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Pilibhit News: ईरान संकट के बाद 300 रुपयेे गिरा बासमती का रेट, पोर्ट पर फंसा स्टॉक
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बाजार में एक दुकान पर लगे बासमती चावल के कट्टे
पीलीभीत। ईरान पर हमले का असर जिले के बासमती चावल की आपूर्ति पर पड़ा है। बासमती के दाम में एक दिन में करीब 300 रुपये प्रति क्विंटल की गिरावट दर्ज की गई। सउदी अरब, दुबई व अन्य देशों में पोर्ट बंद होने से चावल का स्टॉक भी अलग-अलग बंदरगाहों पर फंस गया है। जिले से प्रतिमाह 60 से 70 टन बासमती चावल अलग-अलग देशों में निर्यात किया जाता है।
जिले की निर्यातक फर्म के अलावा दूसरे जिलों और प्रदेेशों की फर्म के जरिए जिले में पैदा होने वाला बासमती चावल ईरान, सउदी अरब, दुबई, बहरीन, मलेशिया, इंडोनेशिया, दक्षिण अफ्रीका और उत्तरी अफ्रीका में जाता है। बताया जा रहा है कि जिले के बासमती की मांग ईरान और अन्य खादी देशों में अधिक है। अमेरिका-इजराइल के हमले के बाद ईरान ने सउदी अरब, दुबई, बहरीन आदि देशों पर हमला कर दिया। इसका असर व्यापार पर पड़ा है।
जिले के बासमती चावल का निर्यात भी प्रभावित हुआ है। डीएस एग्रो फर्म के अमित अग्रवाल ने बताया कि वह सउदी अरब, दुबई आदि देशों में बासमती का निर्यात करते हैं। मध्य एशिया के देशों में भी चावल जाता है। युद्ध की वजह से शनिवार को बासमती के दामों में 300 रुपये प्रति क्विंटल की गिरावट आई है। बासमती का भाव आठ से नौ हजार रुपये प्रति क्विंटल रहता है। संवाद
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दुबई पोर्ट बंद, बंदरगाहों पर स्टॉक
अमित अग्रवाल ने बताया कि ईरान के हमले के बाद से दुबई पोर्ट बंद कर दिया गया है। उनकी ओर से भेजा गया चावल देश के बंदरगाहों पर लगा है। मुंबई और गुजरात के गांधीधाम बंदरगाह से चावल भेजा जाता है। उन्होंने बताया कि एक माह पहले ईरान की ओर से बासमती की काफी अधिक खरीद की जा रही थी। उस समय दाम में इजाफा हुआ था।
50 से 60 कंटेनर होता है प्रतिमाह निर्यात
अमित अग्रवाल ने बताया कि उनकी फर्म प्रतिमाह 50 से 60 कंटेनर चावल का प्रतिमाह निर्यात करती है। एक कंटेनर में 25 टन चावल होता है। अन्य फर्में भी बासमती का निर्यात करती हैं। मांग के अनुसार, निर्यात की मात्रा घटती-बढ़ती रहती है। दामों भी उतार-चढ़ाव लगा रहता है।
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जिले की निर्यातक फर्म के अलावा दूसरे जिलों और प्रदेेशों की फर्म के जरिए जिले में पैदा होने वाला बासमती चावल ईरान, सउदी अरब, दुबई, बहरीन, मलेशिया, इंडोनेशिया, दक्षिण अफ्रीका और उत्तरी अफ्रीका में जाता है। बताया जा रहा है कि जिले के बासमती की मांग ईरान और अन्य खादी देशों में अधिक है। अमेरिका-इजराइल के हमले के बाद ईरान ने सउदी अरब, दुबई, बहरीन आदि देशों पर हमला कर दिया। इसका असर व्यापार पर पड़ा है।
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जिले के बासमती चावल का निर्यात भी प्रभावित हुआ है। डीएस एग्रो फर्म के अमित अग्रवाल ने बताया कि वह सउदी अरब, दुबई आदि देशों में बासमती का निर्यात करते हैं। मध्य एशिया के देशों में भी चावल जाता है। युद्ध की वजह से शनिवार को बासमती के दामों में 300 रुपये प्रति क्विंटल की गिरावट आई है। बासमती का भाव आठ से नौ हजार रुपये प्रति क्विंटल रहता है। संवाद
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दुबई पोर्ट बंद, बंदरगाहों पर स्टॉक
अमित अग्रवाल ने बताया कि ईरान के हमले के बाद से दुबई पोर्ट बंद कर दिया गया है। उनकी ओर से भेजा गया चावल देश के बंदरगाहों पर लगा है। मुंबई और गुजरात के गांधीधाम बंदरगाह से चावल भेजा जाता है। उन्होंने बताया कि एक माह पहले ईरान की ओर से बासमती की काफी अधिक खरीद की जा रही थी। उस समय दाम में इजाफा हुआ था।
50 से 60 कंटेनर होता है प्रतिमाह निर्यात
अमित अग्रवाल ने बताया कि उनकी फर्म प्रतिमाह 50 से 60 कंटेनर चावल का प्रतिमाह निर्यात करती है। एक कंटेनर में 25 टन चावल होता है। अन्य फर्में भी बासमती का निर्यात करती हैं। मांग के अनुसार, निर्यात की मात्रा घटती-बढ़ती रहती है। दामों भी उतार-चढ़ाव लगा रहता है।