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चुनावी रूट पर बसें, दिल्ली, लखनऊ और बिजनौर जाने वाली की बढ़ी मुश्किलें
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पीलीभीत। साधनों की कमी पहले से थी। अब चुनावी रूट पर रोडवेज की बसें जानेे से यात्रियों की मुश्किलें और बढ़ गई है। अब तक 99 बसों में 36 बसें विभिन्न शहरों में चुनाव ड्यूटी में जा चुकी है, जबकि तीन बसें शुक्रवार को बिजनौर भेजी जाएंगी। इसके चलते दिल्ली और लखनऊ रूटों पर बसों की संख्या में कम हो गई है। जबकि बिजनौर रूट पर रोडवेज बस सेवा को बंद कर दिया गया है।
स्थानीय रोडवेज डिपो से 99 परिवहन निगम की बसें और 14 अनुुबंधित बसें संचालित की जा रही है। डिपो द्वारा दिल्ली रूट पर सर्वाधिक 40 बसों का संचालन किया जाता है। इसके अलावा लखनऊ रूट पर चार बसें चलाई जा रही हैं। इधर, प्रदेश में पंचायत चुनाव के चलते वाहनों की कमी को देखते हुए परिवहन निगम की बसों का भी अधिग्रहण किया जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक अभी तक परिवहन निगम की 99 बसों में से 36 बसें चुनाव में भेजी जा चुकी हैं। शुक्रवार को तीन और बसें चुनाव के लिए बिजनौर भेजी जाएंगी। इस कारण दिल्ली रूट पर 40 की जगह 28 बसों और लखनऊ रूट पर चार की जगह मात्र तीन बसों का संचालन किया जा रहा है। जबकि बिजनौर रूट पर रोडवेज बस सेवा को बंद किया गया है। इधर, कोरोना संक्रमण के चलते दिल्ली जाने वाले यात्रियों की संख्या में खासी कमी हुई, वहीं दिल्ली से लौटने वाले यात्रियों की संख्या बढ़ी है। जिससे समस्या और बढ़ गई है।
अच्छी बसें चुनाव में, कंडम बसों के सहारे हुई व्यवस्था
चुनाव की संवेदनशीलता को देखते हुए रोडवेज डिपो द्वारा बेहतर कंडीशन की बसों को चुनाव के लिए भेजा गया है ताकि कोई दिक्कत न हो। ऐसे में डिपो के सामने समस्या आ गई है कि लंबे रूट पर कौन सी बसों को भेजा जाए, ताकि कहीं रास्ते में बस खराब न हो जाए। डिपो के एक अधिकारी ने बताया कि चुनाव में अच्छी कंडीशन की बसें भेजना मजबूरी है, मगर अब डिपो की बची बसों को ही मरम्मत कर उन्हें भेजा जा रहा है। दूसरे बसों की संख्या कम होने से एक ही बस कई-कई फेरे लगा रही हैं।
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झारखंड से अपनी बेटियों को मिलने आया है। मुझे बरेली जाना है, लेकिन आधा घंटे से कोई बस ही नहीं मिली है। कोई कुछ बताने को भी तैयार नहीं है।
रासु शर्मा, झारखंड
मैं उत्तराखंड से आया हूं। मुझे पलिया स्थित अपने घर जाना है। डेढ़ घंटे से बस का इंतजार कर रहा हूं। अब पता चला है कि एक बस शाम को जाएगी। परेशानी बढ़ती जा रही है।
सुखविंदर सिंह, पलिया
पंचायत चुनाव को लेकर डिपो की 36 बसें भेजी जा चुकी हैं। कुछ लंबे रूटों की बसों में कमी की गई है। अभी और बसें भेजी जाएगी। प्रयास रहेगा कि यात्रियों को बसों कमी न जूझना पड़े। बसों के रवाना होने से पहले उनकी भलीभांति जांच करके ही भेजा जा रहा है।
- दीनानाथ, रोडवेज डिपो इंचार्ज
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स्थानीय रोडवेज डिपो से 99 परिवहन निगम की बसें और 14 अनुुबंधित बसें संचालित की जा रही है। डिपो द्वारा दिल्ली रूट पर सर्वाधिक 40 बसों का संचालन किया जाता है। इसके अलावा लखनऊ रूट पर चार बसें चलाई जा रही हैं। इधर, प्रदेश में पंचायत चुनाव के चलते वाहनों की कमी को देखते हुए परिवहन निगम की बसों का भी अधिग्रहण किया जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक अभी तक परिवहन निगम की 99 बसों में से 36 बसें चुनाव में भेजी जा चुकी हैं। शुक्रवार को तीन और बसें चुनाव के लिए बिजनौर भेजी जाएंगी। इस कारण दिल्ली रूट पर 40 की जगह 28 बसों और लखनऊ रूट पर चार की जगह मात्र तीन बसों का संचालन किया जा रहा है। जबकि बिजनौर रूट पर रोडवेज बस सेवा को बंद किया गया है। इधर, कोरोना संक्रमण के चलते दिल्ली जाने वाले यात्रियों की संख्या में खासी कमी हुई, वहीं दिल्ली से लौटने वाले यात्रियों की संख्या बढ़ी है। जिससे समस्या और बढ़ गई है।
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अच्छी बसें चुनाव में, कंडम बसों के सहारे हुई व्यवस्था
चुनाव की संवेदनशीलता को देखते हुए रोडवेज डिपो द्वारा बेहतर कंडीशन की बसों को चुनाव के लिए भेजा गया है ताकि कोई दिक्कत न हो। ऐसे में डिपो के सामने समस्या आ गई है कि लंबे रूट पर कौन सी बसों को भेजा जाए, ताकि कहीं रास्ते में बस खराब न हो जाए। डिपो के एक अधिकारी ने बताया कि चुनाव में अच्छी कंडीशन की बसें भेजना मजबूरी है, मगर अब डिपो की बची बसों को ही मरम्मत कर उन्हें भेजा जा रहा है। दूसरे बसों की संख्या कम होने से एक ही बस कई-कई फेरे लगा रही हैं।
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झारखंड से अपनी बेटियों को मिलने आया है। मुझे बरेली जाना है, लेकिन आधा घंटे से कोई बस ही नहीं मिली है। कोई कुछ बताने को भी तैयार नहीं है।
रासु शर्मा, झारखंड
मैं उत्तराखंड से आया हूं। मुझे पलिया स्थित अपने घर जाना है। डेढ़ घंटे से बस का इंतजार कर रहा हूं। अब पता चला है कि एक बस शाम को जाएगी। परेशानी बढ़ती जा रही है।
सुखविंदर सिंह, पलिया
पंचायत चुनाव को लेकर डिपो की 36 बसें भेजी जा चुकी हैं। कुछ लंबे रूटों की बसों में कमी की गई है। अभी और बसें भेजी जाएगी। प्रयास रहेगा कि यात्रियों को बसों कमी न जूझना पड़े। बसों के रवाना होने से पहले उनकी भलीभांति जांच करके ही भेजा जा रहा है।
- दीनानाथ, रोडवेज डिपो इंचार्ज