगर पालिका परिषद प्रशासन की है, लेकिन यहां तो नगर पालिका सुविधाएं देने के बजाए बीमारियां बांट रही है। वजह यह है कि नगर पालिका ने पिछले कई सालों से पानी की जांच ही नहीं कराई है। ऐसे में बारिश के साथ ही मौसमी बीमारियां भी तेजी से पैर पसारने लगी हैं। दूषित पानी पीने से लोग बीमार हो रहे हैं। अस्पताल में बीमार लोगों की संख्या बढ़ गई है, अगर यही हाल रहा तो जब तब पानी की जांच कराई जाएगी तब तक तमाम लोग बीमारी से निपट चुकेंगे।
शहर की आबादी बढ़कर करीब ढाई लाख हो चुकी है, लेकिन पालिका अब तक तीन दशक पुराने संसाधनों से ही इतनी बड़ी आबादी को पानी की सप्लाई करती आ रही है। हैरानी की बात यह है कि इतनी बड़ी आबादी के लिए मात्र 15 पंप और चार ओवरहेड टैंक हैं। वहीं पेयजल आपूर्ति के संसाधन भी काफी पुराने और कमजोर हो चुके हैं। खास बात यह है कि पालिका प्रशासन शहरवासियों को सप्लाई किए जाने वाले पानी की जांच कराना ही मुनासिब नहीं समझता। पानी शुद्ध है या अशुद्ध..यह पीने वाले खुद तय करें। हालांकि पालिका प्रशासन अब स्वयं पानी की जांच को टेस्टिंग किट लेने की बात कह रहा है।
खर्च से बचने को सेहत से कर रहे खिलवाड़
नगर पालिका प्रशासन द्वारा पिछले पांच-छह साल से पानी की जांच ही नहीं कराई गई हैं। हालांकि शासन द्वारा प्रति वर्ष पत्र भेजकर पानी का सैंपल लखनऊ स्थित लैब भेजने के आदेश होते हैं, लेकिन खर्च से बचने को पानी की शुद्धता की जांच ही नहीं कराई जाती है। फिलहाल अब पालिका प्रशासन ने स्वयं ही पानी की जांच को उपकरण खरीदने का निर्णय किया है। पालिकाध्यक्ष विमला जायसवाल के मुताबिक अब पालिका स्वयं पानी की जांच कर सकेगी।
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ऐसे फैलती हैं बीमारियां
बरसात के दौरान दूषित और बरसाती पानी खतरनाक गैसों के संपर्क में आने से पेयजल को हानिकारक बनाता हैं। इससे खतरनाक वायरस और वैक्टीरिया अधिक सक्रिय होकर 40-50 फुट गहराई तक के पानी को दूषित कर देते हैं। दूषित पानी के इस्तेमाल से पेट संबंधी तमाम बीमारियां पनपने लगती हैं।
सरकारी अस्पताल में बढ़ी मरीजों की तादाद
बरसाती मौसम के दौरान सरकारी अस्पतालों में भी मरीजों का तादाद बढ़ती जा रही है। अकेले जिला अस्पताल की बात करें तो यहां जहां सामान्य दिनों में 800 से 900 मरीज ओपीडी में पहुंच रहे थे, वहीं इन दिनों 1400 के आसपास मरीज पहुंच रहे हैं। डॉ. महावीर सिंह के मुताबिक इन मरीजों में करीब 60 प्रतिशत मरीज पेट संबंधी बीमारियों से ग्रस्त हैं, यह बीमारियां दूषित पानी पीने की वजह से ही होती हैं।
जिला अस्पताल में मरीजों की स्थिति
02 अगस्त-1510
03 अगस्त-1470
05 अगस्त-1650
06 अगस्त-1550
07 अगस्त-1630
गुरुवार-1403
शुक्रवार-1548
शनिवार-1449
सोमवार-436 (केवल 11 बजे तक रही ओपीडी)
मंगलवार-1692
यह हो सकती है बीमारियां
- हेपाटाइटिस, वायरल फीवर, बैसिलरी डिसेंटरी, दिमागी बुखार, मलेरिया, एक्जिमा, अस्थमा, टॉनसिलाइटिस
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शहर की आबादी बढ़कर करीब ढाई लाख हो चुकी है, लेकिन पालिका अब तक तीन दशक पुराने संसाधनों से ही इतनी बड़ी आबादी को पानी की सप्लाई करती आ रही है। हैरानी की बात यह है कि इतनी बड़ी आबादी के लिए मात्र 15 पंप और चार ओवरहेड टैंक हैं। वहीं पेयजल आपूर्ति के संसाधन भी काफी पुराने और कमजोर हो चुके हैं। खास बात यह है कि पालिका प्रशासन शहरवासियों को सप्लाई किए जाने वाले पानी की जांच कराना ही मुनासिब नहीं समझता। पानी शुद्ध है या अशुद्ध..यह पीने वाले खुद तय करें। हालांकि पालिका प्रशासन अब स्वयं पानी की जांच को टेस्टिंग किट लेने की बात कह रहा है।
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खर्च से बचने को सेहत से कर रहे खिलवाड़
नगर पालिका प्रशासन द्वारा पिछले पांच-छह साल से पानी की जांच ही नहीं कराई गई हैं। हालांकि शासन द्वारा प्रति वर्ष पत्र भेजकर पानी का सैंपल लखनऊ स्थित लैब भेजने के आदेश होते हैं, लेकिन खर्च से बचने को पानी की शुद्धता की जांच ही नहीं कराई जाती है। फिलहाल अब पालिका प्रशासन ने स्वयं ही पानी की जांच को उपकरण खरीदने का निर्णय किया है। पालिकाध्यक्ष विमला जायसवाल के मुताबिक अब पालिका स्वयं पानी की जांच कर सकेगी।
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ऐसे फैलती हैं बीमारियां
बरसात के दौरान दूषित और बरसाती पानी खतरनाक गैसों के संपर्क में आने से पेयजल को हानिकारक बनाता हैं। इससे खतरनाक वायरस और वैक्टीरिया अधिक सक्रिय होकर 40-50 फुट गहराई तक के पानी को दूषित कर देते हैं। दूषित पानी के इस्तेमाल से पेट संबंधी तमाम बीमारियां पनपने लगती हैं।
सरकारी अस्पताल में बढ़ी मरीजों की तादाद
बरसाती मौसम के दौरान सरकारी अस्पतालों में भी मरीजों का तादाद बढ़ती जा रही है। अकेले जिला अस्पताल की बात करें तो यहां जहां सामान्य दिनों में 800 से 900 मरीज ओपीडी में पहुंच रहे थे, वहीं इन दिनों 1400 के आसपास मरीज पहुंच रहे हैं। डॉ. महावीर सिंह के मुताबिक इन मरीजों में करीब 60 प्रतिशत मरीज पेट संबंधी बीमारियों से ग्रस्त हैं, यह बीमारियां दूषित पानी पीने की वजह से ही होती हैं।
जिला अस्पताल में मरीजों की स्थिति
02 अगस्त-1510
03 अगस्त-1470
05 अगस्त-1650
06 अगस्त-1550
07 अगस्त-1630
गुरुवार-1403
शुक्रवार-1548
शनिवार-1449
सोमवार-436 (केवल 11 बजे तक रही ओपीडी)
मंगलवार-1692
यह हो सकती है बीमारियां
- हेपाटाइटिस, वायरल फीवर, बैसिलरी डिसेंटरी, दिमागी बुखार, मलेरिया, एक्जिमा, अस्थमा, टॉनसिलाइटिस