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आजम खां को हाईकोर्ट का एक और नोटिस
अमर उजाला, इलाहाबाद
Updated Fri, 11 Oct 2013 12:48 AM IST
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मुजफ्फरनगर दंगे में पुलिसकर्मियों के निलंबन और स्थानांतरण के मुद्दे पर सरकार और मंत्री आजम खां घिरते जा रहे हैं।
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बृहस्पतिवार को हाईकोर्ट ने डिप्टी एसपी अरुण सिरोही के निलंबन पर रोक लगाते हुए मंत्री आजम खां और सरकार को नोटिस जारी कर दिया है।
हाईकोर्ट इससे पहले दारोगाओं के निलंबन और सिपाहियों के स्थानांतरण पर भी दोनों को नोटिस दे चुका है।
न्यायमूर्ति राजेश कुमार और न्यायमूर्ति एमसी त्रिपाठी की खंडपीठ ने अरुण सिरोही की याचिका पर आजम और सरकार को जवाब दाखिल करने के लिए चार सप्ताह की मोहलत दी है।
मुजफ्फरनगर के खतौली सर्किल में क्षेत्राधिकारी रहे अरुण सिरोही का पक्ष रखते हुए अधिवक्ता विजय गौतम ने कहा कि पुलिस ने कवाल में दो युवकों गौरव और सचिन की हत्या के बाद सात आरोपियों को गिरफ्तार किया था।
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मंत्री आजम खां ने इनको रिहा करने के लिए दबाव डाला लेकिन तत्कालीन डीएम और एसएसपी के इनकार करने के बाद उसी रात उनका तबादला कर दिया गया। इसके बाद आजम खां के कहने पर सातों आरोपियों को छोड़ दिया गया।
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उनके छोड़े जाने के कारण ही दंगा भड़का। इस घटना के समय अरुण सिरोही ड्यूटी पर भी नहीं थे। याची ने अपना पक्ष मजबूत करने के लिए ड्यूटी चार्ट की प्रतियां भी न्यायालय में प्रस्तुत कीं।
इसके बाद प्रमुख सचिव गृह के आदेश से 11 सितंबर को उसे निलंबित कर दिया गया। निलंबन राजनीतिक कारणों से किया गया है।
कोर्ट ने 11 सितंबर के निलंबन आदेश पर रोक लगाते हुए आजम खान और प्रदेश सरकार को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। याचिका पर छह सप्ताह के बाद सुनवाई होगी।