{"_id":"122-53002","slug":"Pilibhit-53002-122","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीओ जहॉनाबाद ने अमरिया में डाला डेरा ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सीओ जहॉनाबाद ने अमरिया में डाला डेरा
Pilibhit
Updated Thu, 11 Oct 2012 12:00 PM IST
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पीलीभीत/ अमरिया। कसबा निवासी डॉक्टर के घर हुई डकैती के मामले में पुलिस ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। घटना के खुलासे के लिए गठित टीमें बदमाशों की तलाश में उत्तराखंड की खाक छान रही हैं। क्षेत्र में दूसरे दिन भी दहशत का माहौल है। एसपी के आदेश पर सीओ जहॉनाबाद ने कसबे में कैंप किया है।
पेट्रो कारोबारी के घर डकैती के ठीक आठवें दिन अमरिया निवासी डॉ साबिर हुसैन के घर डकैती की पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है। घटना के खुलासे के लिए तीन टीमें गठित की गई हैं। एसओजी को भी लगाया गया है। लूटी गई कार के उत्तराखंड में मिलने के बाद पुलिस को बदमाशों के उत्तराखंड के होने की संभावनाएं हैं। एसओजी टीम के अलावा पुलिस की दो टीमें मंगलवार की देर रात ही उत्तराखंड चली गई थी। टीमें कार छोड़े जाने के स्थान का निरीक्षण कर बदमाशों की सुरागकशी कर रही है। हालांकि इन टीमों को अभी कोई ठोस क्लू नहीं मिल सके हैं।
24 घंटे में दो वारदातों से व्याप्त है दहशत
डॉक्टर के घर हुई घटना के पंद्रहवें घंटे पर की गई दूसरी कोशिश से यह साफ हो गया है कि बदमाशों में खाकी का कोई खौफ नहीं है। क्षेत्र में दहशत व्याप्त हैं। आलम यह है कि गांव के लोग छतों पर रात जागकर बिता रहे हैं। शाम ठलते ही लोगों के घरों के दरवाजे बंद हो रहे हैं। हाइवे को छोड़कर शाम होते ही गलियों में सन्नाटा पसर जाता है।
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बदमाश समझकर पकड़े दो नशेड़ी
थाना अमरिया के गांव हर्रायपुर में गांव के बाहर खेतों में दो युवक संदिग्ध हालात में खड़े देखे गए। सूचना मिलते ही ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने मामले की सूचना देकर युवकों की घेराबंदी कर उन्हें दबोच लिया। उनमें एक युवक तो गांव का दूसरा माधोटांडा क्षेत्र का था, जो नशे की हालत में थेे। ग्रामीणों ने उनकी पिटाई लगाई। बाद पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने युवकों को पकड़कर थाने लाई, जिन्हें बुधवार की सुबह छोड़ दिया।
घरेलू नौकरों के आसपास पुलिस के शक की सुई
पीलीभीत। पेट्रो कारोबारी आलोक गोयल के घर हुई डकैती मामले में पुलिस के शक की सुई कारोबारी के घरेलू नौकरों के आसपास घूम रही है। आठ दिन से अंधेरे में हाथपांव मार रही पुलिस अब हिस्ट्रीशीटर अपराधियों का इतिहास खंगाल रही है। घटना के खुलासे के लिए पुलिस ने अखबारों के हॉकरो, मजदूरों, रिक्शा चालकों और कारोबारी के नौकरों कई रोज तक हिरासत में रखकर पूछताछ की, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। पुलिस का मानना है कि घटना भले ही बाहरी बदमाशों ने घटित की हो लेकिन सूत्रधार घर का करीबी ही है। पुलिस नौकरों से पूछताछ के बाद भी संतुष्ट नहीं है।
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पेट्रो कारोबारी के घर डकैती के ठीक आठवें दिन अमरिया निवासी डॉ साबिर हुसैन के घर डकैती की पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है। घटना के खुलासे के लिए तीन टीमें गठित की गई हैं। एसओजी को भी लगाया गया है। लूटी गई कार के उत्तराखंड में मिलने के बाद पुलिस को बदमाशों के उत्तराखंड के होने की संभावनाएं हैं। एसओजी टीम के अलावा पुलिस की दो टीमें मंगलवार की देर रात ही उत्तराखंड चली गई थी। टीमें कार छोड़े जाने के स्थान का निरीक्षण कर बदमाशों की सुरागकशी कर रही है। हालांकि इन टीमों को अभी कोई ठोस क्लू नहीं मिल सके हैं।
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24 घंटे में दो वारदातों से व्याप्त है दहशत
डॉक्टर के घर हुई घटना के पंद्रहवें घंटे पर की गई दूसरी कोशिश से यह साफ हो गया है कि बदमाशों में खाकी का कोई खौफ नहीं है। क्षेत्र में दहशत व्याप्त हैं। आलम यह है कि गांव के लोग छतों पर रात जागकर बिता रहे हैं। शाम ठलते ही लोगों के घरों के दरवाजे बंद हो रहे हैं। हाइवे को छोड़कर शाम होते ही गलियों में सन्नाटा पसर जाता है।
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बदमाश समझकर पकड़े दो नशेड़ी
थाना अमरिया के गांव हर्रायपुर में गांव के बाहर खेतों में दो युवक संदिग्ध हालात में खड़े देखे गए। सूचना मिलते ही ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने मामले की सूचना देकर युवकों की घेराबंदी कर उन्हें दबोच लिया। उनमें एक युवक तो गांव का दूसरा माधोटांडा क्षेत्र का था, जो नशे की हालत में थेे। ग्रामीणों ने उनकी पिटाई लगाई। बाद पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने युवकों को पकड़कर थाने लाई, जिन्हें बुधवार की सुबह छोड़ दिया।
घरेलू नौकरों के आसपास पुलिस के शक की सुई
पीलीभीत। पेट्रो कारोबारी आलोक गोयल के घर हुई डकैती मामले में पुलिस के शक की सुई कारोबारी के घरेलू नौकरों के आसपास घूम रही है। आठ दिन से अंधेरे में हाथपांव मार रही पुलिस अब हिस्ट्रीशीटर अपराधियों का इतिहास खंगाल रही है। घटना के खुलासे के लिए पुलिस ने अखबारों के हॉकरो, मजदूरों, रिक्शा चालकों और कारोबारी के नौकरों कई रोज तक हिरासत में रखकर पूछताछ की, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। पुलिस का मानना है कि घटना भले ही बाहरी बदमाशों ने घटित की हो लेकिन सूत्रधार घर का करीबी ही है। पुलिस नौकरों से पूछताछ के बाद भी संतुष्ट नहीं है।