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साधकों का यूटर्न, आसाराम पर पाबंदी की मांग
अमर उजाला/ शाहजहांपुर
Updated Fri, 04 Oct 2013 02:10 PM IST
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आसाराम के पुराने साधकों समेत अन्य नागरिकों ने कलक्ट्रेट पर धरना देकर प्रदेश में आसाराम के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है। इस संबंध में मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन भी जिलाधिकारी को दिया गया।
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मुख्यमंत्री को भेजे गए ज्ञापन में कहा गया है कि शहर की नाबालिग बेटी से दुराचार करने के आरोपी आसाराम का प्रदेश में पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाया जाए।
इसके साथ ही उनके सभी आश्रमों को बंद कराकर सरकार उन्हें अपने कब्जे में ले और उनमें स्कूल खोले, आश्रम में डटे आसाराम के सेवादारों और समर्थकों को वहां से निकाला जाए।
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पीड़ित बिटिया और उसके भाई का स्कूल में प्रवेश दिलाकर उनकी पढ़ाई का बंदोबस्त घर पर ही किया जाए। साथ ही आसाराम के परिवार और संपत्ति की सीबीआई जांच कराई जाए, आसाराम के पुत्र नारायण साईं और दत्तक पुत्र सुरेशानंद की संपत्ति की भी जांच कराई जाए।
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धरना देने वालों में संयुक्त व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष प्रकाश चंद्र गुप्ता, प्रदीप मौर्या, राम शंकर शर्मा, प्रेमचंद्र, किशन कुमार, हरिराम मिश्रा, इंद्रपाल, कन्हैया लाल, गया प्रसाद, ऋषिपाल सिंह, शिवनाथ आदि शामिल रहे।
...तभी तो आसाराम के पीछे पड़ा हूं
बिटिया के पिता पर आसारामद्वारा लगाए गए आरोप कि ‘लड़की ही नहीं उसके पिता पर भी है भूत-प्रेत का साया’ है। पर पीड़िता के पिता ने चुटकी लेते हुए कहा कि उन पर भूत-प्रेत का साया नहीं, बल्कि वह स्वयं भूत-प्रेत हैं, तभी को आसाराम के पीछे पड़े हैं।