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बाघ ने दो मवेशियों को बनाया निवाला, एक को किया घायल
Updated Sat, 20 Oct 2018 07:44 PM IST
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तीन बाघों ने तीन मवेशियों को बनाया निवाला
आबादी क्षेत्र में दो बाघों ने अलग-अलग जगहों पर किए हमले, दहशत में लोग
अमर उजाला ब्यूरो
मझोला/अमरिया/गजरौला। टाइगर रिजर्व से बाहर आबादी क्षेत्र में घूम रहे बाघ अब अधिक सक्रिय होने लगे हैं। बिरैहनी चौकी क्षेत्र के अंतर्गत क्षेत्र में उस समय दहशत फैल गई जब आबादी क्षेत्र के निकट चहलकदमी कर रहे दो बाघों ने अलग-अलग हमला कर एक आवारा सांड़ और भैंस को निवाला बना लिया। वहीं एक भैंस पर हमला कर उसे घायल कर दिया। उधर, माला जंगल से बाहर निकला बाघ शुक्रवार रात गजरौला क्षेत्र के सहराई इलाके में जा पहुंचा। यहां बाघ ने किसान लक्खा सिंह के फार्म हाउस के निकट घूम रहे सांड़ पर हमला कर उसे खा लिया।
अमरिया तहसील क्षेत्र में लंबे समय से बाघ का कुनबा प्रवास किए है। मौसम के बदलाव के साथ बाघ की सक्रियता बढ़ने लगी है। शनिवार तड़के एक बाघ बिरैहनी चौकी क्षेत्र के कटैय्या घाट के समीप पहुंच गया। यहां बाघ ने खेतों पर घूम रहे एक आवारा सांड़ को अपना निवाला बना लिया। वहीं कुछ दूरी पर स्थित बिरैहनी कैलाश नदी के समीप क्षेत्र में सक्रिय दूसरा बाघ जा पहुंचा। यहां भी खेत पर घास चर रहीं दो भैंसों पर बाघ ने हमला कर दिया। बाघ के हमले में एक भैंस ने मौके पर दम तोड़ दिया। दूसरी भैंस गंभीर रूप से घायल हो गई। हालांकि बाघ यहां से कैलाश नदी की ओर आगे निकल गया। यहां खेत पर पहुंचे कैटय्या गांव के प्रधान मल्लू ने भैंसों को पड़ा देखा तो इसकी सूचना गांव में दी। सूचना के बाद गांव में हड़कंप मच गया। भारी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। प्रधान की सूचना के बाद वन दरोगा देवऋषी सक्सेना वनकर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे और जानकारी जुटाने के बाद घायल भैंस को पास के फार्म हाउस पहुंचाया। वन दरोगा देवऋषी ने बताया कि मौके पर बाघ के पगचिह्न पाए गए हैं। घायल भैंस का इलाज कराया जा रहा है।
माला जंगल से बाहर निकला बाघ शुक्रवार रात गजरौला क्षेत्र के सहराई इलाके में जा पहुंचा। यहां बाघ ने किसान लक्खा सिंह के फार्म हाउस के निकट घूम रहे सांड़ पर हमला कर दिया। बाघ सांड़ को जकी खां के गन्ने के खेत में खींच ले गया और आधा शव खा लिया। शनिवार सुबह फार्म स्वामी ने सांड़ का शव देखा। आसपास बाघ के पगचिह्न भी मिले हैं।
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उत्तराखंड वन विभाग भी मौके पर पहुंचा
मामला दो प्रदेश के बार्डर के होने पर उत्तराखंड के बराकोली वन रेंज के वन दरोगा नयन सिंह नेगी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। अनिल बहुगुणा वनरक्षक भी मौके पर पहुंचे। यहां स्थिति का जायजा लेने के साथ ग्रामीण से बातचीत कर सतर्क रहने की सलाह दी है।
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तीन बाघों ने तीन मवेशियों को बनाया निवाला
आबादी क्षेत्र में दो बाघों ने अलग-अलग जगहों पर किए हमले, दहशत में लोग
अमर उजाला ब्यूरो
मझोला/अमरिया/गजरौला। टाइगर रिजर्व से बाहर आबादी क्षेत्र में घूम रहे बाघ अब अधिक सक्रिय होने लगे हैं। बिरैहनी चौकी क्षेत्र के अंतर्गत क्षेत्र में उस समय दहशत फैल गई जब आबादी क्षेत्र के निकट चहलकदमी कर रहे दो बाघों ने अलग-अलग हमला कर एक आवारा सांड़ और भैंस को निवाला बना लिया। वहीं एक भैंस पर हमला कर उसे घायल कर दिया। उधर, माला जंगल से बाहर निकला बाघ शुक्रवार रात गजरौला क्षेत्र के सहराई इलाके में जा पहुंचा। यहां बाघ ने किसान लक्खा सिंह के फार्म हाउस के निकट घूम रहे सांड़ पर हमला कर उसे खा लिया।
अमरिया तहसील क्षेत्र में लंबे समय से बाघ का कुनबा प्रवास किए है। मौसम के बदलाव के साथ बाघ की सक्रियता बढ़ने लगी है। शनिवार तड़के एक बाघ बिरैहनी चौकी क्षेत्र के कटैय्या घाट के समीप पहुंच गया। यहां बाघ ने खेतों पर घूम रहे एक आवारा सांड़ को अपना निवाला बना लिया। वहीं कुछ दूरी पर स्थित बिरैहनी कैलाश नदी के समीप क्षेत्र में सक्रिय दूसरा बाघ जा पहुंचा। यहां भी खेत पर घास चर रहीं दो भैंसों पर बाघ ने हमला कर दिया। बाघ के हमले में एक भैंस ने मौके पर दम तोड़ दिया। दूसरी भैंस गंभीर रूप से घायल हो गई। हालांकि बाघ यहां से कैलाश नदी की ओर आगे निकल गया। यहां खेत पर पहुंचे कैटय्या गांव के प्रधान मल्लू ने भैंसों को पड़ा देखा तो इसकी सूचना गांव में दी। सूचना के बाद गांव में हड़कंप मच गया। भारी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। प्रधान की सूचना के बाद वन दरोगा देवऋषी सक्सेना वनकर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे और जानकारी जुटाने के बाद घायल भैंस को पास के फार्म हाउस पहुंचाया। वन दरोगा देवऋषी ने बताया कि मौके पर बाघ के पगचिह्न पाए गए हैं। घायल भैंस का इलाज कराया जा रहा है।
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माला जंगल से बाहर निकला बाघ शुक्रवार रात गजरौला क्षेत्र के सहराई इलाके में जा पहुंचा। यहां बाघ ने किसान लक्खा सिंह के फार्म हाउस के निकट घूम रहे सांड़ पर हमला कर दिया। बाघ सांड़ को जकी खां के गन्ने के खेत में खींच ले गया और आधा शव खा लिया। शनिवार सुबह फार्म स्वामी ने सांड़ का शव देखा। आसपास बाघ के पगचिह्न भी मिले हैं।
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उत्तराखंड वन विभाग भी मौके पर पहुंचा
मामला दो प्रदेश के बार्डर के होने पर उत्तराखंड के बराकोली वन रेंज के वन दरोगा नयन सिंह नेगी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। अनिल बहुगुणा वनरक्षक भी मौके पर पहुंचे। यहां स्थिति का जायजा लेने के साथ ग्रामीण से बातचीत कर सतर्क रहने की सलाह दी है।