फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   Bite two decades, 626 flood victims did not get home

दो दशक बीते, 626 बाढ़पीड़ितों को नहीं मिला घर

Tue, 03 May 2016 11:10 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पीलीभीत
ब्यूरो/अमर उजाला, पीलीभीत Updated Tue, 03 May 2016 11:10 PM IST
विज्ञापन
 शारदा नदी की बाढ़ से बेघर हुए 626 परिवारों ने जिला प्रशासन से किसी सुरक्षित स्थान पर आवासीय पट्टे देने की मांग की है। राजस्व विभाग ने वर्षों पहले जिस जगह आवासीय पट्टे किए थे, वहां बाढ़ पीड़ितों ने बसने से इंकार कर दिया था। वर्ष 1989 में शारदा में आई बाढ़ के बाद आनन फानन में सैकड़ों बाढ़ पीड़ित परिवारों, जिनकी कृषि भूमि के साथ आवास भी नदी की भेंट चढ़ गए थे, को अस्थाई रुप से शारदा डैम के वर्जित क्षेत्र में बसा दिया गया था। बाद में कई अन्य गांवों के लोग भी बेघर होकर डैम पर आ बसे थे। उस दौरान प्रशासन ने बाढ़ पीड़ितों को लखीमपुर और बदायूं जिले में भूमि की तलाश करने भेजा था, लेकिन कहीं भूमि नहीं मिल सकी। लिहाजा बाढ़ पीड़ित परिवार डैम के वर्जित क्षेत्र में ही झोपड़ियां डालकर रहने लगे।
विज्ञापन


सुखलाल ने विधानसभा में उठाया था मामला
जब बाढ़ पीड़ितों को लंबे समय तक कहीं नहीं बसाया गया तब तत्कालीन विधायक सुखलाल ने मामले को विधानसभा में उठाया। इस पर प्रशासन ने आनन-फानन में लेखपालों की टीमें बनाकर सिंचाई विभाग की राजस्व विभाग को हस्तातंरित 1171 एकड़ भूमि का सर्वे कराया। साथ ही जो बाढ़ पीड़ित पात्र थे, उनकी सूचियां बनवाईं और मठइयालालपुर में 626 बाढ़ पीड़ितों को तीन-तीन डिसमिल के आवासीय पट्टे किए जाने के निर्देश दिए थे। 
विज्ञापन


बाढ़ पीड़ितों ने बसने से कर दिया था इंकार 
उस दौरान तत्कालीन डीएम कौशल राज शर्मा खुद पट्टेदारों को कब्जा दिलाने मौके पर पहुंचे थे, लेकिन जमीन शारदा नदी के किनारे निचले क्षेत्र में थी। लिहाजा बाढ़पीड़ितों ने वहां बसने से इंकार कर दिया था। उन्होंने जिला प्रशासन से गाटा संख्या 144, 147, 149 में बसाने की मांग की थी, लेकिन डीएम ने कुछ बाढ़ पीड़ितों से यह कहकर कि बाद में उन्हें ऊंचे स्थान पर बसा दिया जाएगा, उसी स्थान के पट्टे रिसीव करवाकर शासन को अपनी रिपोर्ट भेज दी थी। 
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed