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घपलेबाजी पर सहायक अभियंता ने कार्य पर लगाई रोक 

Thu, 27 Oct 2016 11:40 PM IST
ब्यूरो /पीलीभीत
ब्यूरो /पीलीभीत Updated Thu, 27 Oct 2016 11:40 PM IST
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Assistant Engineer's work on misappropriation stays
सहायक अभियंता ने कार्य पर लगाई रोक  - फोटो : पीलीभ्‍ाीत/उत्‍ततर प्रदेश्‍ा
सिंचाई विभाग में दो करोड़ की लागत से कराए जा रहे पिचिंग निर्माण में मुख्य अभियंता को घपला मिला ही है। अब हेडवकर्स खंड में भी करोड़ों रुपये की लागत से बनाई जा रही हरदोई नहर की पटरियों को मजबूत करने के नाम गड़बड़ी करने की शिकायत हुई है। जिसके बाद विभागीय अफसरों ने कार्य रुकवा दिया है।
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शारदा डैम पर दो करोड़ की लागत से कराए जा रहे पिचिंग सहित मरम्मत कार्यों में बृहस्पतिवार को शासन के निर्देश पर मुख्य अभियंता पीडब्ल्यूडी गोपाल कृष्ण ने कई स्थानों पर गड़बड़ी पकड़ ली थी। हालांकि इस मामले में अभी भी जांच जारी है। इधर अब सिंचाई विभाग की हेडवकर्स खंड में भी घपलेबाजी की पोल खुलती दिखाई दे रही है। हरदोई ब्रांच नहर में पहले दस करोड़ की लागत से सिल्ट सफाई कराई गई। इसके बाद छह करोड़ से अधिक की लागत से 13.4 मील के आगे बांस बल्ली की ठोकरें बनाई गई। इधर इसके बाद अब चार करोड़ रुपये की लागत से अधीक्षण अभियंता ने नहर के दोनों किनारों पर बनी पटरियों को मजबूत करने के लिए ठेकेदार को ऐसी छूट दे दी, जिससे मजबूत नहर कमजोर हो रही है। वर्षों पूर्व जो नहर को मजबूत करने के लिए मिट्टी डाली गई थी, उस मिट्टी को मशीनों से खोदकर नहर की पटरियां बनाई जा रही है और खोदे गए स्थान को रेत से पाटा जा रहा है। ऐसा एक जगह नहीं बल्कि कई स्थानों पर किया जा रहा है। ऐसेे में सोरी आदि होने से नहर कभी भी फट सकती है। इधर इस मामले में हेडवकर्स खंड के सहायक अभियंता प्रथम बनवसा बलवीर सिंह ने बताया कि ठेकेदार द्वारा कार्यों में गड़बड़ी की शिकायत मिली है। निरीक्षण भी किया जा चुका है। जिसके बाद अब कार्य पर रोक लगा दी गई है। इस मामले की जानकारी अधीक्षण अभियंता व अधिशासी अभियंता को भी दे दी गई है। 
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इससे पूर्व भी हो चुकी है घपलेबाजी
हेडवकर्स खंड में इससे पूर्व बाईपास चैनल पर भी 25 करोड़ रुपये की लागत से नहर के दोनों किनारों को मजबूत करने व क्यूनिक खरीदने के नाम पर घपले बाजी हुई थी। जिसमें 1200 एग्रीमेंट दो-दो लाख रुपये के किए गए थे। शिकायत पर शासन से जांच टीम भी आई। बताते हैं कि अभियंता अनुबंध की फाइलें ही नहीं दिखा सके थे। 
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