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परिषदीय विद्यालयों के 587 शौचालय बदहाल
ब्यूरो /पीलीभीत
Updated Tue, 20 Jun 2017 11:23 PM IST
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बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित परिषदीय विद्यालयों में कई शौचालय बदहाल पड़े हैं। कई स्कूलों में हैंडपंप ठप पड़े हैं। इसके चलते बच्चों और स्टाफ को खासी परेशानी हो रही है। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने बदहाल शौचालयों व हैंडपंपों को 31 जून तक दुरुस्त कराने के निर्देश दिए हैं। जिले में 1800 प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं। शासन द्वारा अनुरक्षण अनुदान के तहत प्रत्येक विद्यालय को मरम्मत आदि के लिए पांच-पांच हजार व रंगाई पुताई के लिए प्रत्येक को सात-सात हजार रुपए दिए जातेे हैं। यह धनराशि हर साल आवंटित की जाती है। इन सबके बावजूद परिषदीय स्कूल दुर्दशा का शिकार ही रहते हैं। विभागीय आंकड़ों पर गौर करें तो वर्तमान में प्राथमिक विद्यालयों में 431 व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 156 शौचालय बदहाल चल रहे हैं। इन स्कूलों की पेयजल व्यवस्था पर गौर करें तो जिले भर में करीब 246 हैंडपंप खराब चल रहे हैं। विभाग के मुताबिक इसमें 176 हैंडपंप रिबोर होने हैं, जबकि 70 हैंडपंपों की मरम्मत की जानी है। इन सबके चलते स्कूलों में पढने वाले बच्चों व शिक्षक शिक्षिकाओं को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पेयजल के लिए बच्चों को स्कूलों से बाहर जाना पड़ रहा है। बरसात का सीजन भी शुरू हो चुका है। जिले में कई ऐसे स्कूल हैं जहां बरसात में दिनों में भारी जलभराव हो जाता है। बच्चों व स्टाफ को कई-कई दिन पानी के बीच से होकर ही गुजरना पड़ता है। इधर डीएम शीतल वर्मा को जब स्कूलों की बदहाल हालत की जानकारी हुई तो उन्होंने मामले को गंभीरता से लेते हुए बदहाल शौचालयों व हैंडपंपों को हर हाल में 31 जुलाई तक दुरुस्त कराने के निर्देश दिए हैं। इस संबंध में जिला समन्वयक निर्माण पंकज शाक्य ने बताया कि शौचालयों व हैंडपंपों को सूची जिला पंचायत राज अधिकारी को भेज दी गई है। वहीं जिन स्कूलों में जलभराव होता है, उनका जल्द ही प्रपोजल तैयार कर भेजा जाएगा।
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