{"_id":"623a25300e65a127671e11a1","slug":"cheating-in-board-exam-then-will-fir-pilibhit-news-bly47899931","type":"story","status":"publish","title_hn":"यूपी बोर्ड परीक्षा: नकल पकड़ी गई तो केंद्र व्यवस्थापक और सहायक केंद्र व्यवस्थापक पर होगी एफआईआर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूपी बोर्ड परीक्षा: नकल पकड़ी गई तो केंद्र व्यवस्थापक और सहायक केंद्र व्यवस्थापक पर होगी एफआईआर
विज्ञापन
यूपी बोर्ड परीक्षा की तैयारियों को लेकर आयोजित बैठक में शामिल कार्मिक। संवाद
- फोटो : PILIBHIT
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पीलीभीत। बोर्ड परीक्षा में अगर नकल का मामला पकड़ा जाता है तो केंद्र व्यवस्थापक के साथ वाह्य केंद्र व्यवस्थापक और स्टेटिक मजिस्ट्रेट पर भी गाज गिरेगी। डीएम ने मंगलवार को हुई बैठक में दो टूक कह दिया कि नकल का मामला मिलने पर एफआईआर कराई जाएगी। इतना ही नहीं अगर कोई कक्ष निरीक्षक या बाकी स्टाफ मोबाइल के साथ केंद्र पर पहुंचता है तो उसपर भी एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
24 मार्च से शुरू हो रहीं बोर्ड परीक्षाओं की तैयारियों को लेकर डीएम पुलकित खरे ने मंगलवार को गांधी प्रेक्षागृह में डीआईओएस, सभी केंद्र व्यवस्थापकों व वाह्य केंद्र व्यवस्थापक, स्टेटिक मजिस्ट्रेट, सेक्टर और जोनल मजिस्ट्रेट के साथ बैठक की। परीक्षा के दौरान कोई अधिकारी मोबाइल लेकर नहीं जाएगा। जिस कक्ष में प्रश्नपत्र रखे जाएंगे उसकी सीसीटीवी से निगरानी की जाएगी। सील बंद प्रश्नपत्रों का बंडल केंद्र व्यवस्थापकों व सहायक केंद्र व्यवस्थापक, स्टेटिक मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में खोले जाएंगे। इसकी वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी। बंडल मजिस्ट्रेट अलग से तैनात किए जाएंगे। अगर नकल का मामला या पेपर लीक होता तो इन्हीं की जिम्मेदारी होगी।
डीएम ने कहा कि सभी स्टाफ के पास आईकार्ड अनिवार्य रूप से होना चाहिए। सचल दल डीएम आवास से सुबह छह बजे निकलेंगे। एक ही जोन में वही टीम दोबारा नहीं जाएगी। परीक्षा केंद्र की सौ मीटर परिधि में कोई दुकान या ठेला नहीं लगेेगा। फोटो कॉपी की दुकानें बंद रहेंगी। डीएम ने कहा कि वीडियोग्राफी के साथ रोजाना सीसीटीवी फुटेज भी चेक की जाएगी।
विज्ञापन
प्रत्येक केंद्र पर तैनात किए गए स्टेटिक मजिस्ट्रेट
परीक्षा के लिए 73 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। प्रत्येक केंद्र पर स्टेटिक मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं। इतने ही अतिरिक्त वाह्य केंद्र व्यवस्थापक रहेंगे। नौ आरक्षित स्टेटिक मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं। 578 कक्ष निरीक्षक माध्यमिक शिक्षा और 1362 बेसिक शिक्षा के होंगे। कोर टीम में 492 लोग रखे गए हैं। पांच सचल दलों का गठन किया गया है। जिले को नौ जोन और और 19 सेक्टर में बांटा गया है। प्रत्येक में एक मजिस्ट्रेट तैनात किया गया है।
---
जिला और प्रदेश स्तर पर ऑनलाइन होगी मॉनिटरिंग
सभी परीक्षा कक्षों में दो-दो सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इसके अलावा वॉयस रिकार्ड भी लगाए गए हैं। जिले और प्रदेश स्तरीय कंट्रोल रूम से इनको जोड़ा जाएगा। ताकि ऑनलाइन मॉनिटरिंग हो सके।
दूसरे ब्लॉक में लगा दी ड्यूटी, कक्ष निरीक्षकों ने जाने से किया इनकार
कक्ष निरीक्षकों की ड्यूटी शासन से ऑनलाइन लगाई गई। इसमें अब बड़ी समस्या भी सामने आई है। तमाम शिक्षकों की ड्यूटी दूसरे ब्लॉक में लगा दी गई। इनके स्कूल से केंद्र की दूरी 50 से 70 किलोमीटर है। तमाम कक्ष निरीक्षकों ने ड्यूटी करने से ही इनकार कर दिया। शिक्षक संगठन के पदाधिकारियों ने इस बाबत डीआईओएस से शिकायत भी की।
यूनाइटेड टीचर्स एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष राजेश मिश्रा ने बताया कि बेसिक स्कूलों के पूरे-पूरे स्टाफ की ड्यूटी लगा दी गई। कई शिक्षकों की ड्यूटी दूसरे ब्लॉक में लगा दी गई। ऐसे में शिक्षक अपने स्कूल की परीक्षाएं कराएं या बोर्ड की परीक्षाएं कराएं। उन्होंने अमरिया के कुछ स्कूलों का उदाहरण दिया जिनके पूरे स्टाफ की ड्यूटी पूरनपुर में लगा दी गई। वहीं केंद्रों पर कक्ष निरीक्षक ज्वाइन करने नहीं पहुंचे। अब केंद्र व्यवस्थापक परेशान हो रहे हैं कि परीक्षा कैसे कराई जाएगी। डीआईओएस ओपी सिंह ने बताया कि शासन को इस बाबत सूचित कर दिया है। पोर्टल पर ड्यूटी संशोधित करने का आश्वासन दिया गया है।
---------------
संकलन केंद्र एक होने से खड़ी हुई कॉपियां पहुंचाने की दिक्कत
इस बार संकलन केंद्र जिले स्तर पर एक ही बनाया गया है। इससे ब्लॉक से आने वाली कॉपियों में दिक्कत होगी। पिछली बार कुछ ब्लॉक में भी संकलन केंद्र बनाए गए थे। डीआईओएस ने बताया कि जो केंद्र ज्यादा दूर हैं उनके लिए यह सुविधा कर दी जाएगी कि वह दोनों पालियों की कॉपी एक साथ शाम को भेजें, लेकिन कॉपियां उसी दिन भेजनी होंगी।
--------------------------
ड्यूटी कटवाने के लिए लगाते रहे चक्कर
कई कक्ष निरीक्षक ड्यूटी ज्यादा दूर लगने के कारण ड्यूटी कटवाने के लिए डीआईओएस ऑफिस का चक्कर काट रहे हैं। मंगलवार को भी तमाम शिक्षक पहुंचे। ड्यूटी कटवाने की अर्जी दी। वहीं कुछ जोनल मजिस्ट्रेट ने भी हाथ खड़े कर दिए। शाम तक कुछ जोनल मजिस्ट्रेट बदले भी गए।
विज्ञापन
24 मार्च से शुरू हो रहीं बोर्ड परीक्षाओं की तैयारियों को लेकर डीएम पुलकित खरे ने मंगलवार को गांधी प्रेक्षागृह में डीआईओएस, सभी केंद्र व्यवस्थापकों व वाह्य केंद्र व्यवस्थापक, स्टेटिक मजिस्ट्रेट, सेक्टर और जोनल मजिस्ट्रेट के साथ बैठक की। परीक्षा के दौरान कोई अधिकारी मोबाइल लेकर नहीं जाएगा। जिस कक्ष में प्रश्नपत्र रखे जाएंगे उसकी सीसीटीवी से निगरानी की जाएगी। सील बंद प्रश्नपत्रों का बंडल केंद्र व्यवस्थापकों व सहायक केंद्र व्यवस्थापक, स्टेटिक मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में खोले जाएंगे। इसकी वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी। बंडल मजिस्ट्रेट अलग से तैनात किए जाएंगे। अगर नकल का मामला या पेपर लीक होता तो इन्हीं की जिम्मेदारी होगी।
विज्ञापन
डीएम ने कहा कि सभी स्टाफ के पास आईकार्ड अनिवार्य रूप से होना चाहिए। सचल दल डीएम आवास से सुबह छह बजे निकलेंगे। एक ही जोन में वही टीम दोबारा नहीं जाएगी। परीक्षा केंद्र की सौ मीटर परिधि में कोई दुकान या ठेला नहीं लगेेगा। फोटो कॉपी की दुकानें बंद रहेंगी। डीएम ने कहा कि वीडियोग्राफी के साथ रोजाना सीसीटीवी फुटेज भी चेक की जाएगी।
विज्ञापन
प्रत्येक केंद्र पर तैनात किए गए स्टेटिक मजिस्ट्रेट
परीक्षा के लिए 73 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। प्रत्येक केंद्र पर स्टेटिक मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं। इतने ही अतिरिक्त वाह्य केंद्र व्यवस्थापक रहेंगे। नौ आरक्षित स्टेटिक मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं। 578 कक्ष निरीक्षक माध्यमिक शिक्षा और 1362 बेसिक शिक्षा के होंगे। कोर टीम में 492 लोग रखे गए हैं। पांच सचल दलों का गठन किया गया है। जिले को नौ जोन और और 19 सेक्टर में बांटा गया है। प्रत्येक में एक मजिस्ट्रेट तैनात किया गया है।
---
जिला और प्रदेश स्तर पर ऑनलाइन होगी मॉनिटरिंग
सभी परीक्षा कक्षों में दो-दो सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इसके अलावा वॉयस रिकार्ड भी लगाए गए हैं। जिले और प्रदेश स्तरीय कंट्रोल रूम से इनको जोड़ा जाएगा। ताकि ऑनलाइन मॉनिटरिंग हो सके।
दूसरे ब्लॉक में लगा दी ड्यूटी, कक्ष निरीक्षकों ने जाने से किया इनकार
कक्ष निरीक्षकों की ड्यूटी शासन से ऑनलाइन लगाई गई। इसमें अब बड़ी समस्या भी सामने आई है। तमाम शिक्षकों की ड्यूटी दूसरे ब्लॉक में लगा दी गई। इनके स्कूल से केंद्र की दूरी 50 से 70 किलोमीटर है। तमाम कक्ष निरीक्षकों ने ड्यूटी करने से ही इनकार कर दिया। शिक्षक संगठन के पदाधिकारियों ने इस बाबत डीआईओएस से शिकायत भी की।
यूनाइटेड टीचर्स एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष राजेश मिश्रा ने बताया कि बेसिक स्कूलों के पूरे-पूरे स्टाफ की ड्यूटी लगा दी गई। कई शिक्षकों की ड्यूटी दूसरे ब्लॉक में लगा दी गई। ऐसे में शिक्षक अपने स्कूल की परीक्षाएं कराएं या बोर्ड की परीक्षाएं कराएं। उन्होंने अमरिया के कुछ स्कूलों का उदाहरण दिया जिनके पूरे स्टाफ की ड्यूटी पूरनपुर में लगा दी गई। वहीं केंद्रों पर कक्ष निरीक्षक ज्वाइन करने नहीं पहुंचे। अब केंद्र व्यवस्थापक परेशान हो रहे हैं कि परीक्षा कैसे कराई जाएगी। डीआईओएस ओपी सिंह ने बताया कि शासन को इस बाबत सूचित कर दिया है। पोर्टल पर ड्यूटी संशोधित करने का आश्वासन दिया गया है।
---------------
संकलन केंद्र एक होने से खड़ी हुई कॉपियां पहुंचाने की दिक्कत
इस बार संकलन केंद्र जिले स्तर पर एक ही बनाया गया है। इससे ब्लॉक से आने वाली कॉपियों में दिक्कत होगी। पिछली बार कुछ ब्लॉक में भी संकलन केंद्र बनाए गए थे। डीआईओएस ने बताया कि जो केंद्र ज्यादा दूर हैं उनके लिए यह सुविधा कर दी जाएगी कि वह दोनों पालियों की कॉपी एक साथ शाम को भेजें, लेकिन कॉपियां उसी दिन भेजनी होंगी।
--------------------------
ड्यूटी कटवाने के लिए लगाते रहे चक्कर
कई कक्ष निरीक्षक ड्यूटी ज्यादा दूर लगने के कारण ड्यूटी कटवाने के लिए डीआईओएस ऑफिस का चक्कर काट रहे हैं। मंगलवार को भी तमाम शिक्षक पहुंचे। ड्यूटी कटवाने की अर्जी दी। वहीं कुछ जोनल मजिस्ट्रेट ने भी हाथ खड़े कर दिए। शाम तक कुछ जोनल मजिस्ट्रेट बदले भी गए।