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प्रसव पीड़ा के दौरान बच्ची की मौत पर बबाल
Pilibhit
Updated Fri, 25 Jul 2014 05:31 AM IST
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गजरौला। प्रसव पीड़ा के दौरान बच्चे की मौत से गुस्साए लोगों ने लापरवाही का आरोप लगाते हुए असम हाइवे पर जाम लगा दिया और नारेबाजी की। सीओ को तहरीर देकर एएनएम के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की। पुलिस ने हाइवे पर लाठियां फटकार कर प्रदर्शनकारियों को खदेड़ दिया। इस मामले में कार्रवाई करते हुए सीएमओ ने एएनएम विमला गंगवार को सस्पेंड कर दिया और संविदा चिकित्सक निशा की सेवाओं पर रोक लगा दी।
बताते हैं कि गांव पिपरिया भजा निवासी बाबूराम की पत्नी प्रसव पीड़ा से परेशान थी। गुरुवार की शाम को पति घर वालों के साथ उसे सरकारी अस्पताल लाए, जहां मृत बच्ची की पैदाइश हुई। इससे प्रसूता के घर वालों में रोष व्याप्त हो गया। घर वाले एएनएम के खिलाफ लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा काटने लगे। सूचना पर भाजपा के कई कार्यकर्ता व प्रसुता के घर वाले भाजपा पांचाल क्षेत्र के उपाध्यक्ष प्रवक्तानंद की अगुवाई में थाना गजरौला पर मौजूद सीओ सिटी सुवेग सिंह सिद्धू को दी। सीओ ने मामले की शिकायत सीएमओ से करने को कहा। इस पर भाजपा नेता परिवार वालों के साथ थाने के सामने धरने पर बैठ गए। थोड़ी देर बाद धरने पर बैठे लोगों ने असम हाइवे पर वाहनों को आड़े-तिरछा खड़ा कर जाम लगा दिया। पहले पुलिस ने समझा-बुझाकर जाम खुलवाने की कोशिश की, लेकिन जब वह लोग नहीं माने तो पुलिस ने हाइवे पर लाठियां फटकार कर लोगों को खदेड़ दिया। सूचना पर सीएमओ डॉ राकेश तिवारी व एसडीएम एपी श्रीवास्तव मौके पर पहुंच गए। अधिकारियों के कार्रवाई का आश्वासन देने पर लोग शांत हुए। देरशाम सीएमओ डॉ. राकेश तिवारी ने आरोपी एएनएम विमला गंगवार को सस्पेंड कर संविदा चिकित्सक निशा की सेवाएं पर रोक लगा दी। सीएमओ ने बताया जांच में दोषी मिलने पर संविदा चिकित्सक को भी बर्खास्त किया जाएगा। उधर आरोपी निलंबित की गई एएनएम विमला गगंवार का कहना है कि प्रसूता स्वास्थ्य केंद्र पर आई थी, लेकिन बच्चा गर्भ में उलटा होने के कारण जच्चा-बच्चा को खतरा होने की बात कही थी और जिला अस्पताल ले जाने की सलाह दी थी, लेकिन उसके घर वाले नहीं मानें और गरीबी का हवाला देते हुए बच्चे के पैदाइश करने को कहा। इस पर जब उसने कोशिश की तो मृत पुत्री का जन्म हुआ।
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बताते हैं कि गांव पिपरिया भजा निवासी बाबूराम की पत्नी प्रसव पीड़ा से परेशान थी। गुरुवार की शाम को पति घर वालों के साथ उसे सरकारी अस्पताल लाए, जहां मृत बच्ची की पैदाइश हुई। इससे प्रसूता के घर वालों में रोष व्याप्त हो गया। घर वाले एएनएम के खिलाफ लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा काटने लगे। सूचना पर भाजपा के कई कार्यकर्ता व प्रसुता के घर वाले भाजपा पांचाल क्षेत्र के उपाध्यक्ष प्रवक्तानंद की अगुवाई में थाना गजरौला पर मौजूद सीओ सिटी सुवेग सिंह सिद्धू को दी। सीओ ने मामले की शिकायत सीएमओ से करने को कहा। इस पर भाजपा नेता परिवार वालों के साथ थाने के सामने धरने पर बैठ गए। थोड़ी देर बाद धरने पर बैठे लोगों ने असम हाइवे पर वाहनों को आड़े-तिरछा खड़ा कर जाम लगा दिया। पहले पुलिस ने समझा-बुझाकर जाम खुलवाने की कोशिश की, लेकिन जब वह लोग नहीं माने तो पुलिस ने हाइवे पर लाठियां फटकार कर लोगों को खदेड़ दिया। सूचना पर सीएमओ डॉ राकेश तिवारी व एसडीएम एपी श्रीवास्तव मौके पर पहुंच गए। अधिकारियों के कार्रवाई का आश्वासन देने पर लोग शांत हुए। देरशाम सीएमओ डॉ. राकेश तिवारी ने आरोपी एएनएम विमला गंगवार को सस्पेंड कर संविदा चिकित्सक निशा की सेवाएं पर रोक लगा दी। सीएमओ ने बताया जांच में दोषी मिलने पर संविदा चिकित्सक को भी बर्खास्त किया जाएगा। उधर आरोपी निलंबित की गई एएनएम विमला गगंवार का कहना है कि प्रसूता स्वास्थ्य केंद्र पर आई थी, लेकिन बच्चा गर्भ में उलटा होने के कारण जच्चा-बच्चा को खतरा होने की बात कही थी और जिला अस्पताल ले जाने की सलाह दी थी, लेकिन उसके घर वाले नहीं मानें और गरीबी का हवाला देते हुए बच्चे के पैदाइश करने को कहा। इस पर जब उसने कोशिश की तो मृत पुत्री का जन्म हुआ।
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