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रियायती रेलवे टिकट पर अब ब्रेक जर्नी संभव नहीं
कानपुर/स्टाफ रिपोर्टर
Updated Wed, 10 Apr 2013 12:50 PM IST
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रेलवे ने विकलांगों, कैंसर मरीजों और शहीद जवानों की विधवाओं को यात्रा में दी जाने वाली रियायत में संशोधन किया है। इसके मुताबिक अब रियायती आरक्षित यात्रा टिकट अब उच्च श्रेणी में कनवर्ट नहीं हो सकेगा।
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साथ ही ऐसे लोगों को जारी किए जाने वाले रियायत फार्म पर रिटर्न टिकट भी यात्रा तिथि के 10 दिन के भीतर बनेगा। अभी तक ये टिकट यात्रा तिथि के एक महीने पहले तक जारी होते थे। यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है।
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एनसीआर के पीआरओ अमित मालवीय ने बताया कि अब एक टिकट पर एक ही रियायत मिलेगी। उदाहरण के लिए यदि कोई यात्री कैंसर पीड़ित हैं और वह सीनियर सिटीजन हैं तो उन्हें सिर्फ कैंसर मरीज को मिलने वाली छूट ही मिलेगी।
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रियायत टिकट पर ब्रेक जर्नी की सुविधा भी नहीं मिलेगी। अभी तक रियायती टिकट पर 500 किलोमीटर के बाद ब्रेक जर्नी की सुविधा थी।
इतनी छूट मिलेगी (प्रतिशत में)
बीमारी एसी-1 एसी-2 एसी-3 स्लीपर जनरल
विकलांग, अनुचर सहित (हाथ, पैर) 50 50 75 75 75
गूंगा, बहरा, अनुचर सहित 50 50 75 75 75
कैंसर 50 50 मुफ्त मुफ्त मुफ्त
थैलासीमिया 50 50 75 75 75
दृष्टिहीन, अनुचर सहित 50 50 75 75 75
हार्ट पेशेंट (सर्जरी के लिए यात्रा पर) 50 50 75 75 75
गुर्दा, टीबी, कुष्ठ रोगी, अनुचर सहित 50 50 75 75 75
शहीद जवानों की विधवाओं को ------ ------ 40 40 40
नोट- यात्री के साथ चलने वाले अनुचर को भी समान छूट। बीमारी के प्रमाणपत्र की मूल प्रति आरक्षण के समय देना जरूरी। यह छूट केवल भाड़े में मिलेगी। मेल, एक्सप्रेस और आरक्षण चार्ज पूरा देना होगा।