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मझोला मिल चलवाने की कवायद फिर शुरू
ब्यूरो/अमर उजाला, पीलीभीत
Updated Thu, 05 May 2016 10:53 PM IST
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चीनी मिल
- फोटो : pilibhit, beureu
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पांच साल से बंद पड़ी मझोला चीनी मिल चालू होने की आस एक बार फिर जगी है। शासन से इसकी रिपोर्ट तलब की गई है, जिस पर डीएम ने गन्ना एवं मिल अधिकारियों के साथ बंद पड़ी मिल का निरीक्षण किया।
मझोला स्थित सहकारी चीनी मिल वर्ष 2010-11 में बंद कर दी गई थी। मिल बंद होने से जहां इस क्षेत्र के गन्ना किसान परेशान हैं वहीं मझोला का व्यापार भी मंद पड़ गया है। मझोलावासी समय-समय पर मिल चालू कराने की मांग करते रहे हैं। चुनावी वर्ष को देखते हुए इस बार फिर इसे चलाने की कवायद शुरू की गई है। शासन के निर्देश पर बृहस्पतिवार को डीएम मासूम अली सरवर, जिला गन्ना अधिकारी राजेश्वर सिंह यादव, पूरनपुर सहकारी मिल के जीएम वीके अवरोल एवं एलएच शुगर फैक्ट्री की तकनीकी टीम के साथ मझोला पहुंचे। डीएम ने मिल की बंद पड़ी मशीनों एवं अन्य संसाधनों का निरीक्षण किया और तकनीकी टीम से इसकी स्थिति की जानकारी ली। इसके बाद डीएम ने मिल की जमीन पर हो रहे कब्जे की शिकायत पर जमीन का भी निरीक्षण किया। डीएम के निरीक्षण की जानकारी मिलने पर चेयरमैन अजय गोयल, सत्य प्र्रकाश शुक्ला, संजय सिंह, पंकज शर्मा, डॉ. डोरीलाल वर्मा, देवेन्द्र सिंह, दिलबाग सिंह, जगजीत सिंह, माझी सहित कई लोग पहुंच गए और उन्होंने भी डीएम से मिल चलवाने की मांग की।
30-40 करोड़ की होगी जरूरत
मझोला की बंद पड़ी मिल चलवाने की कवायद इससे पूर्व में भी हो चुकी है, लेकिन चुनावी वर्ष होने के कारण इस बार इसके चलने के आसार अधिक दिखाई दे रहे हैं। सूूत्रों की मानें तो 30-40 करोड़ रुपये में मिल आसानी से चलाई जा सकती है और इतनी धनराशि शासन से प्राप्त होने में कोई कठिनाई भी नहीं होगी।
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जिले की सबसे महत्वपूर्ण फैक्ट्री को पुन: चालू कराने का प्रयास किया जा रहा है। इसका निरीक्षण कर शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी।
- मासूम अली सरवर, डीएम
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मझोला स्थित सहकारी चीनी मिल वर्ष 2010-11 में बंद कर दी गई थी। मिल बंद होने से जहां इस क्षेत्र के गन्ना किसान परेशान हैं वहीं मझोला का व्यापार भी मंद पड़ गया है। मझोलावासी समय-समय पर मिल चालू कराने की मांग करते रहे हैं। चुनावी वर्ष को देखते हुए इस बार फिर इसे चलाने की कवायद शुरू की गई है। शासन के निर्देश पर बृहस्पतिवार को डीएम मासूम अली सरवर, जिला गन्ना अधिकारी राजेश्वर सिंह यादव, पूरनपुर सहकारी मिल के जीएम वीके अवरोल एवं एलएच शुगर फैक्ट्री की तकनीकी टीम के साथ मझोला पहुंचे। डीएम ने मिल की बंद पड़ी मशीनों एवं अन्य संसाधनों का निरीक्षण किया और तकनीकी टीम से इसकी स्थिति की जानकारी ली। इसके बाद डीएम ने मिल की जमीन पर हो रहे कब्जे की शिकायत पर जमीन का भी निरीक्षण किया। डीएम के निरीक्षण की जानकारी मिलने पर चेयरमैन अजय गोयल, सत्य प्र्रकाश शुक्ला, संजय सिंह, पंकज शर्मा, डॉ. डोरीलाल वर्मा, देवेन्द्र सिंह, दिलबाग सिंह, जगजीत सिंह, माझी सहित कई लोग पहुंच गए और उन्होंने भी डीएम से मिल चलवाने की मांग की।
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30-40 करोड़ की होगी जरूरत
मझोला की बंद पड़ी मिल चलवाने की कवायद इससे पूर्व में भी हो चुकी है, लेकिन चुनावी वर्ष होने के कारण इस बार इसके चलने के आसार अधिक दिखाई दे रहे हैं। सूूत्रों की मानें तो 30-40 करोड़ रुपये में मिल आसानी से चलाई जा सकती है और इतनी धनराशि शासन से प्राप्त होने में कोई कठिनाई भी नहीं होगी।
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जिले की सबसे महत्वपूर्ण फैक्ट्री को पुन: चालू कराने का प्रयास किया जा रहा है। इसका निरीक्षण कर शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी।
- मासूम अली सरवर, डीएम