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Pilibhit News: स्टाफ व संसाधनों के अभाव में आयुर्वेदिक चिकित्सालय बदहाल

Sat, 30 Aug 2025 12:41 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत Updated Sat, 30 Aug 2025 12:41 AM IST
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Ayurvedic hospital is in bad shape due to lack of staff and resources
पीलीभीत। आयुर्वेदिक दवाओं के प्रति भले ही मरीजों का विश्वास बढ़ा है, लेकिन शहर के आयुर्वेदिक अस्पताल की व्यवस्थाएं बदहाल हैं। स्टाफ व संसाधनों की कमी से मरीजों को बेहतर उपचार नहीं मिल पा रहा है। चिकित्सालय में न तो स्वीपर है और न ही औषधि तैयार करने के लिए फार्मासिस्ट। ऐसे में सिर्फ खानापूरी कर मरीजों को परामर्श दिया जा रहा है।
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आयुर्वेदिक दवाओं का नाम लेते ही मरीजों में दवा के प्रति सकारात्मक सोच रहती है। मरीज आयुर्वेदिक इलाज की ओर से भी बढ़ रहे हैं। शहर के वल्लभनगर कॉलोनी में एक कमरा व एक आंगन में संचालित आयुर्वेदिक चिकित्सालय की स्थिति वर्तमान में काफी बदहाल है। चिकित्सालय में स्वीकृत पदों के सापेक्ष न ही सफाई कर्मचारी हैं न ही औषधि तैयार करने के लिए फार्मासिस्ट है।
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चिकित्सालय की सफाई, औषधि तैयार करना दोनों ही जिम्मेदारी वार्ड बॉय नरेश कुमार पर है। इसी के साथ चिकित्सक सुरेंद्र कुमार सिर्फ परामर्श देने तक ही सीमित है। दो लोगों का स्टाफ होने के चलते अस्पताल में मिलने वाली सुविधाओं पर भी ताला पड़ा है। योग व्यायाम के खोला गया योग वेलनेस सेंटर भी बंद रहता है। चिकित्सालय में चार बेड का भर्ती वार्ड बनाया गया है, इसमें आज तक कोई मरीज भर्ती नहीं हुआ।
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खुले में रखी दवाएं, सुरक्षा पर सवाल
आयुर्वेदिक चिकित्सालय में औषधि भंडार के लिए कमरा बनाया गया है। मगर औषधि वितरण केंद्र को ओपीडी कक्ष बना दिया गया है। जो कि पूरे दिन खुला रहता है, बिना दरवाजे के कक्ष में रखी आयुर्वेदिक दवा हवा व नमी के संपर्क में आने से खराब होने का भी खतरा बना रहता है।



पेयजल व शौचालय की उचित सुविधा नहीं
चिकित्सालय में आने वाले नियमित मरीज के लिए पेयजल की कोई व्यवस्था नहीं है। पेयजल के मरीज को परेशानी का सामना करना पड़ता है, इसी के साथ सफाई कर्मी नही होने के चलते चिकित्सालय का शौचालय ज्यादातर गंदा होने की डर से बंद रखा जाता है। इससे मरीज परेशान होते हैं।
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