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18 घंटों में रफ्तार ने ली चार भाइयों की जान
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पीलीभीत। वाहनों की तेज रफ्तार ने 18 घंटे के भीतर चार भाइयों की जान ले ली। पहला हादसा शुक्रवार रात बमरौली-ईंटगांव मार्ग पर तनाया गांव के पास हुआ। इसमें बाइक सवार दो सगे भाई बीसलपुर कोतवाली क्षेत्र के ग्राम शिवपुरी नवदिया निवासी देवऋषि शुक्ला (32) और सूर्यकांत उर्फ वेदप्रकाश (20) की मौत हो गई। इनकी बाइक ट्रैक्टर ट्रॉली से भिड़ गई थी। दूसरा हादसा शनिवार दोपहर बीसलपुर-बिलसंडा मार्ग पर कैंचुआ गांव के पास हुआ। इसमें ट्रक की टक्कर से बाइक सवार चचेरे-तहेरे भाइयों बिलसंडा थाना क्षेत्र के धनगवां गांव निवासी राहुल (20) पुत्र जानकी प्रसाद और उसके तहेरे भाई रामकिशोर (25) पुत्र नन्हे की मौत हो गई। बिलसंडा पुलिस ने चारों युवकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। शनिवार को हुए हादसे में बाइक सवार हेलमेट नहीं लगाए थे, जबकि शुक्रवार रात हुए हादसे में हेलमेट लगाया था।
बिलसंडा। शिवपुरी नवदिया गांव निवासी रघुवीर सरन शुक्ला ने बताया कि उनके बेटे देवऋषि और सूर्यकांत राखी बंधवाने के लिए पंद्रह अगस्त को बाइक से विवाहित बहन प्रियंका के घर बंडा के ग्राम सिंघापुर गए थे। एक दिन वहीं पर रुकगए। शुक्रवार रात बाइक से दोनों घर के लिए रवाना हुए। बाइक देवऋषि चला रहा था। उसने हेलमेट पहन रखा था। बमरौली-ईंटगांव मार्ग पर तनाया गांव के पास पहुंचते ही सामने से आ रही लकड़ी लदी ट्रैक्टर ट्रॉली ने बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में दोनों घायल हो गए। पुलिस ने घायलों को बिलसंडा सीएचसी भिजवाया। वहां सूर्यकांत को मृत घोषित कर दिया गया। हालत गंभीर होने पर देवऋषि को प्राथमिक इलाज के बाद रेफर कर दिया गया। कुछ ही देर बाद देवऋषि की भी मौत हो गई। इधर, चालक ट्रैक्टर ट्रॉली मौके पर छोड़कर भाग गया। शनिवार को बिलसंडा पुलिस ने दोनों के शवों को कब्जे में लेकर परिजन से जानकारी की और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मामले में ट्रैक्टर नंबर के आधार पर उसके अज्ञात चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
सीओ बीसलपुर प्रवीण मलिक ने बताया कि ट्रैक्टर ट्रॉली को कब्जे में लिया गया है। अज्ञात चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है
दूसरे हादसा बीसलपुर-बिलसंडा मार्ग पर शनिवार दोपहर को हुआ। थाना क्षेत्र के ग्राम धनगवां निवासी श्यामू ने बताया कि उनका भाई राहुल शनिवार सुबह तहेरे भाई रामकिशोर के साथ बाइक से बीसलपुर गया था। दोपहर बाद दोनों बाइक से घर लौट रहे थे। रास्ते में कैंचुआ गांव के पास पहुंचते ही ट्रक ने बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद चालक ट्रक छोड़कर भाग गया। सूचना मिलने पर एसडीएम बीसलपुर सौरभ दुबे, सीओ प्रवीण मलिक पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। दोनों शवों को वाहन से पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। सीओ बीसलपुर प्रवीण मलिक ने बताया कि ट्रक की टक्कर से बाइक सवार दो युवकों की मौत हुई है। वह आपस में चचेरे-तहेरे भाई हैं। ट्रक पुलिस के कब्जे में है। तहरीर मिलने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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हादसा-1
जवान बेटों की मौत से सदमे में डूबा परिवार
बीसलपुर। बहन की ससुराल से राखी बंधवाकर घर आ रहे सगे भाइयों की ट्रैक्टर ट्रॉली की टक्कर से मौत के बाद घर का खुशनुमा माहौल एक पल में गम में डूब गया। अचानक आई मौत की खबर सुनकर परिजन टूट गए। विलाप सुनकर आसपास के ग्रामीण पीड़ित परिवार को ढाढ़स बंधाने में जुट गए।
शिवपुरी नवदिया गांव निवासी देवऋषि और सूर्यकांत 15 अगस्त की सुबह बाइक से बहन प्रियंका के घर राखी बंधवाने गए थे। वह एक दिन वहीं पर रुक गए। इसके बाद दूसरे दिन शुक्रवार 16 अगस्त की रात को वापस घर आने के लिए रवाना हुए। खबर परिवार के लोगों को भी दे दी गई। रास्ते में बाइक की ट्रैक्टर ट्रॉली से भिड़ंत के बाद एक-एक कर दोनों की जान चली गई। रात करीब 12 बजे पिता रघुवीर सरन को दोनों बेटों की मौत की खबर मिली तो दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। वह बदहवास से हो गए। परिवार में भी दोनों की मौत का पता लगते ही चीख पुकार मच गई। जिसने भी सुना वह गमगीन परिवार को ढाढ़स बंधाने के लिए पहुंच गया। रघुवीर सरन के पांच बेटे और एक बेटी है। हादसे में जान गंवाने वाला देवऋषि सबसे बड़ा विवाहित बेटा था। उसकी मौत के बाद पत्नी किरन का रो-रोकर बुरा हाल रहा। उसके तीन बच्चे आदर्श, रिब्बी और तेजस्वी हैं। वहीं सूर्यकांत उर्फ वेदप्रकाश दूसरे नंबर का अविवाहित बेटा था। वह शाहजहांपुर के एक कॉलेज से एलएलबी कर रहा था। दो बेटों को खोकर बुजुर्ग मां उर्मिला देवी बदहवास हो गईं।
हेलमेट के तो उड़ गए परखचे
जिले में 90 प्रतिशत बाइकर्स हेलमेट नहीं लगाते हैं। वहीं जो लोग हेलमेट का प्रयोग कर रहे हैं, वह भी सिर्फ पुलिस की कार्रवाई से बचने के लिए हेलमेट लगाने तक सीमित रहते हैं। यही वजह है कि हेलमेट की क्वालिटी को लेकर कोई खास ध्यान नहीं दिया जाता। यह बात इस हादसे के बाद भी कही जाती रही। बाइक चलाते वक्त देवऋषि ने हेलमेट लगा रखा था, लेकिन वह टक्कर लगने के बाद आसानी से टूट गया। उसके परखचे उड़ गए। हेलमेट के टुकड़े भी मौके पर ही पड़े मिले। ऐसे में एक बार फिर अधिकारियों की ओर से जागरूक करने को कही जाने वाली बात चर्चा में रही कि हेलमेट जान की हिफाजत करने के लिए लगाएं, न कि पुलिस की कार्रवाई से बचने के लिए।
पांच साल में हुए सड़क हादसों के आंकड़े
वर्ष - हादसे - घायल - मृतक
2014 - 370 - 249 - 136
2015 - 345 - 256 - 126
2016 - 376 - 287 - 155
2017 - 409 - 314 - 166
2018 - 355 - 235 - 161
हादसा-2
हादसे से छिन गईं दो परिवारों की खुशियां, मची चीख पुकार
बिलसंडा (पीलीभीत)। बीसलपुर-बिलसंडा मार्ग पर हुए हादसे में चचेरे-तहेरे भाई राहुल और रामकिशोर की मौत के बाद एक पल में दो परिवारों का खुशनुमा माहौल गमगीन हो गया। हादसे की खबर मिलने पर पहुंचे परिवार वाले दोनों के शव देखकर फूट-फूट कर रोए । साथ आए रिश्तेदार और मौजूद ग्रामीण उनको ढाढ़स बंधाते हुए संभालते रहे।
हादसे में जान गंवाने वाला धनगवां गांव निवासी राहुल चार भाइयों में तीसरे नंबर का था। उसके दो बड़े विवाहित भाई रामू, श्यामू और एक छोटा अविवाहित भाई कमल है। एक बहन की पूर्व में मौत हो चुकी है, जबकि दो बहन पूजा और गोपिया की शादी हो चुकी है। उसकी मौत के बाद से मां मुन्नी देवी पूरी तरह से टूट गई। पोस्टमार्टम हाउस पर उसका रो-रोकर बुरा हाल रहा। वहीं दूसरे मृतक तहेरे भाई रामकिशोर के परिजन का भी यही हाल रहा। वह इकलौते बेटा था। एक छोटी बहन रूबी है। रामकिशोर की शादी करीब तीन साल पूर्व बलिया जिले की रहने वाली प्रतिमा से हुई थी। उसके दो साल का बेटा सोनू है। उसकी मौत से मां रेनू देवी बदहवास हो गईं। उनका विलाप देखकर मौजूद लोगों की आंखें भी नम दिखाई दीं।
मृतक राहुल और रामकिशोर के परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है। जमीन भी दोनों परिवार पर नाममात्र है। पिछले कई दिनों से दोनों दिल्ली में मजदूरी कर रहे थे। रक्षाबंधन पर चार दिन पहले ही घर आए थे।
बड़े भाई श्यामू ने बताया कि राहुल के लिए उसने एक रिश्ता देखा था। बरेली जिले से एक परिवार रविवार को उसे देखने के लिए आने वाला था।
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बिलसंडा। शिवपुरी नवदिया गांव निवासी रघुवीर सरन शुक्ला ने बताया कि उनके बेटे देवऋषि और सूर्यकांत राखी बंधवाने के लिए पंद्रह अगस्त को बाइक से विवाहित बहन प्रियंका के घर बंडा के ग्राम सिंघापुर गए थे। एक दिन वहीं पर रुकगए। शुक्रवार रात बाइक से दोनों घर के लिए रवाना हुए। बाइक देवऋषि चला रहा था। उसने हेलमेट पहन रखा था। बमरौली-ईंटगांव मार्ग पर तनाया गांव के पास पहुंचते ही सामने से आ रही लकड़ी लदी ट्रैक्टर ट्रॉली ने बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में दोनों घायल हो गए। पुलिस ने घायलों को बिलसंडा सीएचसी भिजवाया। वहां सूर्यकांत को मृत घोषित कर दिया गया। हालत गंभीर होने पर देवऋषि को प्राथमिक इलाज के बाद रेफर कर दिया गया। कुछ ही देर बाद देवऋषि की भी मौत हो गई। इधर, चालक ट्रैक्टर ट्रॉली मौके पर छोड़कर भाग गया। शनिवार को बिलसंडा पुलिस ने दोनों के शवों को कब्जे में लेकर परिजन से जानकारी की और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मामले में ट्रैक्टर नंबर के आधार पर उसके अज्ञात चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
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सीओ बीसलपुर प्रवीण मलिक ने बताया कि ट्रैक्टर ट्रॉली को कब्जे में लिया गया है। अज्ञात चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है
दूसरे हादसा बीसलपुर-बिलसंडा मार्ग पर शनिवार दोपहर को हुआ। थाना क्षेत्र के ग्राम धनगवां निवासी श्यामू ने बताया कि उनका भाई राहुल शनिवार सुबह तहेरे भाई रामकिशोर के साथ बाइक से बीसलपुर गया था। दोपहर बाद दोनों बाइक से घर लौट रहे थे। रास्ते में कैंचुआ गांव के पास पहुंचते ही ट्रक ने बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद चालक ट्रक छोड़कर भाग गया। सूचना मिलने पर एसडीएम बीसलपुर सौरभ दुबे, सीओ प्रवीण मलिक पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। दोनों शवों को वाहन से पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। सीओ बीसलपुर प्रवीण मलिक ने बताया कि ट्रक की टक्कर से बाइक सवार दो युवकों की मौत हुई है। वह आपस में चचेरे-तहेरे भाई हैं। ट्रक पुलिस के कब्जे में है। तहरीर मिलने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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हादसा-1
जवान बेटों की मौत से सदमे में डूबा परिवार
बीसलपुर। बहन की ससुराल से राखी बंधवाकर घर आ रहे सगे भाइयों की ट्रैक्टर ट्रॉली की टक्कर से मौत के बाद घर का खुशनुमा माहौल एक पल में गम में डूब गया। अचानक आई मौत की खबर सुनकर परिजन टूट गए। विलाप सुनकर आसपास के ग्रामीण पीड़ित परिवार को ढाढ़स बंधाने में जुट गए।
शिवपुरी नवदिया गांव निवासी देवऋषि और सूर्यकांत 15 अगस्त की सुबह बाइक से बहन प्रियंका के घर राखी बंधवाने गए थे। वह एक दिन वहीं पर रुक गए। इसके बाद दूसरे दिन शुक्रवार 16 अगस्त की रात को वापस घर आने के लिए रवाना हुए। खबर परिवार के लोगों को भी दे दी गई। रास्ते में बाइक की ट्रैक्टर ट्रॉली से भिड़ंत के बाद एक-एक कर दोनों की जान चली गई। रात करीब 12 बजे पिता रघुवीर सरन को दोनों बेटों की मौत की खबर मिली तो दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। वह बदहवास से हो गए। परिवार में भी दोनों की मौत का पता लगते ही चीख पुकार मच गई। जिसने भी सुना वह गमगीन परिवार को ढाढ़स बंधाने के लिए पहुंच गया। रघुवीर सरन के पांच बेटे और एक बेटी है। हादसे में जान गंवाने वाला देवऋषि सबसे बड़ा विवाहित बेटा था। उसकी मौत के बाद पत्नी किरन का रो-रोकर बुरा हाल रहा। उसके तीन बच्चे आदर्श, रिब्बी और तेजस्वी हैं। वहीं सूर्यकांत उर्फ वेदप्रकाश दूसरे नंबर का अविवाहित बेटा था। वह शाहजहांपुर के एक कॉलेज से एलएलबी कर रहा था। दो बेटों को खोकर बुजुर्ग मां उर्मिला देवी बदहवास हो गईं।
हेलमेट के तो उड़ गए परखचे
जिले में 90 प्रतिशत बाइकर्स हेलमेट नहीं लगाते हैं। वहीं जो लोग हेलमेट का प्रयोग कर रहे हैं, वह भी सिर्फ पुलिस की कार्रवाई से बचने के लिए हेलमेट लगाने तक सीमित रहते हैं। यही वजह है कि हेलमेट की क्वालिटी को लेकर कोई खास ध्यान नहीं दिया जाता। यह बात इस हादसे के बाद भी कही जाती रही। बाइक चलाते वक्त देवऋषि ने हेलमेट लगा रखा था, लेकिन वह टक्कर लगने के बाद आसानी से टूट गया। उसके परखचे उड़ गए। हेलमेट के टुकड़े भी मौके पर ही पड़े मिले। ऐसे में एक बार फिर अधिकारियों की ओर से जागरूक करने को कही जाने वाली बात चर्चा में रही कि हेलमेट जान की हिफाजत करने के लिए लगाएं, न कि पुलिस की कार्रवाई से बचने के लिए।
पांच साल में हुए सड़क हादसों के आंकड़े
वर्ष - हादसे - घायल - मृतक
2014 - 370 - 249 - 136
2015 - 345 - 256 - 126
2016 - 376 - 287 - 155
2017 - 409 - 314 - 166
2018 - 355 - 235 - 161
हादसा-2
हादसे से छिन गईं दो परिवारों की खुशियां, मची चीख पुकार
बिलसंडा (पीलीभीत)। बीसलपुर-बिलसंडा मार्ग पर हुए हादसे में चचेरे-तहेरे भाई राहुल और रामकिशोर की मौत के बाद एक पल में दो परिवारों का खुशनुमा माहौल गमगीन हो गया। हादसे की खबर मिलने पर पहुंचे परिवार वाले दोनों के शव देखकर फूट-फूट कर रोए । साथ आए रिश्तेदार और मौजूद ग्रामीण उनको ढाढ़स बंधाते हुए संभालते रहे।
हादसे में जान गंवाने वाला धनगवां गांव निवासी राहुल चार भाइयों में तीसरे नंबर का था। उसके दो बड़े विवाहित भाई रामू, श्यामू और एक छोटा अविवाहित भाई कमल है। एक बहन की पूर्व में मौत हो चुकी है, जबकि दो बहन पूजा और गोपिया की शादी हो चुकी है। उसकी मौत के बाद से मां मुन्नी देवी पूरी तरह से टूट गई। पोस्टमार्टम हाउस पर उसका रो-रोकर बुरा हाल रहा। वहीं दूसरे मृतक तहेरे भाई रामकिशोर के परिजन का भी यही हाल रहा। वह इकलौते बेटा था। एक छोटी बहन रूबी है। रामकिशोर की शादी करीब तीन साल पूर्व बलिया जिले की रहने वाली प्रतिमा से हुई थी। उसके दो साल का बेटा सोनू है। उसकी मौत से मां रेनू देवी बदहवास हो गईं। उनका विलाप देखकर मौजूद लोगों की आंखें भी नम दिखाई दीं।
मृतक राहुल और रामकिशोर के परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है। जमीन भी दोनों परिवार पर नाममात्र है। पिछले कई दिनों से दोनों दिल्ली में मजदूरी कर रहे थे। रक्षाबंधन पर चार दिन पहले ही घर आए थे।
बड़े भाई श्यामू ने बताया कि राहुल के लिए उसने एक रिश्ता देखा था। बरेली जिले से एक परिवार रविवार को उसे देखने के लिए आने वाला था।