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...तो विकास भवन में भी छलकाए जाते हैं जाम
Updated Mon, 19 Mar 2018 09:15 PM IST
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विकास भवन में भी छलकते हैं जाम
छत पर पड़ी शराब की बोतलों से उठे कई सवाल, अफसर खामोश
19पीबीटीपी-7,8
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। अभी चंद दिन पहले बिजली विभाग के बरखेड़ा उपकेंद्र में कर्मचारियों के जाम छलकाने का वीडियो वायरल होने के बाद एक कर्मचारी को निलंबित करने कर दिया गया था। यह मामला प्रकाश में आने के बाद अन्य सरकारी कार्यालयों को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई थी। अफसर भले ही इसे स्वीकार न करें, लेकिन विकास भवन से भी कुछ ऐसी ही तस्वीर निकलकर सामने आ रही हैं। विकास भवन की छत पर शराब की खाली बोतलेें, डिस्पोजल, सिगरेट की डिब्बी और गुटखे की खाली रेपर पड़े है। सवाल यह है कि यहां पर शराब किसने पी होगी?
विकास भवन परिसर में सीसीटीवी कैमरे से लैस हुआ तो जाम छलकाने का ठिकाना ही बदल गया। कर्मचारियों ने छत को मयखाना बना दिया है। एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि विकास भवन में सीसीटीवी कैमरे से निगरानी शुरू होने पर कर्मचारियों ने छत को मयखाना बना रखा है। अधिकारियों के जाने पर स्थानीय कर्मचारी छिपते-छिपाते जाम छलकाने के लिए निकल जाते हैं। इतना ही नहीं शराब पीने के बाद सबूत मिटाने के लिए शराब की बोतल, सिगरेट की डिब्बी आदि में आग लगा दी जाती है इसका अंदाजा तस्वीरों को देखकर लगाया जा सकता है।
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टालमटोल कर गए सीडीओ
-छत पर शराब पीने की बात पर सीडीओ टालमटोल कर गए। बताया गया इसकी जिम्मेदार डीडीओ के देखरेख में प्रशासनिक अधिकारी की है। विभागीय सूत्र दावा करते हैं छत को मयखाना बना देने की जानकारी होने पर भी प्रशासनिक अधिकारी कर्मचारियों को नजर अंदाज कर देते हैं। ऐसे में सवाल यह खड़ा है कि छत पर शराब पीने और धूम्रपान का सेवन करने वाला कौन होगा।
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वर्जन-
विकास भवन की छत पर शराब पीना और धूम्रपान करना शर्मनाक है। जानकारी मिली है निश्चित ही इस मामले की जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
रमेश कुमार, प्रशासनिक अधिकारी
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विकास भवन में भी छलकते हैं जाम
छत पर पड़ी शराब की बोतलों से उठे कई सवाल, अफसर खामोश
19पीबीटीपी-7,8
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। अभी चंद दिन पहले बिजली विभाग के बरखेड़ा उपकेंद्र में कर्मचारियों के जाम छलकाने का वीडियो वायरल होने के बाद एक कर्मचारी को निलंबित करने कर दिया गया था। यह मामला प्रकाश में आने के बाद अन्य सरकारी कार्यालयों को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई थी। अफसर भले ही इसे स्वीकार न करें, लेकिन विकास भवन से भी कुछ ऐसी ही तस्वीर निकलकर सामने आ रही हैं। विकास भवन की छत पर शराब की खाली बोतलेें, डिस्पोजल, सिगरेट की डिब्बी और गुटखे की खाली रेपर पड़े है। सवाल यह है कि यहां पर शराब किसने पी होगी?
विकास भवन परिसर में सीसीटीवी कैमरे से लैस हुआ तो जाम छलकाने का ठिकाना ही बदल गया। कर्मचारियों ने छत को मयखाना बना दिया है। एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि विकास भवन में सीसीटीवी कैमरे से निगरानी शुरू होने पर कर्मचारियों ने छत को मयखाना बना रखा है। अधिकारियों के जाने पर स्थानीय कर्मचारी छिपते-छिपाते जाम छलकाने के लिए निकल जाते हैं। इतना ही नहीं शराब पीने के बाद सबूत मिटाने के लिए शराब की बोतल, सिगरेट की डिब्बी आदि में आग लगा दी जाती है इसका अंदाजा तस्वीरों को देखकर लगाया जा सकता है।
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टालमटोल कर गए सीडीओ
-छत पर शराब पीने की बात पर सीडीओ टालमटोल कर गए। बताया गया इसकी जिम्मेदार डीडीओ के देखरेख में प्रशासनिक अधिकारी की है। विभागीय सूत्र दावा करते हैं छत को मयखाना बना देने की जानकारी होने पर भी प्रशासनिक अधिकारी कर्मचारियों को नजर अंदाज कर देते हैं। ऐसे में सवाल यह खड़ा है कि छत पर शराब पीने और धूम्रपान का सेवन करने वाला कौन होगा।
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वर्जन-
विकास भवन की छत पर शराब पीना और धूम्रपान करना शर्मनाक है। जानकारी मिली है निश्चित ही इस मामले की जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
रमेश कुमार, प्रशासनिक अधिकारी