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स्वाधार गृह में चल रहा था मोटा बजट भुनाने का खेल
Updated Fri, 10 Aug 2018 12:21 AM IST
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स्वाधार गृह में चल रहा था मोटा बजट भुनाने का खेल
क्रासर....
प्रशासन की जांच में अभिलेखों में नाम बढ़ाकर लिखने की बात आई सामने
क्रासर....
डीएम बोले, कोई संवासिनी नहीं हुई है गायब, शासन करेगा कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। शहर में संचालित किए जा रहे स्वाधार गृह में मदद के नाम पर शासन से मोटा बजट भुनाने का खेल सालों से खुले आम किया जा रहा था। देवरिया कांड के बाद की गई छापेमारी से गड़बड़ी सामने आने के बाद जागे जिला प्रशासन ने भी अब इसकी पुष्टि की है। यह भी दावा किया गया है कि स्वाधार गृह में संवासिनियों के नाम बढ़ा-चढ़ाकर अभिलेखों में दर्ज किए गए थे। डीएम का कहना है कि वहां से कोई भी संवासिनी गायब नहीं है। इसकी विस्तृत रिपोर्ट बनाकर शासन को भेज दी गई है।
देवरिया कांड के बाद शासन के निर्देश पर मंगलवार दोपहर को सिटी मजिस्ट्रेट अर्चना द्विवेदी ने जिला अस्पताल के पीछे स्थित स्वाधार गृह में छापामारी की थी। यहां ढाई घंटे चली जांच के बाद कई खामियां सामने आई थीं। इसकी रिपोर्ट बनाकर डीएम को सौंपी गई। इस रिपोर्ट में बताया गया कि स्वाधार गृह के रजिस्टर में 30 संवासिनी के नाम दर्ज थे, लेकिन टीम को मौके पर सिर्फ सात मिली थीं। इसके अलावा खानपान और रहने की व्यवस्था में भी झोल पाया गया था जिसके बाद सवाल उठे थे कि आखिर 23 संवासिनी कहां चली गईं। जिला प्रशासन भी इसको लेकर सख्ते में आ गया था। डीएम ने अब इस पूरे मामले को लेकर स्थिति को स्पष्ट किया है। डीएम डा. अखिलेश मिश्र ने बताया कि छापामारी की रिपोर्ट बनाकर शासन को भेजी जा चुकी है। उन्होंने यह भी बताया कि स्वाधार गृह से कोई भी संवासिनी गायब नहीं है। स्वाधार गृह के कर्मचारियों ने गलत तरीके से बढ़ा चढ़ाकर रजिस्टर में नाम दर्ज कर रखे थे। कई नाम ऐसे भी थे, जो कि कभी स्वाधार गृह में आए ही नहीं थे। छापामारी शासन के निर्देश पर कराई गई थी इसलिए अब अग्रिम कार्रवाई भी शासन स्तर से ही की जाएगी।
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डीएम बोले, कोई संवासिनी नहीं हुई है गायब, शासन करेगा कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। शहर में संचालित किए जा रहे स्वाधार गृह में मदद के नाम पर शासन से मोटा बजट भुनाने का खेल सालों से खुले आम किया जा रहा था। देवरिया कांड के बाद की गई छापेमारी से गड़बड़ी सामने आने के बाद जागे जिला प्रशासन ने भी अब इसकी पुष्टि की है। यह भी दावा किया गया है कि स्वाधार गृह में संवासिनियों के नाम बढ़ा-चढ़ाकर अभिलेखों में दर्ज किए गए थे। डीएम का कहना है कि वहां से कोई भी संवासिनी गायब नहीं है। इसकी विस्तृत रिपोर्ट बनाकर शासन को भेज दी गई है।
देवरिया कांड के बाद शासन के निर्देश पर मंगलवार दोपहर को सिटी मजिस्ट्रेट अर्चना द्विवेदी ने जिला अस्पताल के पीछे स्थित स्वाधार गृह में छापामारी की थी। यहां ढाई घंटे चली जांच के बाद कई खामियां सामने आई थीं। इसकी रिपोर्ट बनाकर डीएम को सौंपी गई। इस रिपोर्ट में बताया गया कि स्वाधार गृह के रजिस्टर में 30 संवासिनी के नाम दर्ज थे, लेकिन टीम को मौके पर सिर्फ सात मिली थीं। इसके अलावा खानपान और रहने की व्यवस्था में भी झोल पाया गया था जिसके बाद सवाल उठे थे कि आखिर 23 संवासिनी कहां चली गईं। जिला प्रशासन भी इसको लेकर सख्ते में आ गया था। डीएम ने अब इस पूरे मामले को लेकर स्थिति को स्पष्ट किया है। डीएम डा. अखिलेश मिश्र ने बताया कि छापामारी की रिपोर्ट बनाकर शासन को भेजी जा चुकी है। उन्होंने यह भी बताया कि स्वाधार गृह से कोई भी संवासिनी गायब नहीं है। स्वाधार गृह के कर्मचारियों ने गलत तरीके से बढ़ा चढ़ाकर रजिस्टर में नाम दर्ज कर रखे थे। कई नाम ऐसे भी थे, जो कि कभी स्वाधार गृह में आए ही नहीं थे। छापामारी शासन के निर्देश पर कराई गई थी इसलिए अब अग्रिम कार्रवाई भी शासन स्तर से ही की जाएगी।
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