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चूका के बाद पर्यटकों को लुभाता बाइफरकेशन
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,पीलीभीत
Updated Sat, 03 Nov 2018 09:20 PM IST
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टाइगर रिजर्व का पर्यटन सत्र नजदीक है। चूका बीच में की जा रही तैयारियों को भी अंतिम रूप दिया जा रहा है। पर्यटन सत्र के दौरान प्रदेश समेत अन्य राज्यों से भी पर्यटक यहां पहुंचते हैं। ऐसे में जंगल सफारी के दौरान बाइफरकेशन पहुंचने पर पर्यटकों के लिए बाइफरकेशन भी खासा आकर्षण का केंद्र बना रहता है।
महोफ रेंज में स्थिति जनपद का एकलौता इको टूरिज्म चूका बीच का पर्यटन सत्र 15 नवंबर से शुरू हो रहा है। गत वर्ष से चूका बीच की जिम्मेदारी वन निगम संभाल रहा है। इधर पर्यटन सत्र को लेकर चूका बीच में रंगाई-पुताई व हटों की मरम्मत के कार्य को अंतिम रूप लिया जा रहा है। वहीं टाइगर रिजर्व भी अपनी जिम्मेदारी को लेकर तैयार है। जंगल के कच्चे मार्गों को दुरुस्त करने के साथ मुस्ताबाद गेस्ट हाउस को भी दुरुस्त कर दिया गया है। इधर पर्यटन सत्र के दौरान प्रदेश से लेकर अन्य राज्यों से भी पर्यटक चूका बीच पहुंचकर आनंद लेते हैं। जंगल सफारी का आनंद लेने वाले पर्यटकों को चूका बीच के अलावा जंगल मार्ग के रास्तों पर घुमाया जाता है। इस सफारी के दौरान पर्यटक ब्रिटिश काल के बने बाइफरकेशन गेस्ट हाउस भी पहुंचते हैं। अब यह गेस्ट हाउस देखभाल सिंचाई विभाग के शारदा सागर हेडवर्क खंड के अधीन है। शारदा की मुख्य नहर को यहीं से कई नहरों में बांट दिया गया है। नहरों के जाल के निकट बना यह खूबसूरत गेस्ट हाउस पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन जाता है। ऐसे में एक बार फिर पर्यटन सत्र के दौरान चूका बीच के साथ बाइफरकेशन की रौनक भी बढ़ जाने की उम्मीद की जा रही है।
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महोफ रेंज में स्थिति जनपद का एकलौता इको टूरिज्म चूका बीच का पर्यटन सत्र 15 नवंबर से शुरू हो रहा है। गत वर्ष से चूका बीच की जिम्मेदारी वन निगम संभाल रहा है। इधर पर्यटन सत्र को लेकर चूका बीच में रंगाई-पुताई व हटों की मरम्मत के कार्य को अंतिम रूप लिया जा रहा है। वहीं टाइगर रिजर्व भी अपनी जिम्मेदारी को लेकर तैयार है। जंगल के कच्चे मार्गों को दुरुस्त करने के साथ मुस्ताबाद गेस्ट हाउस को भी दुरुस्त कर दिया गया है। इधर पर्यटन सत्र के दौरान प्रदेश से लेकर अन्य राज्यों से भी पर्यटक चूका बीच पहुंचकर आनंद लेते हैं। जंगल सफारी का आनंद लेने वाले पर्यटकों को चूका बीच के अलावा जंगल मार्ग के रास्तों पर घुमाया जाता है। इस सफारी के दौरान पर्यटक ब्रिटिश काल के बने बाइफरकेशन गेस्ट हाउस भी पहुंचते हैं। अब यह गेस्ट हाउस देखभाल सिंचाई विभाग के शारदा सागर हेडवर्क खंड के अधीन है। शारदा की मुख्य नहर को यहीं से कई नहरों में बांट दिया गया है। नहरों के जाल के निकट बना यह खूबसूरत गेस्ट हाउस पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन जाता है। ऐसे में एक बार फिर पर्यटन सत्र के दौरान चूका बीच के साथ बाइफरकेशन की रौनक भी बढ़ जाने की उम्मीद की जा रही है।
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