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ठोकरों से 50 मीटर दूर रह गई शारदा की मुख्यधार
Updated Wed, 08 Aug 2018 12:14 AM IST
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ठोकरों से 50 मीटर दूर रह गई शारदा की मुख्यधार
क्रासर...
नदी के आगोश में समाई और पांच एकड़ भूमि
अमर उजाला ब्यूरो
माधोटांडा (पीलीभीत)। बढ़े जलस्तर के साथ ही धुरिया पलिया में कृषि भूमि का कटान करते हुए नदी की मुख्य धार ने वहां वर्षों पूर्व बनाई गई ठोकरों को निशाने पर ले लिया है। नदी की मुख्य धार व ठोकर के बीच मात्र 50 मीटर का फासला रह जाने से ग्रामीण चिंतित हैं। बीते 24 घंटों में नदी यहां छह किसानों की पांच एकड़ कृषि भूमि को भी मय लहलहाती फसल समेत निगल चुकी है। ठोकरों को बचाने के लिए बाढ़ खंड के अभियंता यहां जियो बैग लगवाने का कार्य करा रहे हैं। रमनगरा बुझिया में भी नदी का कटान जारी है।
15 दिनों से शारदा का विकराल रूप धुरिया पलिया के किसानों के लिए मुसीबत बना है। नदी यहां किसानों की कृषि भूमि का कटान करते हुए आबादी की ओर लगातार आगे बढ़ रही है। 24 घंटों में किसान सुल्लखन सिंह, हरवंश सिंह व रंजीत सिंह की एक-एक एकड़ गन्ने, दयाल सिंह की एक एकड़ धान, महंगा सिंह व मेवा सिंह की आधा एकड़ धान की फसल कटान के चलते नदी की भेंट चढ़ गई। यहां नदी कटान कर लगातार आबादी की ओर बढ़ रही है, इसके चलते ग्रामीण खासे भयभीत हैं।
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ठोकरों से 50 मीटर दूरी पर नदी की धार, खतरा बढ़ा
धुरिया पलिया में कृषि भूमि का कटान कर आगे बढ़ते हुए नदी आबादी के नजदीक पहुंच चुकी है। इसके चलते यहां कटान रोकने को बीस वर्ष पहले बनी पत्थर की ठोकरें पर भी खतरा मंडराने लगा है। नदी की मुख्य धार व पत्थर की बनी ठोकरों से मात्र 50 मीटर की दूर रह गई है। इससे आबादी पर और खतरा मंडराने लगा है।
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नदी पर रख रहे नजर
धुरिया पलिया में नदी पत्थर की ठोकरों को क्षतिग्रस्त न करे, इसके लिए जियो बैग में रेत भरवाकर ठोकर के आगे डलवाए जा रहे हैं। नदी की हर स्थिति पर नजर रखी जा रही है। अधिकारियों के निर्देश पर कार्य कराया जाएगा।- ध्रुव नारायण शुक्ला, सहायक अभियंता, बाढ़ खंड
क्रासर...
नदी के आगोश में समाई और पांच एकड़ भूमि
अमर उजाला ब्यूरो
माधोटांडा (पीलीभीत)। बढ़े जलस्तर के साथ ही धुरिया पलिया में कृषि भूमि का कटान करते हुए नदी की मुख्य धार ने वहां वर्षों पूर्व बनाई गई ठोकरों को निशाने पर ले लिया है। नदी की मुख्य धार व ठोकर के बीच मात्र 50 मीटर का फासला रह जाने से ग्रामीण चिंतित हैं। बीते 24 घंटों में नदी यहां छह किसानों की पांच एकड़ कृषि भूमि को भी मय लहलहाती फसल समेत निगल चुकी है। ठोकरों को बचाने के लिए बाढ़ खंड के अभियंता यहां जियो बैग लगवाने का कार्य करा रहे हैं। रमनगरा बुझिया में भी नदी का कटान जारी है।
15 दिनों से शारदा का विकराल रूप धुरिया पलिया के किसानों के लिए मुसीबत बना है। नदी यहां किसानों की कृषि भूमि का कटान करते हुए आबादी की ओर लगातार आगे बढ़ रही है। 24 घंटों में किसान सुल्लखन सिंह, हरवंश सिंह व रंजीत सिंह की एक-एक एकड़ गन्ने, दयाल सिंह की एक एकड़ धान, महंगा सिंह व मेवा सिंह की आधा एकड़ धान की फसल कटान के चलते नदी की भेंट चढ़ गई। यहां नदी कटान कर लगातार आबादी की ओर बढ़ रही है, इसके चलते ग्रामीण खासे भयभीत हैं।
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ठोकरों से 50 मीटर दूरी पर नदी की धार, खतरा बढ़ा
धुरिया पलिया में कृषि भूमि का कटान कर आगे बढ़ते हुए नदी आबादी के नजदीक पहुंच चुकी है। इसके चलते यहां कटान रोकने को बीस वर्ष पहले बनी पत्थर की ठोकरें पर भी खतरा मंडराने लगा है। नदी की मुख्य धार व पत्थर की बनी ठोकरों से मात्र 50 मीटर की दूर रह गई है। इससे आबादी पर और खतरा मंडराने लगा है।
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नदी पर रख रहे नजर
धुरिया पलिया में नदी पत्थर की ठोकरों को क्षतिग्रस्त न करे, इसके लिए जियो बैग में रेत भरवाकर ठोकर के आगे डलवाए जा रहे हैं। नदी की हर स्थिति पर नजर रखी जा रही है। अधिकारियों के निर्देश पर कार्य कराया जाएगा।- ध्रुव नारायण शुक्ला, सहायक अभियंता, बाढ़ खंड