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Pilibhit News: डीएम के बुलाने पर नहीं पहुंचे एएमए, वेतन रोका, मांगा जवाब
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पीलीभीत। जिला पंचायत में पंचम राज्य वित्त आयोग के तहत गांवों में सीसी मार्ग, नाला-नाली समेत करीब 20 करोड़ रुपये के विकास कार्यों के लिए जारी ई-टेंडरिंग का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। ई-निविदाओं को लेकर उठे सवालों के बीच जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह के बृहस्पतिवार को बुलाने पर जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी (एएमए) धर्मेंद्र कुमार के कार्यालय में उपस्थित न होने को प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। डीएम के निर्देश पर एएमए का एक दिन का वेतन रोकने के साथ ही उनसे जवाब-तलब किया गया है।
डीएम ने बताया कि करीब 20 करोड़ रुपये की ई-टेंडर प्रक्रिया को निरस्त करने की कार्रवाई शुरू करा दी गई है। साथ ही पूरे मामले की जांच कराई जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों और अभिलेखों के आधार पर आगे नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। एएमए के वेतन पर भी रोक लगाने की कार्रवाई किए जाने की बात डीएम ने कही है।
जिला पंचायत का निर्वाचित कार्यकाल 11 जुलाई को समाप्त हो गया था। इसके बाद शासन के निर्देश पर निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष को प्रशासक नामित किया गया। इसी बीच तीन अगस्त को पंचम राज्य वित्त आयोग की संस्तुतियों के तहत करीब 20 करोड़ रुपये के विभिन्न विकास कार्यों के लिए ई-निविदाएं जारी कर दी गईं। इनमें गांवों में सीसी मार्ग, नाला-नाली समेत अन्य कार्य शामिल बताए गए हैं। निविदाएं 24 अगस्त को खोली जानी प्रस्तावित थीं। संवाद
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डीएम ने अभिलेखों के साथ बुलाया था
ई-टेंडरिंग को लेकर उठे सवालों के बाद डीएम ने एएमए धर्मेंद्र कुमार को संबंधित अभिलेखों के साथ बृहस्पतिवार को तलब किया था। निर्धारित समय पर एएमए स्वयं नहीं पहुंचे और उनकी ओर से अन्य कर्मचारियों को भेज दिया गया। जब एएमए के बारे में जानकारी की गई तो बताया गया कि वह दिशा की बैठक में शामिल होने गए हैं।
प्रशासनिक स्तर पर जब इस संबंध में जानकारी की गई तो जिले में उस दिन ऐसी कोई बैठक होने की पुष्टि नहीं हुई। इसको लेकर भी डीएम ने नाराजगी जताई।
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डीएम ने बताया कि करीब 20 करोड़ रुपये की ई-टेंडर प्रक्रिया को निरस्त करने की कार्रवाई शुरू करा दी गई है। साथ ही पूरे मामले की जांच कराई जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों और अभिलेखों के आधार पर आगे नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। एएमए के वेतन पर भी रोक लगाने की कार्रवाई किए जाने की बात डीएम ने कही है।
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जिला पंचायत का निर्वाचित कार्यकाल 11 जुलाई को समाप्त हो गया था। इसके बाद शासन के निर्देश पर निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष को प्रशासक नामित किया गया। इसी बीच तीन अगस्त को पंचम राज्य वित्त आयोग की संस्तुतियों के तहत करीब 20 करोड़ रुपये के विभिन्न विकास कार्यों के लिए ई-निविदाएं जारी कर दी गईं। इनमें गांवों में सीसी मार्ग, नाला-नाली समेत अन्य कार्य शामिल बताए गए हैं। निविदाएं 24 अगस्त को खोली जानी प्रस्तावित थीं। संवाद
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डीएम ने अभिलेखों के साथ बुलाया था
ई-टेंडरिंग को लेकर उठे सवालों के बाद डीएम ने एएमए धर्मेंद्र कुमार को संबंधित अभिलेखों के साथ बृहस्पतिवार को तलब किया था। निर्धारित समय पर एएमए स्वयं नहीं पहुंचे और उनकी ओर से अन्य कर्मचारियों को भेज दिया गया। जब एएमए के बारे में जानकारी की गई तो बताया गया कि वह दिशा की बैठक में शामिल होने गए हैं।
प्रशासनिक स्तर पर जब इस संबंध में जानकारी की गई तो जिले में उस दिन ऐसी कोई बैठक होने की पुष्टि नहीं हुई। इसको लेकर भी डीएम ने नाराजगी जताई।