{"_id":"672a68a82da464fde1043b04","slug":"95-farmers-have-not-filled-the-declaration-form-yet-pilibhit-news-c-121-1-lkh1003-125107-2024-11-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pilibhit News: 95 फीसदी किसानों ने अब तक नहीं भरे घोषणा पत्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pilibhit News: 95 फीसदी किसानों ने अब तक नहीं भरे घोषणा पत्र
विज्ञापन
बीसलपुर। बीसलपुर समिति क्षेत्र में नया गन्ना सत्र शुरू हो गया है, लेकिन अब तक 95 फीसदी किसानों ने अपने घोषणा पत्र नहीं भरे हैं। इस वजह से विभागीय अधिकारी और कर्मचारी असमंजस में हैं।
सहकारी गन्ना विकास समिति क्षेत्र में 90 हजार से अधिक गन्ना किसान हैं। गन्ना अधिनियम के अनुसार नया गन्ना सत्र शुरू होने से पहले सभी किसानों के घोषणा पत्र हर हालत में भर जाने चाहिए। नियम यह भी है कि जिन किसानों के घोषणा पत्र न भरे जाएं। उनकी गन्ने की पर्चियां न जारी की जाएं।
इसके बावजूद 95 फीसदी किसानों ने अपने घोषणा पत्र नही भरे हैं, जबकि इस समिति क्षेत्र में गन्ना सत्र शुरू हो गया है। गन्ना विभाग केे स्थानीय अधिकारियों ने इस स्थिति के बारे में विभाग के आला अफसरों को अवगत करा दिया है। समझा जाता है कि ऐसी स्थिति में विभागीय उच्चाधिकारियों को घोषणा पत्र न भरने वाले किसानों को पर्चियां न दिए जाने के नियम को शिथिल करना पड़ेगा।
विज्ञापन
इन कारणों से किसान नहीं भर रहे घोषणा पत्र
काफी किसानों के पास एंड्राइड फोन नहीं है। उनके पास छोटे फोन हैं। छोटे फोन से घोषणा पत्र भरा जाना संभव नहीं है। ऐसे में किसान पैसा बचाने के लिए साइबर कैफे पर जाकर घोषणा पत्र नही भर रहे हैं।
रुचि न लिए जाने के कारण अधिकांश किसानों के घोषणा पत्र अब तक नहीं भर पाए हैं। वंचित किसानों को अतिशीघ्र घोषणा पत्र भरने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
-मनोज कुमार शर्मा ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक बीसलपुर
विज्ञापन
सहकारी गन्ना विकास समिति क्षेत्र में 90 हजार से अधिक गन्ना किसान हैं। गन्ना अधिनियम के अनुसार नया गन्ना सत्र शुरू होने से पहले सभी किसानों के घोषणा पत्र हर हालत में भर जाने चाहिए। नियम यह भी है कि जिन किसानों के घोषणा पत्र न भरे जाएं। उनकी गन्ने की पर्चियां न जारी की जाएं।
विज्ञापन
इसके बावजूद 95 फीसदी किसानों ने अपने घोषणा पत्र नही भरे हैं, जबकि इस समिति क्षेत्र में गन्ना सत्र शुरू हो गया है। गन्ना विभाग केे स्थानीय अधिकारियों ने इस स्थिति के बारे में विभाग के आला अफसरों को अवगत करा दिया है। समझा जाता है कि ऐसी स्थिति में विभागीय उच्चाधिकारियों को घोषणा पत्र न भरने वाले किसानों को पर्चियां न दिए जाने के नियम को शिथिल करना पड़ेगा।
विज्ञापन
इन कारणों से किसान नहीं भर रहे घोषणा पत्र
काफी किसानों के पास एंड्राइड फोन नहीं है। उनके पास छोटे फोन हैं। छोटे फोन से घोषणा पत्र भरा जाना संभव नहीं है। ऐसे में किसान पैसा बचाने के लिए साइबर कैफे पर जाकर घोषणा पत्र नही भर रहे हैं।
रुचि न लिए जाने के कारण अधिकांश किसानों के घोषणा पत्र अब तक नहीं भर पाए हैं। वंचित किसानों को अतिशीघ्र घोषणा पत्र भरने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
-मनोज कुमार शर्मा ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक बीसलपुर